सोमवार, 30 दिसंबर 2013

makhan

एक नयी नवेली बहू नै  पहली बार दूध बिल्लो कै 
मक्खन काढ़ कै वा अपनी सासू नै बोली --मांजी छाछ
 मैं तैं मक्खन काढ़ लिया किट धरूँ इसनै ?सासू नै 
समझाया अक बेटी यो नाम फेर कड़े ना लिए यो --- 

- घंटे का मतलब


- घंटे का मतलब???
मास्टरजी -- घंटे का मतलब समझाओ ?
छात्र -- एक दिन मैं 24 घंटे होवैं सैं ।
 8 सोवन की खातर 
8 स्कूल कॉलेज की खातर 
2 खावन की खातर 
2 गर्ल फ्रेंड की खात्तर 
2 दोस्तों की खातर 
2 मां पापा ------

sipahi aur mujrim

कोर्ट में एक कसूता मुकदमा आया
।  एक सिपाही एक कुत्ते नै बांधैं ल्याया
 सिपाही नै जब कटघरे में आ कै कुत्ता खोल्या
 कुत्ता रहग्या चुपचाप, मुँह-तैं कुछ ना बोल्या 
… नुकिले दाँदां में कुछ खून-सा …जज नै तोल्या 

रविवार, 29 दिसंबर 2013

मेरे मामा के तैं आवै सै लके या बिजली ?

मेरे मामा के तैं  आवै सै लके या बिजली ??

एक बर रमलू अपनी माँ तैं बूझण  लाग्या --माँ या
 बिजली मेरे मामा के गाम तैं आवै सै के ?
तो उसकी माँ बोली -- ना बेटा ।  तो रमलू बोल्या --
तो मेरा बाबू न्यून क्यां तैं कहया करै सै अक साल्यां
नै फेर काट दी बिजली


ज्ञानो ताई

ज्ञानो ताई
ताई ज्ञानो फ़िल्म देखन चली गयी । उसके गए पाछै  गाल के लोगां नै भी बेरा  लाग गया अक ताई तो आज फ़िल्म देखन जारी सै । जब सांझ नै ज्ञानो फ़िल्म देख कै  आई तो पड़ौस के छोरे कट्ठे होगे अर ज्ञानो तैं न्यूँ बोले --ताई आज तो फ़िल्म देख कै आई सै के ? किसी लागी फ़िल्म ? ज्ञानो -- रे बेटा ! के बताऊँ इस फ़िल्म मैं एक आदमी मेरे जेठ तैं भी घणी  उम्र का बैठ्या था । मैं तो शर्म की मारी पूरी फ़िल्म मैं घुँघट काढ़ कै  बैठी रही।


andha

रमलू -- तनै दिखाई देवै सै के ??
दादू हलवाई --और के तूँ  मनै अँधा लारया  सै ?
रमलू --अँधा तो तूँ  सै  ए  ना ।
दादू --क्यूकर ?
रमलू --इतनी मिठाई धोरै धर रया और खांता कोन्या ।
दादू -- खा कै  मनै अपना नाश करवाना सै ?
रमलू -- फेर मनै  खा लेण दे मेरा होलेगा नाश जितना होना सै । 

मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

गोड्डे टेक दिए

कविता और सविता बहुत पक्की सहेली थी । एक दिन
कविता बोली --- सविता चार पांच दिन पहलम तेरा अर
 रलदू का झगड़ा होग्या था । इब के ढंग सै ? सविता -- हाँ
कविता ! समझौता सा हो ए  गया । रमलू नै मेरे आगै गोड्डे
टेक दिए । कविता -- वो क्यूकर ? सविता -- रमलू धरती मैं
 गोड्डे टेक कै न्यूँ बोल्या -- पलंग के तले तैं बाहर आज्या  ईब
  पाछै कोण्या  मारूँ । 

कमाल करया

कमाल करया
धापा घर मैं एकली थी रमलू बाहर गया था ।  रात नै नत्थी
चोर उनके घर मैं बड़ग्या । धापा नै बहोत मारे उसकै अर अध
 मरया  कर दिया । तड़कें ए जब नत्थी चोर नै पकडन कालू
 थानेदार आया तो धापा तैं बोल्या -- तणै तो कमाल कर दिया ।
धापा -- इसा के कमाल कर दिया ? कालू थानेदार --धापा घरां
रमलू भी नहीं था अर तनै एकली नै हिम्मत करकै नत्थी चोर
 का मार मार कै कचूमर काढ़ दिया । धापा बोली--थानेदार
साहब मनै बेर कोन्या था अक यो चोर सै ,मनै तो न्यों सोच्ची
 अक रात नै रमलू दारू पी कै आग्या । 

रविवार, 22 दिसंबर 2013

dil nahin kidney

रमलू मरीज नर्स से : आई लव यू तनै  मेरा दिल चुरा लिया सै 
नर्स रमलू मरीज  तैं  : चल हट झूठे हमने तो तेरी किडनी चुराई सै ।

mahila chup

रमलू डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाते हुए बोला- मेरी बीवी पिछले छह घंटे से एकदम खामोश सै ।
डाक्टर --मैं के  करूं?रमलू --- कुछ समझ में नहीं आरया । आप ही कुछ जुगाड़  बताएं।
डॉक्टर नै  कहया -- तो तुम मेरे पास क्यों आए सो  तुम्हें तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड
 रिकॉर्ड वालों से संपर्क करना चाहिए।

Diamond Ring

प्रेमिका -तूँ मनै  डायमंड की अंगूठी दे दे , जिसनै  देखकै  मैं 
हमेशा तनै  याद किया करूंगी। रमलू --तूँ  मनै  न्यों  सोचकै 
याद कर लिया  करिये अक तनै   डायमंड की रिंग मांगी थी पर
  मनै   दी कोण्या । 

chain

रमलू ट्रेन मैं टॉयलेट जाकै उल्टा आया ताऊ घना परेशान  था ।\
 कमलू भी था साथ मैं वो बोल्या -- के बात ~ इतना परेशान क्यूँ सै ?\
रमलू -- टॉयलेट के छेद  मैं बटुआ पड़ग्या । कमलू -- फेर चैन क्यूँ नहीं
खिंची ? रमलू -- दो बै  खिंची फेर दोनूं बर पानी बह्वन लाग्या । 

शनिवार, 21 दिसंबर 2013

rang bhed


एक बर एक चौधरी साहब अपने लड़के की खातर लड़की देखन चले गए ।
लड़की घनी काली थी
चौधरी साहब कै पसंद कोन्या आई
लड़की का बाप बोल्या --चौधरी साहब लड़की नै पसंद कर जाओ कर दे दयांगे दहेज़ मैं ।
चौधरी साहब बोले --भाई तूँ  तो कार देकै डिगा देगा पर जै यो खरना म्हारै चल्या गया तो आगली पीढ़ी मैं म्हारी लड़की तो ट्रक दिए पाछै बी ना बियाही जावै ।

(कितना रंग भेद और दहेज़ प्रदर्शित हो रहा है )

neta

नेता का बेटा- पापा अच्छा नेता बनने का मंत्र क्या है?
 पिता बेटे को छत पर भेज बोला- कूदो, मैं पकड़ लूंगा।
 बेटा कूदा और धड़ाम से गिरा। बेटा- आपने तो कहा था 
कि पकड़ लेंगे। पिता- बेटा यही है राजनीति का पहला मंत्र
 कि अपने बाप पर भी भरोसा मत करो।

gadha

एक बार रमलू  का गधा भाग जावै  है। रमलू मंदिर जावै  है और देर तक भगवान की मूर्ती के आगे खड़ा हो कर प्रार्थना करै  सै ।
कमलू : रमलू  तुम भगवान तैं  यहे मांग ररहया सै अक ना  कि तेरा  तनै  वापस मिल जावाई । रमलू  : नहीं यार मैं तो भगवान को थैक्यू बोल रहया  सूँ ।
कमलू  : क्यों? 
रमलू  : अरे भगवान की कृपा तैं  जब गधा भाज्या  तो मैं उसपै  सवार नहीं था। जै  होता तो मैं भी उसके साथ भाग जान्ता  ।

sadak par

मास्टरजी : रमलू  ,तनै  आज कौनसा अच्छा काम करया  ? 
रमलू : सर , मनै  अपने पांच दोस्तों की  साथ मिलकर कै  एक बुजुर्ग महिला को सड़क पार करवाई।
मास्टरजी  : ये तो अच्छी बात हैं , लेकिन इस छोटे-से काम के लिए पांच लोग क्यों लगे ?
रमलू : क्योंकि , वह महिला सड़क पार नहीं करना चाहवै  थी।

english banao

मास्टरजी : इस लाइन को इंग्लिश में बताओ।
उसने अपना काम किया और करता ही गया।
रमलू : ही डन हिज वर्क एण्ड डन-दना-दन,डन-दना-दन

murga

रमलू  (दुकानदार से)- मुर्गा कैसे दिया है।
दुकानदार (रमलू से )- 80 रुपये, 50 रुपये और 10 रुपये।
रमलू - 10 रुपये का.. इतना सस्ता क्यों?
दुकानदार- साहब इसे एड्स है।
रमलू  दे दो खाना है, शादी थोड़ी ही करनी है!!

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

कीड़ी अर हाथी

कीड़ी अर हाथी 
एक बार की बात सै अक एक कीड़ी हाथी के ऊपर बैठ कै मेले मैं जावन लागरी थी । 
जकग मैं एक कच्चा पुल आग्या । उसनै देख कै कीड़ी हाथी के कान मैं बोली -- दोस्त
 क्रास कर लेगा अक मैं उतरूँ ?

kalyugee premi

कलयुगी प्रेमी 
प्रेमी-प्रेमिका ने ऊंचाई से आत्महत्या करने की योजना बनाई! लड़की कूद गई  और लड़का  नहीं कूदा ! 
आधे रास्ते में लड़की  ने पैराशूट खोला और चिल्लायी - मुझे पता था  कलयुगी  , तू नहीं कूदेगा । 

Batti

मास्टरजी - ट्रैफिक सिग्नल में लाल बत्ती किस बात का संकेत देवै  है? रमलू - रुकने का। मास्टरजी - बहुत अच्छे और हरी बत्ती? रमलू - चलने का। मास्टरजी - शाबास और पीली बत्ती? रमलू - खूब तेज भाजन  का!

dhaka kaun deta

एक मंदिर का निर्माण होण लागरया  था अक  एक मजदूर घनिए  ऊंचाई  तैँ  पड़ग्या । उसकी जान तो बचगी  फेर  चोटें बहुत आईं।
एक पंडित जो दूर खड़या खड़या  उसनै  गिरता देखै था भाज कै उसके धोरै आया  अर  उसनै  जिंदा पाकै  बोल्या --: भगवान तेरी गेल्यां  था  बेटे।
मजदूर कराहते हुए बोल्या --: हां कोए  ना  कोए  जरूर मेरी  गेल्याँ  था वरना म नै  घक्का कौन देता।

AKBAR KAUN THA

टीचर: अकबर कौन था?
रमलू : पता नहीं सर।
टीचर: पढ़ाई की तरफ ध्यान दिया करो,पता चलेगा।
रमलू : आप बताईए,सुशीला  कौन है?
टीचर: नहीं पता।
रमलू : अपनी बेटे  की तरफ ध्यान दिजिए, पता चल जायेगा । 

गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

charger

एक चोर रमलू  का मोबाइल लेकर भाग रहा था। रमलू  जोर से हंसने लगा। पत्‍नी ने कहा: चोर मोबाइल लेकर भाग रहा है और तुम हंस रहे हो। रमलू : अरै  उसनै भाजण दे , चार्जर तो मेरे धोरै सै । 

-रानी की तरियाँ राखूंगा।



-रानी की तरियाँ  राखूंगा। 
घरआली : तनै  शादी तैं पहलम  क्‍यों नहीं बताया अक  तेरी  रानी नाम की एक और घरआली  सै ?
 रमलू : कहया  तो था अक  तनै रानी  की ढालाँ  राखूंगा । 

मक्‍खी के पैर




मक्‍खी के पैर
 रमलू  नै  मक्खी के पैर तोड़ कै  कहया ... "जा उड़ ज्या "!...
 फेर  मक्खी  उड़ी कोण्या .
 रमलू : इससे साबित होग्या अक  मक्खी के पैर तोड़ दिए
 जावैं तो मक्खी सुन नहीं सकती

ASLI NAKLI

नफे  (सते  से) - यार एक बात बता ! एक झोटे  के सामने १२ केले रखे हैं, झोटा  ११ केले खा गया १ छोड़ दिया. क्यों ????
सते  - क्योंकि १ केला नकली था. अब तू बता कि एक झोटे  के सामने १२ केले रखे पर उसने एक भी केला नहीं खाया|. क्यों ????
नफे  - सारे नकली केले थे !
सते  - नहीं क्योंकि झोटा  ए  नकली था ....... !!!

rokti kyon nahin

पति   - अजी सुनती  हो ? आपकी  दोस्त एक पागल लड़के  से शादी करने जा रही  है. आप उसे रोकती   क्यों नहीं ? पत्नी  - क्यों रोकूँ ? उस ने  मुझे रोका था क्या ..... ?

hospital

पंजाब का एक अस्पताल
मरीज --डाक्टर साहब बिस्तरे ते एक  चादर तां  दे देवो  |
डाक्टर - वो मेरा कमरा हैगा  ना जिथे  मैं सोंदा  हाँ  ,उठां  दे  बिस्तर तों  ले लो |
मरीज वहां गया वापिस आकर-- डाक्टर साहब ! वहां तो चादर की तो गल छड़ो   गद्दा भी टूटा फूटा हैगा  |  

bhains

एक लड़की   एक भैंस  के सामने गिर गयी .
एक लड़के  ने यह देखकर कहा - "अपनी ताई  के पैर छू रही  हो ?"
लड़की  बोली  - "जी ताऊ जी  !"

bachche

जादूगर - बच्चो, मैं इस रूमाल को जादू से तोता  बनाकर दिखाऊंगा. ताली  बजाओ |
 विपिन (बच्चा )- इसमें कौनसी बड़ी बात सै . म्हारे  मास्टरजी  तो हमें बिना किसी
 जादू के ही रोज मुर्गा बना देवैं सैं ...

सोमवार, 16 दिसंबर 2013

PREMIKA

एक दिन प्रेमिका  ने मौका पाकर अपनी प्रेमी  का मोबाइल चैक  किया कि उसने किस नाम से उसका मोबाइल नंबर सेव किया है.
इसके लिए उसने अपने मोबाइल से प्रेमी  के मोबाइल पर मिस काल किया तो उसमे लिखकर आया -
कालिंग बेकूफ नंबर 4 

JUDGE

एक जज नै कहया : इतना मामूली सा झगड़ा तो थाम  कोर्ट के बाहर भी निपटा सकते थे ।
आरोपियों में तै  एक सैड दे सी बोल्या  : हम कोर्ट के बाहर ही निपटावन लागरे  थे अक  पुलिस हमनै   झगड़ा करने के इलजाम में यहां पकड़ ल्याई ।-- 

MAREEJ AUR DOCTOR

मरीज और डॉक्टर के बीच बात हों रही है 
मरीज : सही सही  बताओ  डॉक्टर साहब, मेरे बचने की कितनी उम्मीद  है ?


डॉक्टर : सौ प्रतिशत! आंकड़े बताते हैं कि इस रोग में दस में से नौ आदमी मरते हैं – और मेरे दस मरीजों में से नौ मर चुके हैं। तुम दसवें हो!

chabi

रमलू    अपने पाँच   साल के लड़के को डॉक्टर के पास ले गया 
रमलू डॉक्टर , देखो नै  मेरे लडके नै  मेरे फ्लैट की चाबी निगल ली है
डॉक्टर - चाबी निगलने के बाद कितना समय हुवा है ?रमलू  - सात  दिन हुवे होगे |
डॉक्टर - क्या? सात  दिनइतने दिन के बाद तुम उसे मेरे पास ला रहे हो?रमलू - वा दुपलिकेट चाबी थी ना    ... वो भी  आज  गुम   हों गयी 

badeshi dikhoon soon

लन्दन  की  यात्रा तैं  लौट कै  आये रमलू  नै  अपनी घराली  तैं  बूझ्या  – “के  मैं विदेशी बरगा दीखूं  हूँ ?”
घराली  – “जमा बी ना  …”
 – “तै फेर  लन्दन मैं  एक औरत क्यों बुझै  थी अक  मैं विदेशी सूँ  अक ------

रविवार, 15 दिसंबर 2013

इसीलिए हम देखते हैं कि आजादी के आन्दोलन के दौरान तरह तरह की  शैक्षिक ,साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाएं खड़ी हो  गयी ,जिनके जरिये भारतीय भाषाओँ तथा उनके साहित्य को विकसित करने , लोगों को शिक्षित करने का काम हुआ | फिर उस काम को देश की  आजादी के लक्ष्य से जोड़ा  गया , सब भाषाओँ और विभिन्न संस्कृतियों को जोड़कर एक राष्ट्रीय संस्कृति की  परिकल्पना की गयी और विविधता में एकता की बात की गयी |सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं  पर   ध्यान देने वाले कितने ही आन्दोलन चले और कितने ही संगठन बने | उदहारण के लिए , भारतीय कम्यूनिष्ट आन्दोलन के साथ साथ प्रगतिशील लेखक संघ और इप्टा ('इंडियन पीपुल्स थियेटर असोसिएसन ' यानि भारतीय नाट्य संघ) जैसी संस्थाएं बनी | इस सबके पीछे यही चेतना काम कर रही थी की मानसिक स्वराज के बिना राजनितिक स्वराज नहीं मिलेगा और मानसिक स्वराज का अर्थ था एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक नवजागरण |  जारी है -- 

Dhobi


Gadhe


SHADEE SHUDA



बुधवार, 11 सितंबर 2013

soch

सकारात्मक सोच घोर अँधेरे में भी
 रोशनी  की किरण ढूंढ लेती है 
नकारात्मक सोच रोशनी में भी
 साफ़ साफ नहीं देख पाती है 

KUNVARE SO KE

kunvare so ke
एक दिन रमलू को एक अनजान फोन नंबर से फोन आया --फोन पै एक छोरी बोली हैलो थाम कुंवारे सो के ? 
रमलू बोल्या --हाँ कुंवारा सूँ फेर थाम कौन बोलो सो ? 
जवाब आया -- मैं था री घराली प्रेमो बोलूं सूँ ,आ घर नै फेर बताऊँगी | 
थोड़ी सी वार मैं फेर फोन आया अर एक छोरी बोली --थाम शादी शुदा सो ? 
रमलू बोल्या --हाँ फेर थाम कौन बोलो सो ? 
लड़की -- मैं थारी गर्ल फ्रैंड ! धोखेबाज !!! 
रमलू--सॉरी डार्लिंग मनै सोच्या मेरी घराली प्रेमो है | 
लड़की-- प्रेमो ए सूँ| घरा आ एक बॅ फेर बताऊँगी |

RAMLOO

रमलू -पहलम मैं अपनी बीवी नै बीए करवाऊँगा 
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा 
कमलू बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै उसका ब्याह भी करवा दिए ।

रविवार, 21 जुलाई 2013

थप्पड़ क्यूं मारे ?

थप्पड़ क्यूं मारे ?
रमलू अपने याड़ी कमलू तें फेटन रोहतक चलया गया । एड्रेस का बेर कोन्या भाई नै । फोन करकै बूझन खातर एक अस टी डी की दूकान पै गया आर जानते की साथ दो थप्पड़ जड़ दिए दूकानदार कै । दूकानदार नै पुलिस बुला ली । पुलिसिया नै बुझी क्यों मारे थप्पड़ ?रमलू बोल्या --थानेदार साहब ! इसमें मेरा के कसूर सै ,इसनै ऐ अपनी दुकान कै महं  लिख राख्या  सै अक फोन मिलावान तैं पह्ल्याँ दो लगाओ ।

MUFAT MAIN

मोराँ  नै दाणे 
 रमलू अपनी चौपाड़ मैं झोला लेकै बैठ्या था अर बैठ्या बैठ्या झोले मैं हाथ घालकै थोड़ी थोड़ी हाण मैं हाथ बहार काढ कै मुठी खोल्लन लाग रया था । साहमी खड्या खड्या कमलू देखै था वो उसके धोरै जा कै बोल्या --रमलू के करण लागरया  सै इतनी वार होली ? रमलू बोल्या --कमलू मैं तो मोरां नै दाणे खुवावन लागरया सूँ । कमलू-- आडे मोर कित सैं ? रमलू बोल्या--न्यूँ  तो कमलू मेरे पै दाणे बी कोन्या फेर मुफ्त का पुन्न कमावण मैं के हर्जा सै ?

शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

do parche

दवा के दो पर्चे 
मरीज- डॉक्टर साहब, आपने मेरे ताहीं  दवाईयों के दो पर्चे लिखकर क्यों दिए सैं ?
डॉक्टर- आपको दोनों ही पर्चों  की दवाईयां खरीदनी सैं । एक पर्चे की दवाईयों तैं  थाम  बेहतर महसूस करोगे  और दूसरे पर्चे तैं  दवा कंपनी। 

रमलू अर डॉक्‍टर

रमलू अर डॉक्‍टर 
डाक्टर:     जिब थामनै बेरा  था  अक  छिपकली थारे  मुंह में जा रही  है तो थाम  चुप क्यों थे ?
रमलू : पहलम जिब  काकरोच गया था तो मनै  लग्या कि छिपकली उसनै  पाकड़ लेगी। 

pyar ke ho sai

कमलू   नै  बताया अक प्‍यार के हो सै 
 रमलू कमलू तैं : यार मोहब्‍बत के बारे में तेरे के  ख्याल सैं ? 
कमलू : मोहब्बत एक तैं  हो, तो भोलापन सै . 2 तैं  हो, तो अपनापन सै . 3 तैं  हो, तो दीवानापन सै . 4 से ...

मंगलवार, 2 जुलाई 2013

vo daur

मज़हबी दीवारों के साए में अब पतंगे नहीं उड़तीं
कभी मेरी गली की छतों पर शहर बसा करता था।
 मानवता के बिना बताते  जिन्दगी नहीं जुडती
 मालूम है तब कटती पतंग देख खूब हंसा करता था ।

Sent Message

रमलू -रै यार कमलू यो  सेन्ट मैसेज के  बला सै  ?
कमलू -रै  बावलीबूच  सेन्ट मैसेज का मतलब होवै  है खुशबू आला मैसेज।

byah bhi karva diye

रमलू  -पहलम  मैं अपनी बीवी नै  बीए करवाऊँगा
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा
कमलू  बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै  उसका  ब्याह भी करवा दिए । 

शनिवार, 29 जून 2013

asliyat

एक महिला ने नाटक में झगडालू पत्नी का सफल अभिनव किया | लोगों ने उसे बहुत पसंद किया | नाटक के बाद एक पत्रकार ने उससे पूछा - पहली बार में आपके सफलतम अभिनय का रहस्य क्या हैं ?

महिला बोली - इसमें कोई खास बात नहीं | मंच पर अपने कलाकार साथी के साथ बोलते समय मैंने मन में यही सोच लिया था वास्तव में अपने पति से बात कर रही हूं |

2013


रमलू अपने आप मैं खोया खोया सा रह वन ला ग्या | 

 
एक दीं प्रेमो बोली --बेरा है अपना बेटा मोलू पाहया चालन लाग्या है | 



रमलू का ध्यान किते और था --बूझया कद तैं ? 



प्रेमो-- अजी 2012 तैं | 




रमलू बोल्या-- ओह फेर तो वो 2013 मैं


जा  

  लिया होगा |


शनिवार, 22 जून 2013

DOCTOR


NUMBER


baboo pai

संतरा अपने बेटे नै बोली -- बेटा सेब खाले | 

बेटा --ना | 

माँ-- केला खाले | 

बेटा --ना  

माँ-- ईमरती खा ले | 

बेटा -- ना  

माँ( छोह मैं के बोली -- तूँ कती अपने बाबू रमलू पै गया है | 

चप्पल खा के मानैगा | 

GOONTHA

दो औरत कई दिनों मैं फेटी ,दोनू पीहर जारी थी | 

सरतो तनै अपने ढोलू का गूँठा चूसना क्युकर छुवाया? 

भरतो नै बूझ लिया | 

सरतो बोली-- किमै हाँगा कोणी लाग्या | 

उसकी निकर माडी सी ढीली सिमवा दी थी | 

वो उसे के पकड़ के ठीक करण मैं ग्या रह था | 

बुधवार, 12 जून 2013

Pahalwan


tha liya


ramloo


nuskha



रमलू नै एक बै एक पॉलट्री फार्म खोल लिया । फेर रमलू अपनी मुर्गियों के द्वारा कम अंडे दिए जाण करकै परेशान था। एक दिन उसनै सारी मुर्गियों ताहीं हुक्म दिया अक काल तैं मुर्गियां ज्यादा अंडे देवैँगी । 

मालिक :अगर तुम लोगों ने कल से 2-2 अंडे नहीं दिए तो कल से तुम्हारा दाना पानी बंद
मुर्गियाँ कसूती डरगी …. सारियाँ नै 2-2 अंडे दिए पर एक नै बस एकै अंडा दिया। 
मालिक: तनै 1 अंडा क्यूं दिया सै ? तनै मेरा डर नहीं ?
.
.जवाब मिल्या : मालिक ! यो थारा डर करकै ए तो दिया सै … नातै मैं तो मुर्गा सूँ ।

मंगलवार, 11 जून 2013

विश्वास उठ लिया

एक दिन, एक चोर रमलू के घराँ  चोरी करण आग्या . तिजोरी पै  लिख्या  था ‘तोड़ने की जरूरत नहीं सै …
.
564 बटन दबा दयो , आपै खुल जावैगी …
.
ज्योंहे  चोर नै  564 बटन दबाया, थोड़ी सी वार मैं  पुलिस आगी  …
.
चोर  बुड बुड़ाया : माँ कसम, आज इंसानियत पर तैं  विश्वास उठ लिया 

सोमवार, 10 जून 2013

नहले पै दहला 
रमलू  सिपाही की ड्यूटी बोर्डर पी लाग री थी । एक दिन फोन कर कै रमलू  अपने अधिकारी जुगनू थानेदार ताहीं न्यूँ बोल्या--साहब जी मनै एक ट्रक दारू का पकड़ लिया सै । जुगनू थानेदार बोल्या--शाब्बाश रमलू इब तूँ न्यूँ कर अक एक ट्रक  भुजिया का और पकड़ ले । 
दारू अर रमलू 
रमलू बहोत घनी दारू पिया करै था । जिब देखो जिब नशे मैं धुत पावै । एक दिन दुखी हो कै उसकी घर आली धमलो नै अपना बाबू फते  बुला लिया अर बोली --बाबू इसकी तो किसे बख्त बी दारू कोण्या उतरती । फते बी समझावन लाग्या --बेटा  रमलू ! तूँ दारू मत पीया कर । रमलू बोल्या --ठीक सै , मैं दारू कोण्या पीऊँ पर तमनै  मेरी तीन शर्त माननी होँगी ।  फते बोल्या --बेटा  बता तेरी तीन शर्त कौनसी सैं ? रामलू बोल्या --एक तो मैं जिस दिन कोए मेहमान आवैगा  उस दिन दारू पीऊँगा । फते अर धमलो  नै सोच्ची अक चलो कोए बात ना मेहमान के रोज रोज आवैंगे । न्यूँ  सोच कै रमलू तिं बोले --ठीक  सै । इब दूसरी शर्त बता । रमलू बोल्या-जिब ब्याह शादी होगी एक उस दिन पीऊँगा । वे दोनों बोले ठीक सै या भी मांनी । तीसरी और बता -- रमलू बोल्या --एक मेरा जिब जी करैगा जिद पीऊँगा । 

बात समझ कोन्या आई
एक बर रमलू कमलू थमलू  ठमलू अर धमलू  अपने यार फते के ब्याह मैं बरात मैं चाले गए । सुसराड़ मैं खातिर दारी मैं कमू वेटर शिकंजी के गिलास भर भर कै बरातियां ताहीं प्यावण  लाग रया था । कमू  नै उन पांचूआं ताहीं एक एक गिलास भर भर कै शिकंजी का दे दिया । रमलू  नै शिकंजी पी कै गिलास सीधा धर दिया अर ,कमलू नै अपना गिलास मूंधा धर दिया अर थमलू नै टेढ़ा गेड़ दिया । कमू वेटर उन ताहीं बोल्या --थम तीनूँआं नै गिलास न्यारे  न्यारे  ढाल क्यूं धरे सै ? रमलू -- मेरा सीधा गिलास धरण का मतलब यूं सै अक इसमें ओर शिकंजी घाल दयो । कमलू -- मेरा मूंधा धारण का मतलब यो था अक मनै ओर  शिकंजी कोण्या  चाहिए । थमलू  बोल्या -- मेरा टेढ़ा गिलास धरण का मतलब यो था अक बचरी हो तै घाल दे नहीं तो रहण दे । आई किमै समझ मैं ?