शनिवार, 22 जून 2013
baboo pai
संतरा अपने बेटे नै बोली -- बेटा सेब खाले |
बेटा --ना |
माँ-- केला खाले |
बेटा --ना
माँ-- ईमरती खा ले |
बेटा -- ना
माँ( छोह मैं आ के बोली -- तूँ कती अपने बाबू रमलू पै गया है |
चप्पल खा के ए मानैगा |
GOONTHA
दो औरत कई दिनों मैं फेटी ,दोनू पीहर जारी थी |
ए सरतो तनै अपने ढोलू का गूँठा चूसना क्युकर छुटवाया?
भरतो नै बूझ लिया |
सरतो बोली-- किमै हाँगा कोणी लाग्या |
उसकी निकर माडी सी ढीली सिमवा दी थी |
वो उसे के पकड़ के ठीक करण मैं लग्या रह था |
बुधवार, 12 जून 2013
रमलू नै एक बै एक पॉलट्री फार्म खोल लिया । फेर रमलू अपनी मुर्गियों के द्वारा कम अंडे दिए जाण करकै परेशान था। एक दिन उसनै सारी मुर्गियों ताहीं हुक्म दिया अक काल तैं मुर्गियां ज्यादा अंडे देवैँगी ।
मालिक :अगर तुम लोगों ने कल से 2-2 अंडे नहीं दिए तो कल से तुम्हारा दाना पानी बंद
मुर्गियाँ कसूती डरगी …. सारियाँ नै 2-2 अंडे दिए पर एक नै बस एकै अंडा दिया।
मालिक: तनै 1 अंडा क्यूं दिया सै ? तनै मेरा डर नहीं ?
.
.जवाब मिल्या : मालिक ! यो थारा डर करकै ए तो दिया सै … नातै मैं तो मुर्गा सूँ ।
मालिक :अगर तुम लोगों ने कल से 2-2 अंडे नहीं दिए तो कल से तुम्हारा दाना पानी बंद
मुर्गियाँ कसूती डरगी …. सारियाँ नै 2-2 अंडे दिए पर एक नै बस एकै अंडा दिया।
मालिक: तनै 1 अंडा क्यूं दिया सै ? तनै मेरा डर नहीं ?
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.जवाब मिल्या : मालिक ! यो थारा डर करकै ए तो दिया सै … नातै मैं तो मुर्गा सूँ ।
मंगलवार, 11 जून 2013
विश्वास उठ लिया
एक दिन, एक चोर रमलू के घराँ चोरी करण आग्या . तिजोरी पै लिख्या था ‘तोड़ने की जरूरत नहीं सै …
.
564 बटन दबा दयो , आपै खुल जावैगी …
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ज्योंहे चोर नै 564 बटन दबाया, थोड़ी सी वार मैं पुलिस आगी …
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चोर बुड बुड़ाया : माँ कसम, आज इंसानियत पर तैं विश्वास उठ लिया
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564 बटन दबा दयो , आपै खुल जावैगी …
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ज्योंहे चोर नै 564 बटन दबाया, थोड़ी सी वार मैं पुलिस आगी …
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चोर बुड बुड़ाया : माँ कसम, आज इंसानियत पर तैं विश्वास उठ लिया
सोमवार, 10 जून 2013
दारू अर रमलू
रमलू बहोत घनी दारू पिया करै था । जिब देखो जिब नशे मैं धुत पावै । एक दिन दुखी हो कै उसकी घर आली धमलो नै अपना बाबू फते बुला लिया अर बोली --बाबू इसकी तो किसे बख्त बी दारू कोण्या उतरती । फते बी समझावन लाग्या --बेटा रमलू ! तूँ दारू मत पीया कर । रमलू बोल्या --ठीक सै , मैं दारू कोण्या पीऊँ पर तमनै मेरी तीन शर्त माननी होँगी । फते बोल्या --बेटा बता तेरी तीन शर्त कौनसी सैं ? रामलू बोल्या --एक तो मैं जिस दिन कोए मेहमान आवैगा उस दिन दारू पीऊँगा । फते अर धमलो नै सोच्ची अक चलो कोए बात ना मेहमान के रोज रोज आवैंगे । न्यूँ सोच कै रमलू तिं बोले --ठीक सै । इब दूसरी शर्त बता । रमलू बोल्या-जिब ब्याह शादी होगी एक उस दिन पीऊँगा । वे दोनों बोले ठीक सै या भी मांनी । तीसरी और बता -- रमलू बोल्या --एक मेरा जिब जी करैगा जिद पीऊँगा ।
बात समझ कोन्या आई
एक बर रमलू कमलू थमलू ठमलू अर धमलू अपने यार फते के ब्याह मैं बरात मैं चाले गए । सुसराड़ मैं खातिर दारी मैं कमू वेटर शिकंजी के गिलास भर भर कै बरातियां ताहीं प्यावण लाग रया था । कमू नै उन पांचूआं ताहीं एक एक गिलास भर भर कै शिकंजी का दे दिया । रमलू नै शिकंजी पी कै गिलास सीधा धर दिया अर ,कमलू नै अपना गिलास मूंधा धर दिया अर थमलू नै टेढ़ा गेड़ दिया । कमू वेटर उन ताहीं बोल्या --थम तीनूँआं नै गिलास न्यारे न्यारे ढाल क्यूं धरे सै ? रमलू -- मेरा सीधा गिलास धरण का मतलब यूं सै अक इसमें ओर शिकंजी घाल दयो । कमलू -- मेरा मूंधा धारण का मतलब यो था अक मनै ओर शिकंजी कोण्या चाहिए । थमलू बोल्या -- मेरा टेढ़ा गिलास धरण का मतलब यो था अक बचरी हो तै घाल दे नहीं तो रहण दे । आई किमै समझ मैं ?
YA KE BAAT HUI
या के बात हुई
रमलू पढ़ाई मैं रद्दी था । आठवीं जमात मैं चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।
रमलू पढ़ाई मैं रद्दी था । आठवीं जमात मैं चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।
रविवार, 9 जून 2013
किस्सा जल सै यो तो निरा पाणी सै
रमलू जमा अनपढ़ । एक दिन शहर मैं चाल्या गया । उ डै एक आदमी जल सेवा करण लाग रया था । वो मानस रमलू तैं बोल्या --ले भाई जल पी ले । रमलू नै बेर नहीं था अक जल के बला हो सै । रामलू नै सोच्ची अक पी कै तो देख ल्यूं अक यो जल के बल सै । रामलू नै उस मानस धोरै एक गिलास जल ले लिया अर दो तीन घूँट भर कै बोल्या --जा मेरे यार यो किस्सा जल सै यो तो निरा पाणी सै ।
सोमवार, 3 जून 2013
samachar
समाचार
रमलू अपने खेत मैं पाणी लावण लाग रया था । रेडियो चला कै डोले पै धर राख्या था । रेडियों मैं एक औरत समाचार सुनावण लागरी थी अक दिल्ली मैं तूफ़ान आग्या अर कलकते मैं बाढ़ आगी । इतने मैं रमलू नै देख्या अक गैल सी नै बंधा टूट्या पड़या सै अर पाणी फुल्ले के खेत मैं जावण लाग रया सै । रमलू नै गुस्सा आग्या अर रेडियो कै ऊपर खींच कै कस्सी मारी आर नयों बोल्या -- झकोण इतनी दूर दूर की बतावान लागरी सै यो गैल नै बंधा टूट्या पड़या इसकी बतान्दी हाण के तेरा मुंह दुखै था ।
रमलू अपने खेत मैं पाणी लावण लाग रया था । रेडियो चला कै डोले पै धर राख्या था । रेडियों मैं एक औरत समाचार सुनावण लागरी थी अक दिल्ली मैं तूफ़ान आग्या अर कलकते मैं बाढ़ आगी । इतने मैं रमलू नै देख्या अक गैल सी नै बंधा टूट्या पड़या सै अर पाणी फुल्ले के खेत मैं जावण लाग रया सै । रमलू नै गुस्सा आग्या अर रेडियो कै ऊपर खींच कै कस्सी मारी आर नयों बोल्या -- झकोण इतनी दूर दूर की बतावान लागरी सै यो गैल नै बंधा टूट्या पड़या इसकी बतान्दी हाण के तेरा मुंह दुखै था ।
माला मॉल होज्यागा
माला मॉल होज्यागा
रमलू नै गाम मैं दवाईयां की नयी नयी दुकान करी थी । एक दिन उसकी दुकान पै ठमलू आया अर बोल्या --- रमलू मेरे पेट मैं गैस घनी बनै सै । कोए बढ़िया सी दवाई दे दे नै । रमलू --या तो बहोत आच्छी बात सै ठमलू । आज काल गैस बहोत महंगी होरी सै तूँ गैस के सिलंडर भर कै बेच दिया कर । माला माल होज्यागा । ठमलू --रै रमलू मजाक की बात कोन्या । मेरे पेट मैं गैस के गोले से पाटें सैं । रमलू बोल्या --यो तो और बी चौखा ये गोले युद्ध मैं काम आज्यांगे ।
रमलू नै गाम मैं दवाईयां की नयी नयी दुकान करी थी । एक दिन उसकी दुकान पै ठमलू आया अर बोल्या --- रमलू मेरे पेट मैं गैस घनी बनै सै । कोए बढ़िया सी दवाई दे दे नै । रमलू --या तो बहोत आच्छी बात सै ठमलू । आज काल गैस बहोत महंगी होरी सै तूँ गैस के सिलंडर भर कै बेच दिया कर । माला माल होज्यागा । ठमलू --रै रमलू मजाक की बात कोन्या । मेरे पेट मैं गैस के गोले से पाटें सैं । रमलू बोल्या --यो तो और बी चौखा ये गोले युद्ध मैं काम आज्यांगे ।
धोखा होग्या
धोखा होग्या
रमलू कमलू रोहतक मैं पढ्या करते । भरत कालोनी मैं रहया करते । एक दिन रमलू अपने याड़ी कमलू तैं बोल्या ---यार कमलू आज तो मेरी गेल्याँ कसूता धोखा होग्या । कमलू ---इसी के बात होगी भाई ? रमलू बोल्या -- मनै मेरे मौजे लयावन खातर घर तैं पीसे मंगवाए थे पर घर आलयाँ नै मौजे ए भेज दिए ।
रमलू कमलू रोहतक मैं पढ्या करते । भरत कालोनी मैं रहया करते । एक दिन रमलू अपने याड़ी कमलू तैं बोल्या ---यार कमलू आज तो मेरी गेल्याँ कसूता धोखा होग्या । कमलू ---इसी के बात होगी भाई ? रमलू बोल्या -- मनै मेरे मौजे लयावन खातर घर तैं पीसे मंगवाए थे पर घर आलयाँ नै मौजे ए भेज दिए ।
लाम्बी उम्र
रमलू की घर आली धमलो रमलू तैं बूझन लागी --- कोए इसा तरीका बता जिसमें माणसाँ की उम्र लाम्बी होज्या । रमलू बोल्या माणसाँ नै ब्याह कर लेना चाहिए । धमलो बोली -- इसतैं उम्र लाम्बी होज्यागी ? रमलू --ब्याह करे पाछै लाम्बी उम्र होवन का तो बेरा ना पर उननै लाम्बी उम्र लागण लाग जयागी ।
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