रविवार, 30 अक्टूबर 2016

थोड़ी बधाई , इतनी महंगाई 
हजार %भाई , बढावैंगे जमाई 

Fir milenge

डॉक्टर: अब आप खतरे से बहार है, फिर भी आप ईतना डर क्यों रहे हैं.
रमलू : जिस ट्रक तैं  मेरी  टक्कर  हुई  थी उसपै  लिखया  था - जिंदगी रही तो फिर मिलेंगे.



deshdrohi koon

कमलू -- रै रमलू ! ये  राष्ट्र द्रोह अर राष्ट्र प्रेम किस बला के नाम सैं ?
रमलू -- भाई घणा तो मनै बेरा ना फेर जो समझ मैं आया वो यो सै अक
जो अडानी अम्बानी टाटा बाटा  मॉनसैंटो अर मैक्डोनैल्ड बरगी कम्पनियाँ का विरोध करै अर आपसी भाईचारे की बात करै धर्म के नाम पर नफरत फलावन का अर अन्धविश्वास का विरोध करै वो देश द्रोही अर जो इनके गुण गावै वो  देश प्रेमी ।
कमलू -- या तो उल्टे बांस बरेली नै आली बात होगी ।
रमलू -- ओ देशद्रोही क्यूकर बोल्या ??

सोमवार, 24 अक्टूबर 2016

रमलू : मेरै बीमारी सै  अक  खाने के बाद भूख नहीं लागती, सोने के बाद नींद नहीं आती, काम करूं तो थक जासूँ !
डाक्टर : सारी रात धूप में बैठो ठीक हो जाओगे!

शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

डन- डना - डन

अध्यापक एक विद्यार्थी से --- इस लाइन की अंग्रेजी बनाओ ---उसने अपना काम किया और करता ही गया |
विद्यार्थी ने कहा --- ही डन हिज वर्क एंड डन- डना - डन, डन- डना- डन

पति और ट्रक में क्या फर्क

एक महिला  दूसरी  से  बोली  - पति और ट्रक में क्या फर्क है ???
दूसरी औरत बोली -- एक बिगड़ता है तो बंद हो जाता है दूसरा बिगड़ता है तो शुरू हो जाता है (पीटना )

मंगलवार, 13 सितंबर 2016

रमलू- चूहे मारने की दवा दिए....,
केमिस्ट - घर लेकर जानी है ? -.- -.-
रमलू - नहीँ चुहे गैल लेकै आया हूँ आड़ै ए ख्वादे..।।

भेली

भेली
हरियाणा मैं भात न्योतने की एक प्रथा है। एक बै एक ताई भात न्योतन दिल्ली के बवाना गाँव मैं जाथी। ओचन्दी बार्डर पै पुलिस नै भेली (5 किलो गुड़) पकड़ ली अर थानेदार बोल्या-- ताई गुड़ गुड़ दिल्ली मैं कोणी जा सकदा।ताई बोली - दरोगा जी मेरा भाई चाला सै । जै गुड़ नहीं लेकै गयी तो बेरा ना के के सुनावैगा।मन्नै यो गुड़ ले जाणदे।
थानेदार कुछ पिस्से लेकै जाण देना चाहवै। बुढ़िया बहोत गिड़ गिड़ाई पर थानेदार कोण्या मान्या ।फेर बुढ़िया सोच साच कै बोली-- भाई बिना भेली तो मैं नहीं जाऊं अर भेली तूँ नहीं ले जावण दे। तै फेर न्यूं कर चार मार्च का फ़ाग आले दिन का ब्याह सै अर या भेली तोहें राख अर उस दिन आ जाईये ।

तनै देखण आला आरया सै!!!


एक बै एक रमलोऔर उसका घर आला रमलू दोनूँ आपणा सामान बेचण खातर एक गाँव तैं दूसरे गाँव मैं जावैं थे। रमलो आगे कै चढ़गी अर रमलू पिछली खिड़की म्हां कै चढ़ग्या। कंडक्टर नै रमलू ताहिं टिकट काट कै देदी। फेर आगे नै जाकै कंडक्टर रमलो ताहिं टिकट की कहण लाग्या। रमलो
नै बता दिया अक टिकट पाछै रमलू नै लेली। पर कंडक्टर  मजाक करण की खातर ना मान्या तै रमलो हार कै बोली -ओ रमलू एकबै आगे नै लखाईए । रमलू बोल्या- कयांतें, के बात सै? रमलो बोली- तनै देखण आला (सगाई आला) आरया सै । सारी बस जोर की हंस पड़ी।

जनेती रुपैया


बस मैं रमलू बैठया था अर उसके गेल्याँ कई बालक भी थे ।कंडक्टर आया अर बोल्या- टिकट। रमलू- ले एक टिकट दे दे। कंडक्टर - एक क्यांकि आधी जनेत गैल लेरया अर। जनेत मैं जाकै सारयां का रपिया ग्लास मांगैगा। रमलू नै शांत भाव तैं जवाब दिया - भाई टिकट तै एकै देदे पर जै ये थारै जनेती आज्यां तै जनेती रपिया ग्लास मतना दिए ।

सोमवार, 22 अगस्त 2016

रमलू  …… दिल्ली चल्या  गया
रेलवे स्टेशन पै अखबार वाले से बोल्या -- एक अखबार दिए भाई …
अखबार वाला-हिन्दी या अंग्रेजी का 
रमलू  ….. भाई कोईसा दे दे मने तो रोटी लपेटनी सैं |


मास्टरजी : तुम्हें पता है हमारे पूर्वज बन्दर थे।
रमलू : मास्टरजी थारे होंगे, म्हारे  तो चौधरी थे।?


ताऊ मास्टर तैं  – “रमलू पढाई मै किसा सै ?”
मास्टर -“चौधरी यू समझ ले,……आर्यभट्ट ने जीरो की खोज रमलू  की  खातिर ए  करी थी ।”


ग्राहक: थारी भैंस की एक आंख तो खराब सै, फेर भी तू इसके  35 हज़ार रुपये मांगन लागरया ?
रमलू : तन्नै भैंस दूध खात्तर चाहिए अक  नैन-मटक्का करण  खात्तर..?????


बुधवार, 3 अगस्त 2016

एक बार रमलू  सपनै मै
टमाटरां की रेहड़ी लगा रह्या था !!
तो एक आदमी बोल्या :- हा भाई टमाटर के भा दिए !
रमलू बोल्या :- 30 रपिए किलो !
आदमी बोल्या :- ना भाई 25 रपिए ला  ले !!
रमलू  बोल्या :- ना भाई 30 तै एक रपिया  कम नहीं लयूं  !!
आदमी बोल्या भाई 25 दयुन्गा  !
रमलू  बोल्या :-30 लयूँगा  !
.*********************
नयों करते करते रमलू  की आँख खुलगी !
रमलू  नै बराबर मैं देखा तो किम्मे नही पाया !!
वो उल्टा ए आँख बंद करके बोल्या :- लया  भाई 25 ए देदे !!
समझगे होंगे आज का सन्दर्भ भी 

रमलू  नै पेपर में किम्मे नहीं  आवे था
अर अगला छोरा जमा जुटा पड़या  लिखण में
रमलू  : कमलू  मन्ने भी दिखा दे किम्मे
कमलू  : मन्ने भी कोनी आंदा
रमलू  : फेर इसा तावला तावला के तेरी बुआ
का कन्यादान लिखै सै ?

मास्टर : 15 फलों के नाम बताओ..??
रमलू : अमरुद..!
मास्टर : शाबाश..!
रमलू : आम..!
मास्टर : साबाश
रमलू : सेब..!
मास्टर : बहुत बढ़िया 3 होगे
बाकी 12 और बताओ
.
रमलू :
एक दर्ज़न केले ..!!


एक बार म्हारे रमलू  ने लुट पिट के MBBS कर ली  क्लिनिक खोल लिया। जिस दिन खोल्या उस दिन  पहला मरीज़ आया ।
मरीज :- डाकटर साब मेरे दस्त लाग् रे सें।
रमलू  :- लागे रहन दे पेट पूरा साफ़ होज्यागा ।

सोमवार, 11 जुलाई 2016

कमलू : यो अनुशासन  होसै ?
रमलू : जिसा  दुशासन होसै , उसा ऐ  अनुशासन होसै 

कमलू : यू  सदाचार के  होसै ?
रमलू : जिसा  आम का अचार होसै , उसा ऐ  सादा आचार होसै ! 


रमलू : जी मैं रोजाना क्रिकेट और फुटबाल खेलता हूँ!
फेर वजन तो कम कोणी हुया 
डॉक्टर: कितनी देर खेलते हो?
रमलू : जब ताहिं  मोबाइल की बैटरी खत्म नहीं हो लेंती !!
कमलू- यार यू रामदेव बाबा आला  नूडल्स खरीदया  सै ,
इसनै  खाऊं  क्यूकर  ?
रमलू --
एक नाक बंद करकै  दूसरी नाक तैं  भीतर नै खींचिये  


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जेलर: तुम्हे कल सुबह 5 बजे फांसी दी जाएगी!
रमलू : हाहाहाहाहा
जेलर: क्या हुआ, हंस क्यों रहे हो?
रमलू : मैं तो तड़कै उठया  ए  9  बजे करूं ..


ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमलू  नेशनल हाईवे पै एकला  अपनी मोटरसाइकल पे बैठया  था…!
उसे बख्त  दिल्ली कांही तैं  आंती  हुयी एक कार  नै बॉर्डर क्रॉस करया …!!
रमलू नै   रुकण का इशारा  करया …
और जब कार रुकी तो टहलता हुआ ड्राइवर की खिड़की पर दस्तक दिया…!
एक नवयुवक जो गाड़ी चला रहा था…
उसने शीशा नीचा कर सिर  बाहर निकाल कर पूछा:
“क्या बात है इंस्पेक्टर…?”
रमलू  नै  एक झापड़ उसके गाल पर रसीद किया…
युवक: “अरे, मारा क्यों…?”
रमलू : “जब हरियाणा  पुलिस का ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमलू  किसी गाड़ी को रुकण  खातर कहता है…
तो ड्राइवर को गाड़ी के कागजात अपने हाथ मैं पकड़ें  हुये  होणा  चाहिए…!”
युवक: “सारी इंस्पेक्टर…….
मैं पहली बार हरियाणा  आया हूँ….!”
फिर उसने ग्लव कंपार्टमेंट से पेपर्स निकाल कर दिखाये..!
रमलू  नै  पेपर्स का मुआयना किया फिर बोल्या :
“ठीक सै ….राख  ले ….!”
फिर घूमकर पैसेन्जर सीट की ओर गया और शीशा ठकठकाया…!!
पैसेन्जर सीट पर बैठा दूसरा युवक शीशा गिराकर सिर  बाहर निकाल कर पूछा :-
“हाँ बोलिए….?”
तड़ाक…!
एक झापड़ रमलू  नै  उसकै  भी  जड़  दिया ..!
“अरे ….! मैंने क्या किया …?”
रमलू : “या  तेरी  हेकड़ी तारण  की  खातर …!”
युवक:- “पर मैंने तो कोई हेकड़ी नहीं दिखाई…?”
रमलू  :- “इबै  नहीं दिखाई, पर मैं जानूँ  सूँ ….
एक किलोमीटर आगै  जाकै तूँ  अपने दोस्त तैं  कैहन्ता --
“ओ  दो कौड़ी का इंस्पेक्टर मेरै  मारता …. तो बताता उसनै ….!”



 😛
कमलू  नै रमलू ताहिं  हरयाणवी मैं एस एम एस भेज्या --
भेजण  आला  महान,
पढ़ण  आला गधा.
रमलू  गुस्से मैं  वापिस एस एम एस  भेजै सै--
भेजण  आला गधा,
पढ़ण आला महान!!


शनिवार, 9 जुलाई 2016

एक बार रमलू फौजी घर छुटटी आया ।
उसने घर आकर एक गाय  खरीद ली।
रमलू फौजी जब भी गाय को खोलता तो हर बार रमलू  के हाथ से छूटकर भाग जाती ।
एक दिन रमलू  ने गाय  को बहुत मारा ।रमलू  की पत्नी बोली इतना मत मारो नही तो यह दूध नही देगी ।
रमलू  बोल्या  – साला मुझे दूध नही चाहिऐ… Discipline चाहिऐ – Discipline.!!
कमलू का सवाल - बेबस लाचार होना किसे कहते है?
रमलू का जवाब - आस्था चैनल चालरया  हो अर  रिमोट खुज्या ॥। 

टीचर : “कौनसा पंछी सबसे तेज़ उड़ता है?
रमलू  : “सर, हाथी।
टीचर : “नालायक, तेरा बाप क्या करता है?
रमलू  : “दाउद के गैंग में ‘शूटर सै ।
टीचर : “शाबाश।
लिखो बच्चो ‘हाथी’।


“रेलवे स्टेशन”मे लिखा था…
“अंजान आदमी से कोई चीज ना ले!”
बस फिर क्या था!
“रमलू ” नै  टिकटै कोण्या  लिया…
अभी अभी थाने से छुड़वाकै ल्याया सूँ 


कमलू --सुण्या  सै  सुबह जल्दी उठने से
ताक़त, बुद्धि और धन बढ़ता –
बीच मैं ए रमलू  बोल्या --तो पेपर वाला और दूध 
वाला सबसे ज्यादा अमीर होते।
कैप्सूल खा कै  बनाई हुई बॉडी,
जमीन बेचकै आया हुआ पैसा,
फेसबुक पै  जाम्या  प्रेम और
व्हाट्सएप्प पै  पाया हुया  ज्ञान
कदे  नहीं टिकै ।

चाणक्य लिखना भुलग्या !
रमलू --सोची  मै ऐ  बता दयूं 
——————–


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एक बार कक्षा छठी में  रमलू  और  तीन बालकों को परीक्षा मे समान अंक मिले,
अब प्रश्न खडा हुआ कि किसे प्रथम रैंक दिया जाये ।
स्कूल प्रबन्धन ने तय किया कि प्राचार्य चारों से एक सवाल पूछेंगे, जो बच्चा उसका सबसे सटीक जवाब देगा उसे प्रथम घोषित किया जायेगा ।
चारों बच्चे हाजिर हुए, प्राचार्य ने सवाल पूछा –
दुनिया में सबसे तेज क्या होता है ?
पहले बच्चे ने कहा,
मुझे लगता है -“विचार”सबसे तेज होता है,
क्योंकि दिमाग में कोई भी विचार तेजी से आता है, इससे तेज कोई नहीं ।
प्राचार्य ने कहा – ठीक है, बिलकुल सही जवाब है ।
दूसरे बच्चे ने कहा, मुझे लगता है –
“पलक झपकना” सबसे तेज होता है, हमें पता भी नहीं चलता और पलकें झपक जाती हैं और अक्सर कहा जाता है,”पलक झपकते”कार्य हो गया ।
प्राचार्य बोले – बहुत खूब, बच्चे दिमाग लगा रहे हैं ।
तीसरे बच्चे ने कहा –
“बिजली”, क्योंकि मेरे यहाँ गैरेज, जो कि सौ फ़ुट दूर है, में जब बत्ती जलानी होती है, हम घर में एक बटन दबाते हैं, और तत्काल वहाँ रोशनी हो जाती है,तो मुझे लगता है बिजली सबसे तेज होती है..
अब बारी आई रमलू  की ।
सभी लोग ध्यान से सुन रहे थे,
क्योंकि लगभग सभी तेज बातों का उल्लेख तीनो बच्चे पहले ही कर चुके थे ।
रमलू  ने कहा –
सबसे तेज होते हैं “दस्त”…
सभी चौंके
प्राचार्य ने कहा – साबित करो कैसे ?
रमलू  बोला,
कल मुझे दस्त हो गए थे, रात के दो बजे की बात है,
जब तक कि मैं कुछ ” विचार ” कर पाता,
या “पलक झपकाता”
या कि “बिजली” का स्विच दबाता
दस्त अपना “काम” कर चुका था ।
कहने की जरूरत नहीं कि
इस असाधारण सोच वाले रमलू को ही प्रथम घोषित किया गया।


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शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

बहुत खूबसूरत  आज चाँदनी
टिम टिम करते हुए हैं ये तारे..
किसे नै भी मेसेज नहीं भेज्या !!
कडै मरगे यारे और प्यारे !!

जिस ने ज़ल्द बाज़ी में शादी की
उसने अपना जीवन बिगाड़ लिया 
पर 
शादी जिसने सोच समझ कर की
उसने कौन सा तीर मार लिया।।


एक बार रमलू  ने सार्वजनिक स्थान पर भैंस बाधने के लिये खूंटा गाड़ राख्या  था। दुसरे  गाँव आल्याँ  नै  खूंटा उखाड़ने का अनुरोध करया  पर  रमलू  नै बात नहीं मानी। अन्त में पन्चायत बुलायी गयी।
पन्चो नै रमलू  तैं  कहा -तनै  खूंटा गलत जगह गाड़ राख्या  सै ।
रमलू - मानता हूँ भाई।
पन्च- खूंटा यहाँ नहीं गाड़ना चाहिए था।
रमलू - मान्या  भाइ।
पन्च- खूंटे से टकरा कर बच्चों को चोट लाग  सकै  है।
रमलू - मानता हूं।
पन्च- भैंस  सार्वजनिक स्थान पर गोबर करती है, गन्दगि फैलै  सै ।
रमलू - मानता हूं।
पन्च- भैंस  बालकां  कै  सिन्ग पुन्छ भी मार दे सै ।
रमलू - मानता हूं,
मनै  थारी  सारी  बात मानी। इब  पन्च लोगों मेरी एक ही बात मान ल्यो ।
पन्च- बताओ अपनी बात!!!
रमलू - खूं टा  आड़े ऐ गडैगा ।।
आज महान कलाकार गुरुदत्त 
का जन्म दिन है । 
गुरुदत्त जी को सलाम ॥। 


एक चोर रमलू का मोबाइल लेकै भाज लिया -----
रमलू हंसण लागग्या --

कमलू --- वो तेरे मोबाइल नै लेकै भाजरया अर तूँ हंसण लागरया सै ??

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रमलू -- भाजण दे -- चार्जर तो मेरे धोरै सै । 
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 अम्बानी रमलू आम्हा साहमी 
आखरी तोड़ 
अम्बानी -- अगर मैं सुबह से अपनी कार में निकलूं तो शाम तक अपनी आधी प्रॉपर्टी भी नहीं देख सकदा -------
रमलू -- म्हारे धोरै भी ईसीए खटारा कार थी --- हमनै तो बेच दी .। 

रमलू सारी जिंदगी सोचता रहया
अर सोचता रहया अर सोचता रहया
अर बहोतै घणा सोचता रहया
सोचते सोचते मरग्या अक मेरी बहन
के दो भाई सैं तो मेरा एक क्यूँ ?
 कमलू  रमलू तैं -- यार तूँ इतना बड़ा  हो लिया और फेर भी तेरै मूंछ अर दाढ़ी नहीं आयी ?

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.रमलू -- यार मैं बिलकुल अपनी माँ पै  गया सूँ  ना । 
टीचर : बहुत तेज़ हवओ के साथ बारिश हो रही है…!! इसका भविष्य काल बताओ???
 रमलू  : बस ईब लाइट जावण आली सै …!!
धमलो रमलू तैं  : किसी लागूं  सूँ  मैं आज  ???
रमलू  : एक दम प्रियंका चोपड़ा…
धमलो : कौन सी डॉन आली अक  कृष आली…
लड़का : बिल्कुल बरफी आली…
डॉक्टर : कल रात को क्या खाया था??
रमलू  : बर्गर, पिज़्ज़ा और कोक..
डॉक्टर : देखो यह फ़ेसबुक नही है सच बताओ..
रमलू : जी लौकी..

रमलू -- डाक्टर आपणै  तो कह्या था अक गेम खेलण
  
तैं मैं पतला हो  ज्यांगा

 पर मैं तो इब ताहिं मोटा हूँ 

डाक्टर -- कौनसा गेम खेलते हो ?

रमलू -- डाक्टर जी कैंडी क्रश सागा 




रमलू  पेंटिंग खरीदने गया…
सेल्समैन:
यह 10 हजार रुपये की है।
आईल पेंट से बनी हुई है।
रमलू :
पैसों की चिंता मत कर।
देसी घी में कुछ दिखा….!

रमलू …… दिल्ली चला गया
रेलवे स्टेशन पै अखबार आले तैं  बोल्या :-
एक अखबार दिए …
अखबार वाला-हिन्दी या अंग्रेजी का?
रमलू ….. भाई कोईसा दे दे
मनै  तो रोटी लपेटनी सै 
टीचर: थामनै बेरा  सै अक  म्हारे  पूर्वज बान्दर थे?
रमलू : थारे होंगे, महारे तो चौधरी थे।


रमलू  : बापू एक खुशखबरी सै
बापू : के?
रमलू  : तूने कही थी के पास
होग्या तो गाड्डी  दुवाऊँगा
बापू : हाँ
रमलू  : रुपिये बचगे तेरे..
रमलू – कुत्ता आया  सै  जा एक रोटी लिया
धमलो  :– रोटी तो कोन्या 
रमलू  :– तो लठ लिया खाली नहीं  जाण  देवां ।


बुधवार, 27 अप्रैल 2016

डॉक्टर – आपको क्या बिमारी है ?
रमलू  – पहले आप वादा करो की हंसोगे नहीं ।
डॉक्टर – OK…Promise…
रमलू नै अपनी टांगे दिखाई जो माचिस की तीली जितनी पतली थी ।
डॉक्टर को यह देख के हंसी आ गयी ।
रमलू – आपने ना हंसने का वादा करया  था ।
डॉक्टर – अच्छा Sorry…
अब तकलीफ बताओ ।
रमलू – डॉक्टर साहब, यह सूज गयी है ।
डॉक्टर – हाहाहाहा… भाग साले…
तू आया ही हंसाने के लिए है…
हॉस्टल मैं रमलू  अपने दोस्त से:
भाई धोखा हो गया धोखा ;-(
दोस्त:- क्या हो गया…??
रमलू :
घर से बुक्स के लिए पैसे मंगवाए थे,
.
घर वालो ने बुक्स ही भेज दी…


बीवी:

बीवी:
जो आदमी रोज शराब पीकै  आवै  उसकी  खातर  मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं सै ..!
रमलू :
जिसनै रोज शराब मिलज्या , उसनै  तेरी  हमदर्दी की जरुरत भी नहीं  सै !!


इस्तरी


एक दिन रमलू आ कै  पडोसी चाचा तैं  बोल्या :“रै  चाचा…. थारी इस्तरी दे दे” चाचा अपनी  लुगाई की ओर इसारा  करकै  बोल्या :“ले जा… वा बैठी।।”रमलू  चुप चाप देखन लाग्या और बोल्या ..“चाचा यो नहीं.. कपडे हाली चाहिये ।।”चाचा  बोल्या :“रै  बावले , या तनै बगैर कपड़याँ  की दीखे है के।।”रमलू  गुस्से  मैं  चीख्या “रै  चाचा.. तू बावला  ना बनै .. करंट ह़ाली इस्त्री चाहिए . करंट हाली…” चाचा भी उछलकै  बोल्या ,“बावली पूँछ…. हाथ तो ला कै  देख..करंट ना मारै , फेर बात करीए!!!”


रविवार, 17 अप्रैल 2016

शराब की लत से परेशान रमलू   डॉक्टर के पास गया और बोला,
“डॉक्टर साहब मेरी शराब छुडाओ।”
डॉक्टर ने पूछा: रोजाना कितनी पीते हो?
रमलू : चार पैग!!
डॉक्टर बोला: धीरे-धीरे एक पैग कम कर दो, शराबी एक हफ्ते बाद डॉक्टर के पास पहुंचा!
डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी शराब पीते हो?
रमलू  ने जवाब दिया: तीन पैग।
डॉक्टर ने कहा: अब एक पैग और कम कर दो… दो हफ्ते बाद शराबी फिर डॉक्टर के पास गया।
डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी पीते हो मेरे भाई??!!
रमलू  बोला: सर दो पैग!!
डॉक्टर ने बोला: बस अब एक पैग और कम कर दो..!!
 रमलू ने उदास होकर जवाब दिया: सॉरी डॉक्टर साहब पूरी बोतल को एक पैग में तो नहीं खत्म कर सकता मैं!!
रमलू इलाज के लिए डॉक्टर के पास गया।
डॉक्टर : अगर भीड़-भाड़ से दूर रहेंगे तो
जल्दी ठीक हो जाएंगे।
रमलू  : के करूँ  डॉक्टर साहब अपने पेशे तैं  मजबूर सूँ ।
डॉक्टर : ऐसा क्या करते हैं आप?
रमलू : जी दरअसल मैं जेबकतरा सूँ ।
आपरेशन के बाद रमलू  बोला:-
“डाक्टर साहब,
क्या अब मैं रोग मुक्त हूँ?”
.
.
.
सामने से जवाब मिला:- “बेटा,
डाक्टर साहब तो धरती पर ही रह गए,
मैं तो चित्र गुप्त  हूँ ।
दीवार पर लिखा था…
“यहां कुत्ते सुसु करते हैं!”
रमलू  ने वहां सुसु किया और
फिर हंस कर बोला:
इसे कहते हैं दिमाग…
सुसु मैंने किया और नाम कुत्ते का आएगा
कुटिल वचन सबतें बुरा, जारि करै सब छार।
साधु वचन जल रूप है, बरसै अमृत धार।।
संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि कटु वचन बहुत बुरे होते हैं और उनकी वजह से पूरा बदन जलने लगता है। जबकि मधुर वचन शीतल जल की तरह हैं और जब बोले जाते हैं तो ऐसा लगता है कि अमृत बरस रहा है।

तेरे लिए मेरी क्या क़ीमत सै


तेरे लिए मेरी क्या क़ीमत सै !!

रमलू  नै  माँ तैं  कहया …….
तेरे लिए मेरी के  क़ीमत सै ।
माँ बोली …….
बेटा तू लाखो मै नहीं करोड़ो मैं सै ।
रमलू  बोला माँ तैं …..
करोड़ मां  तैं  200 रु दे दे नेट पैकेज  डलवाणा  सै …..
माँ ---दे थप्पड़…….दे थप्पड़ …..दे थप्पड़।

रमलू का कमाल


रमलू  के घरां  उसका विदेशी दोस्त आया और
दरवाजे पर नीबू मिर्ची लटके देख चकराया और पूछा—
” ये क्या है ? ”
.
.
.
रमलू —” यो  एंटी वायरस सै । मेड इन इंडिया…!! ”

ख़बर दूर की !

एक बै रमलू  खेत मैं  रेडियो सुनै  था,
रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी,
बंबई मैं  बाढ़ आगी, गुजरात मैं  हालण आग्या, दिल्ली मैं ..
रमलू  नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या सै,
अर पाणी दूसरे के खेत मैं  जाण लाग रहया सै।
रमलू  छोंह मैं  आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या,
“दूर-दूर की बताण लाग री सै,
लवै नाका टूट्या पड़या सै
यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै था  के ।”

चप्पल टूटगी

हड्डियों के विशेषज्ञ दो डॉक्टर सुबह-सुबह घूमने निकले!!
आगे एक आदमी लंगड़ाता हुआ जा रहा था।
एक डॉक्टर बोला,
“लगता है इसकी टखने की हड्डी टूटी हुई है”
दूसरा डॉक्टर बोला,
“नहीं यार, घुटने की हड्डी टूटी है।”
दोनों में बहस होने लगी आखिर तय हुआ कि उसी व्यक्ति से पूछा जाए
उसके पास जाकर एक डॉक्टर ने पूछा,
“भाईसाहब, आपकी घुटने की हड्डी टूटी है या टखने की?”
रमलू  नै  गौर तैं डॉक्टराँ  कांही देख्या अर  बोल्या ,
“मेरी ना  तै  घुटने की हड्डी टूटी से  अर  नाहे  टखने की,
मेरी तो देखो या  चप्पल टूटगी  थोड़ी सी वार पहल्यां  ।”
दिल्ली में…
रमेश  : पापा आज बहुत गर्मी है..!
पापा: ओहो मेरे बेटे को गर्मी लग रही है।
रमेश   हम आज ही ए.सी. लगवाएँगे..!
पिता -- जरूर बेटा 
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इधर हरियाणा में…
रमलू : बाबु मैंने घणी गर्मी लाग्गै है.!
बाबू : आच्छया, चाल तनैे गंजा करवा कै ल्याउंगा.!