शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

report card

एक बर रमलू  डॉक्टर के पास पहुंचा और बोला: “डॉक्टर अंकल, क्या आपके पास दर्द की दवा है?”

डॉक्टर : “दर्द कहां है?”

रमलू : “जी, अभी तो नहीं है, लेकिन आधे घंटे बाद होज्यागा  जब मेरा बाबू  रिपोर्ट कार्ड देखैगा। ”

OVER TIME

एक बर बस में रमलू साथ खड़ी लड़की पर जानबूझकर गिरने लगा तो  लड़की गुस्से से बोली.
लड़की: क्या करते हो?
रमलू  जी सरकारी नौकरी!
लड़की: लड़कियां छेड़ना सरकारी नौकरी सै ?
 रमलू :नहीं, यह तो मैं ओवर टाइम कररया सूँ । 

दो चुटकले



एक बर गाम मैं  थानेदार आग्या, उस दिन एक भाई की भैंस  किसे का खेत चरगी थी, घना कसूता उल्हाना आया था। उसके घर आले  थानेदार नै  बोले, थानेदार साब इसने डरा धमका कै  ब्याह खातर त्यार कर ल्यो , यो ब्याह तैं  घना डरै  सै ।  थानेदार नै  डरा धमका कै  वो ब्याह क मन्ड्प मैं  बैठन नै त्यार कर दिया। दूजे गाम मैं जिब दुल्हन नै  ब्याह के  मन्ड्प मैँ  ल्याए , तो छोरा बोला “ए बेबे तेरी भैँस  नै  भी किसे का खेत चर लिया था के “?
एक  बै एक साईकल आले नै  एक बुढिया मैं  साईकल भिडा दी। बुढिया बोली “रे  ऊत तूँ  ईतनी बडी बडी मूँछ  ले रया सै , तनै शरम नही आयी  मेरै  टक्कर मारदी”। साईकल आला छोरा बोला, “क्यो ताई मूंछां  मैं  के ब्रेक लाग री सैं ”।

चूंन्ग ली हो तो

एक बर एक मारुती कार आले  नै एक ट्र्क मैं  पाछे तैं  टक्कर मारदी  अर  ट्र्क कै  नीचै  बडग्या। ट्रक  आला ड्रेवर खीड्की माँ  तैं  बोल्या, “अर भाई चूंन्ग ली हो तो बार काढ ले”।

बुधवार, 29 अक्टूबर 2014

निबंध

 निबंध

मास्टरजी  नै छात्रों से कहा कि कल गाय पर निबंध लिखकर ही आना।
 दूसरे दिन मास्टरजी ने पूछा कौन निबंध लिखकर नहीं आया है?
 रमलू  तुम बताओ निबंध लिखा?
रमलू  (छात्र): नहीं लिख पाया मास्टरजी.
मास्टरजी (गुस्से मैं ) : क्यों? और ये हाथ में प्लास्टर कैसे चढ़ गया?

रमलू : वह गाय नहीं सांड लिकड़्या  और उसनै  मेरै जोर की लात मार दी।

तीन फेरे रमलू के


पड़ौसियों  की छोरी के ब्याह में फेरे करवावण खातिर कोई बाहमण ना मिल्या । 
जब कित्तै तैं बाहमण का जुगाड़ ना हुया तै छोरी आळे रमलू नै  ले आये । रमलू  नै फेरे शुरु करवा दिये ।
तीन फेरे होण पाच्छै रमलू  बोल्या - भाइयो, रस्म तै पूरी हो-गी, छोरी की विदा करवाओ ।
छोरे आळे बाराती बोले - जी, फेरे तै सात होया करैं ।
रमलू  बोल्या - भाई, बात इसी सै, जै (अगर) उसनै रुकणा होगा तै तीन फेरयां में भी कित्तै ना जावै ।
 अर जै इसनै भाजणा ए सै, तै चाहे पच्चीस फेरे करवा ल्यो !!

सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

हरा साग



एक ताई कै तीन-चार बाळक थे । ताई रोज उन ताहीं हरा साग बणा कै दे देती - कदे सिरसम का, कदे चणे का, कदे बथुए का ।
बाळक बोले - मां, रोज-रोज हरा साग मत बणाया कर, कदे दूसरा भी बणा लिया कर ।
ताई बोल्ली - खाओ चाहे मत खाओ, मैं तै रोज हरा साग ए बणाऊंगी ।
बाळक फेर बोले - इसतैं आच्छ्या तै हामनै गळामा घाल-कै खेत में चरा ल्याया कर !

बटेऊ की हाजर जवाब सास



एक बै एक बटेऊ ससुराल गया । पहले ससुराल में साग-सब्जी, बूरा आदि मैं  तब  तक घी की धार डालते रहते थे जब तक कि मेहमान हाथ आगे कर के "बस, बस" कर के रोकता नहीं था । जब सास बूरा में घी डाल रही थी, तो बटेऊ परे-नै मुंह करकै बैठग्या - कदे "बस-बस" ना करना पड़ जावै ।
पर सासू भी कम चालाक नहीं थी । वो उसका मुंह वापस घी-बूरा की तरफ घुमा कर उसको दिखाती हुई बोली - "रै देख, बटेऊ जितणा तै दिया सै घाल, अर पहलवानी करणी सै तै आपणै घरां जा करिये" !!

गादड के कान

गादड के कान

एक बै…..एक गादडी के पाछे दो कुत्ते लागरे थे। वा भाज कै एक दूसरे गादड के बिल में बड़गी । गादड बडा मसखरा था। वो आपणी बहू तै बोल्या…..बूझिये  बहू नै…..क्यूं तंग पारी सै..?
गादडी बोल्ली…….म्हारै छोरी के बटेऊ आरे सैं……अर आजै ले जाण की जिद कररे सैं।
गादड छो मैं  भर कै बोल्या…..मैं देखूं सूं उननै  जाकै। अकड मैं  गादड नै  बिल तै मुंह  बाहर काढ्या  तै दोनूं कुत्यां  नै उसके दोनूं कान पकड लिये। गादड झटका मार कै उलटा ए बिल में बडग्या। पर कान कुत्यां  के मुंह मैं  ए  रहगे । भीतर दूसरी गादडी नै  गादड की बहू तै कहा, पूछिये री…….मेरे पितसरे के कानां कै के होग्या….?
गादड बोल्या………बटेऊ तै घणें ऊंत सैं। वैं छोरी के धोखें में मन्नै ए ट्राली में गेर के ले जावैं थे। बडी मुश्किल तै पिंडा छुड़ा कै आया सूं…!!

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2014

छक्का1

छक्का
गरीब की बात हमेशा  बस चुनाव में  होती है
 चुनाव गए गरीब गया गरीबी फिर रोती है
हरयाणा की राजनीति गोत व जात को ढोती है
इलाकावाद की भरम फिर सबको  डबोती है
मैरिट मानवता फिर वजूद अपणा खोती  है
ये जातिगत राजनीति बीज घृणा के बोती है
"रणबीर "

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2014

छक्का


छक्का
गऊ शाळा और  मंदिर बणा जो  खुद की गोज भरण लगे
बण धर्म गुरु माँ बाहणां की जो ईज्जत पै नीत धरण लगे
इसे  चालबाज नेता बण कै जनता का शोषण करण लगे
बचियो इसे धर्मात्मावां तैँ जो चौड़े  द्रोपदी चीर हरण लगे
लोग इनकी भकायी मैं आकै झूठे सप्नयां मैँ तिरण लगे
झूठे वायदे पिलाकै दारू धरण विधान सभा मैं चरण लगे
"रणबीर "
सच का सौदा झूठ बेचते कट कट कर मरते देखो
जात गौत की जफी पारे रंग सेक्युलर भरते देखो
भूले हारीबीमारी याराना दवा कंपनी से करते देखो
पुलिस अफसर सब ईनसे खामखा आज़ डरते देखो
जहाँ जनता गयी वहीँ पे ये अत्याचारी घिरते देखो
काँग्रेस कभी भाजपा  इनेलो के पाले फिरते देखो 

सोमवार, 29 सितंबर 2014

बाप का नाम करया रौशन

बाप का नाम करया  रौशन
माँ रमलू तैं: बेटा यो के करण लागरया सै ? 
रमलू : माँ , मैं बाबू  का नाम इस बल्ब पर लिखण लागरया सूँ ।  
माँ : ईसा  करै सै रे बेटा ?
रमलू : मैं अपने बाबू  का नाम रौशन करण ताहिं कररया सूँ  । 
रमलू डाक्टर से -आपने कहा  था कि सुबह गेम खेलने से सेहत ठीक रहती है ,पर मुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ा?

 डॉक्टर - कौन  सा गेम खेल्या था
रमलू -- वोहे

sardaar

एक बै  रमलू काँधे पै  एक तोता बिठाएं ले जावै  था | 
आगे तैं कमलू  आग्या वो बोल्या "रै रमलू यु कुन्सा जिनावर सै "| 
तोता बोल्या -"सरदार"

रमलू कमलू नै पागे दो बम्ब

रमलू कमलू नै पागे दो बम्ब 
कमलू - रमलू  नै  दो बम मिले, पुलिस नै  देवण चाल पड़े।  
कमलू रमलू तैं बूझण लाग्या: जै कोए  बम राह  में फटग्या तो?
रमलू : झूठ बोल दयांगे अर  कह दयांगे अक एकै मिल्या था.

गुरुवार, 25 सितंबर 2014

apnee e liya

बाणिया (अपणी बहू तै) - मेरी कड मै भोत दर्द  हो रया सै, जा कै रमलू के घर तै आयोडैक्स  लिया
बहू - वो कोन्या दें
बाणिया - आच्छा ! भोत कन्जूस वो तै, चाल कोए ना, अपणी ए काढ ल्या अलमारी मै तै। 

gulgule

एक बै रमलू  घर नै  आया अर् अपनी बहु धमलो  तै बोल्या - आज मैं रामेहर के घरां  वो ए खा कै आया सूं, अर् तू भी वो ए बना ले l
धमलो  बोली-  जाय रोये वो ए का कुछ नाम भी होगा, के बनाऊ?
रमलू  बोल्या - वो ए बना, ना तै आज तेरी खैर नहीं l
इस्से तरिया  धमलो  पूछती रही अर् वो नुए कहता रहा कि वो ए बना,
अर् रमलू  नै धमलो चौखी  पीट  दी।
थोड़ी देर में एक पड़ोसन आई अर् बोली यो के कर राख्या सै  या पीट पीट  कै  तनै  गुलगुले बरगी बना दी ।
रमलू नै  दो लठ उस पड़ोसन कै  धरे अर् कह्य के तू थोड़ी हाण पहल्या आ जाती तै या बेचारी धमलो  तै ना पिटती....

रविवार, 27 जुलाई 2014

तलाक़

रमलू  और उसकी पत्नी धमलो में बिलकुल भी नहीं पटती थी. आखिरकार
 उन्होंने तलाक़ लेने का फैसला कर लिया.
जज ने उन्हें तीन महीने बाद की तारीख दी और कहा कि इन 3 महीनों के 

दौरान ज्यादा से ज्यादा समय एक साथ रहने की कोशिश करें, एक
 दूसरे से बात करें.
3 महीने बाद जब संता और उसकी पत्नी अदालत पहुँचे तो जज ने 

पूछा – “इस दौरान कितना वक्त साथ में बिताया और बातचीत
 हुई कि नहीं ?”
रमलू  – “हम लोग पूरे 5 हफ्ते साथ-साथ रहे और किसी एक भी बात पर 

सहमत नहीं हो सके …..”
धमलो  (बीच में बात काटते हुए) – “ये झूठ बोल रहे हैं योर ऑनर ! 

हम लोग 5 हफ्ते नहीं, 6 हफ्ते साथ-साथ रहे !!!”

सीख गई

धमलो (रमलू तैं ) – आपको याद है शादी के शुरूआती दिनों में जब मैं खाना बनाती थी
 तो आप मुझे ज्यादा खिलाते और खुद कम खाते थे ! …. अब ऐसा क्यों नहीं … ?
.रमलू  - क्योंकि अब तुम खाना बनाना सीख गई हो !!!

तौहीन अदालत की

रमलू नै  पत्नी के साथ मारपीट करने के जुर्म में अदालत में पेश किया गया.
जज ने रमलू की जबानी पूरी घटना ध्यान से सुनी और भविष्य में अच्छा 
व्यवहार करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया.
अगले ही दिन रमलू नै  पत्नी को फिर मारा और फिर अदालत में पेश किया गया.
जज ने कड़क कर पूछा – “तुम्हारी दुबारा ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई ? 
अदालत को मजाक समझते हो ?”
रमलू नै  अपनी सफाई में जज को बताया – नहीं हुजूर, आप मेरी पूरी बात सुन लीजिए. 
कल जब आपने मुझे छोड़ दिया तो अपने-आपको रिफ्रेश करने के लिए मैंने थोड़ी सी 
शराब पी ली. जब उससे कोई फर्क नहीं पड़ा तो थोड़ी-थोड़ी करके मैं पूरी बोतल पी गया. 
पीने के बाद जब मैं घर पहुंचा तो पत्नी चिल्ला कर बोली – “हरामी, आ गया नाली का पानी पीकर !”
हुजूर, मैंने चुपचाप सुन लिया, और कुछ नहीं कहा. फिर वह बोली – “कमीने, कुछ काम धंधा भी 
किया कर या केवल पैसे बर्बाद करने का ही ठेका ले रखा है … !”
हुजूर, मैंने फिर भी कुछ नहीं कहा और सोने के लिए अपने कमरे में जाने लगा. 
वह पीछे से फिर चिल्लाई – “अगर उस जज में थोड़ी सी भी अकल होती तो तू आज जेल में होता … !!!”
बस हुजूर, अदालत की तौहीन मुझसे बर्दाश्त नहीं हुई …. !!!

अच्छा रेट

रमलू : माँ , मैं कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।
ममी: क्यों बेटा, ऐसी क्या बात हो गई?
रमलू : आज स्कूल में हम सभी बच्चों का वजन किया गया था...
ममी: तो क्या हुआ?
रमलू : मनै  डर है कि अगर रेट अच्छा मिला, तो स्कूल वाले कहीं हमें बेच न डालें!!!

जैसी करनी, वैसी भरनी।

टीचर: रमलू , एक ऐसी कहानी सुनाओ जिससे कोई शिक्षा मिलती हो।
रमलू : मैंने उसको फोन किया, वह सो रही थी।
फिर उसने मुझे फोन किया, तो मैं सो रहा था।
टीचर : इसमें कौन सी शिक्षा मिलती है?
रमलू  : शिक्षा मिलती है : जैसी करनी, वैसी भरनी।

शुक्रवार, 18 जुलाई 2014

शर्म नीं आई

रमलू  अपणी घरआली धमलो  नै  ल्याण खातर सुसराड चल्या गया | जद वो धमलो नै  लेके अपणी सुसराड तै चाल्लण लाग्या तो उसकी सासू  नैं जुहारी म्ह उस ताई दस रपिये दे दिए | घरां आयां पाच्छे रमलू  धमलो  गेल झगड़ा करण  लाग्या अर कई देर ताहिं  झगड़ता रह्या | आखिर मैं  धमलो  तंग होकै रमलू  तैं  बूझण  लाग्यी, 'जी थाम मेरै गेल क्यान्तें झगड़ण लाग रह्ये सो?' रमलू  छोह मैं आकै  बोल्या, "तेरी मां नै  शर्म कोणी आयी |" धमलो  नै  बूझ्या , ""किस बात की शर्म?"  बोल्या, "मैं थाहरे घरां केले तो सो रपियाँ के लेकै  गया पर तेरी मां नै   जुहारी म्ह दस रपिये दे दिए |" धमलो  तपाक तैं  बोल्यी, "जी मन्ने न्यूं बताओ अक थाह्म ओड़े मन्ने लेण गए थे अक केले बेच्चण गए थे |"

नीम्बू पानी मैँ जीरा

 

ताऊ धारे  के 6 छोरे थे | वे 6 के 6 जमां काले थे | एक बार वे सारे गाम के जोहड़ में नहाण लागरे  थे | ताऊ धारे  उन्ती देख देख कै  राजी होरया था | ताऊ उन्ती देखदा देखदा अपणे धोरे खड़े रमलू  ती बोल्या - "देख मेरे छोरे !", रमलू बोल्या - "हाँ ताऊ देखे, जणू नीम्बू पाणी में जीरे के बुँदे  होए दाणे तैरण लाग रै सै |"
रमलू  सबसे बड़ा चैलेंज क्या है?
कमलू : एग्जाम में पेपर खाली छोड़कर लास्ट में लिख देना..
….कि हिम्मत है तो पास करके दिखा!

तुम्हारी भाभी से'।

एक दिन रमलू  नै  अपनी भाभी खूब पीटी ।  उसके चिल्लावण  की आवाज सुन कै  पड़ोसी देखण  आगे  अर  रमलू  तैं  बूझण  लागे  अक  के  बात होगी , इतना क्यों मार रहे हो अपनी भाभी नै ?
रमलू (गुस्से में): भाईसाहब या  मेरी  पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों गेल्याँ  बाते करती है।
पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?
रमलू : अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त तैं  बूझूँ  हूँ कि वो फ़ोन पै  किस गेल्याँ बात कररया   हैं, तो वो नयों ऐ  कहवै  है 'तेरी  भाभी तैं '।

लठ से गाड़ दिये

लठ से गाड़ दिये 

रमलू चार बर आठवीं जमात मैं लगातार फेल होग्या । आई बरियां वो अपने बाबू नै कहन्दा "इब कै तो लठ गाड़ आया । जइब पाँचमी बर वो पेपर दे कै नै आया तो उसके बाबू नै बूझ्या --बेटा रमलू पेपर किस होग्या ? रमलू नै कह्या -- बाबू इब कै नै तो कति  लठ सा गाड़ दिया । 
रमलू का बाबू --वाह बेटे पाछले लठ तो तेरे पै पाट्टे कोन्या अर तूँ एक लठ और गाड़ आया ।

beer

एक बार रमलू अर कमलू , किसी बियर बार में बियर पीने गये। जब वह पीने लगे तो रमलू बोला, "लगता है बाहर बारिश हो रही है। तुम ऐसा करो घर जाकर जल्दी से छतरी ले आओ।"

कमलू  गुर्राया: मुझे पता है मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बियर पी जाओगे।

रमलू  ने उसे यकीन दिलाया कि वो उसकी बियर नहीं पियेगा। उसके हिस्से की बियर ज्यों की त्यों रखी रहेगी।

संता यह सुनकर मान गया और छतरी लेने चला गया।

जब रात गहराने लगी पर कमलू  छतरी लेकर नहीं लौटा तो बंता ने सोचा शायद रमलू  घर पर ही रुक गया है और अब नहीं आएगा। यही सोच कर उसने कमलू  का बियर वाला गिलास उठाया ही था कि बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई, "अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।"

गुरुवार, 19 जून 2014

TAAR

रमलू के छोरे नै बूझ्या  - बाबू  टेलीफोन के तार इतने उंचे क्यों होते है ?

रामलू नै कहया - बेटा ! इसलिए कि उनमें आने वाली बात को कोई सुन न ले |

मंगलवार, 17 जून 2014

Ramloo and doctor

रमलू  चिकित्सक के पास दुबारा जाता है... 
चिकित्सक : दवाई पी-ली थी या नहीं? 
रमलू  : नहीं Doctor साहब दवाई तो हरी थी. 
चिकित्सक- मेरा मतलब है दवाई ले ली थी ना? 
रमलू  - हाँ doctor साहब आपने  दी, तो मैंने ले ली थी. 
चिकित्सक- अरे यार दवाई की शीशी खा-ली थी ना? 
रमलू   - नहीं doctor शीशी तो भरी हुई थी. 
चिकित्सक - अबे गधे दवाई को पी-लिया था ना? \
रमलू  - अरे dr साहब पीलिया (juandice) तो मुझे था! 

उसे पढ़ा जा रहा है।

रमलू : पिता के रूप में मुझे गर्व है कि मेरा पुत्र मेडिकल कॉलेज में है। कमलू  :अरे वाह! वहां क्या पढ़ाई कर रहा है वह? 
रमलू  : वह पढ़ नहीं रहा है, वहां उसे पढ़ा जा रहा है।

दस साल का रमलू

दस साल का रमलू  बहुत ध्यान से एक किताब पढ़ रहा था, जिसका टाइटल था, 'बच्चों का पालन-पोषण कैसे करें'? 
मां: तुम इस किताब को क्यों पढ़ रहे हो? 
रमलू : मैं ये देखना चाहता हूं कि मेरा पालन-पोषण ठीक से हो रहा है या नहीं ?

वीआईपी लोग

रमलू : आज मेरी बकरी ने अंडा दिया है. 
कमलू : पागल हो गये हो क्या बकरी कभी अंडा देती है? 
रमलू : भाई हम वीआईपी लोग हैं, हमारी मुर्गी का नाम बकरी है।

कोई भी चलेगा।

रमलू : सिस्टर मुझे एक बोतल खून दे दो। 
सिस्टर: ब्लड ग्रुप बताओ? 
रमलू :  कोई भी चलेगा।
सिस्टर: कैसे? 
रमलू : गर्लफ्रेंड को लव लैटर लिखना है।

शनिवार, 24 मई 2014

KIS




रमलू  फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूट बैठग्या  बात करण का |

अम्बानी  जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक “किस” करना मेहनत सै अक या मजा सै ?

रमलू  बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?

अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |

रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै थाम यो  भी मेरे पै ए करवांदे||  

KUNSEE DAROO


धमलो  --थाम देसी पी कै आवो सो तो मनै पारो कह कै बोलो  सो  |

अर जब अंगरेजी पी कै आवो सो तो मनै  डार्लिंग कह कै बोलो सो

फेर आज थामनै मेरे ताहीं भूतनी अर चुड़ैल क्यूं कहया ?

रमलू --आज स्प्राईट पी कै आया सूँ | सीधी बात नो बकवास ||

SPEAKER


एक बार  की बात मुढाल हल्के  के M.L.A. तहिं  चौधरी बन्सी लाल नै  हरियाणा State Assembly का Speaker बना दिया। जब मुढाल हल्के के लोग उस M.L.A. धोरै  नौकरी मांगन गये, तो वो बोल्या ‘भाई..चौधरी साब नै  मै निरा बाजण  का बना दिया, नौकरी कडे तैं  दयु ‘।

MODA

एक बै  एक बाबा सत्संग करण  लागरया--- , अर कहवै  – मनै  सारी दुनिया देख राखी सै  अर दुनिया की कूण कूण मैं  जा रहया सूँ  ।

इतने मैं  भीड़ मे बेठे रमलू  नै  रुक्का मारया  – रै मोडे क्यूँ जूठ बोले सै  , कदे सुसराड़  गया सै ?

kitne rapayeye


एक बर रमलू चा पीवण एक चा के खोखे पै चल्या गया । बोल्या ---रै नीकू एक चा बनाईये । ईतने मैं उसका याड़ी  कमलू आज्या सै । बोल्या --रै नीकू न्यूँ करिये दो मैं कर ल्याईये । थोड़ी  सी वार मैं एक और याड़ी धमलू आज्या सै । बोल्या --रै नीकू न्यूँ करिये तीन मैं कर ल्याईये । थोड़ा बतलाये । इतनै ठमलू और आग्या । बोल्या --रै  नीकू चार मैं कर ल्याइए । चा पीयें पाछै रमलू बोल्या --रै नीकू कितने रुपैये होगे ? नीकू -- रपैये रुपैये छोड़ तूँ न्यूँ कर ये कप धोज्या।

Ibkai sahi


एक  बै रमलू   का  अर  कमलू  का पड़ोस था | कमलू  का बुड्ढा बाबू मर गया | अर  रमलू  हर लामणी लाग रे थे किम्मे ध्यान ना दिया | कई दिन पाछे :- कमलू  — आ भाई , हाम भोत नाराज सां ,तम मेरे बाबू का गोड़ा मोड्न ना आये |रमलू —– नाराज ना होवे भाई ,इबकै  कोए मरेगा जब आ जावान्गे |

jahar

रमलू  : मनै  जहर चाहिये सै ।
दुकानदार : बिना पर्ची के कोन्या दे सकदा.
रमलू  नै  आपने ब्याह का कार्ड दिखा दिया.

दुकानदार : बस कर भाई ….. रुवावैगा के ….नू बता बड़ी शीशी दू अक  छोटी …?

LATH KEE BHASHA

एक चौधरी साहब के बेटे नै  एक नवाब साहब के बेटे को पीट दिया । नवाब साहब शिकायत करने गए तो बोले—
हुज़ूर चौधरी साहब आपके लखत-ऐ-जिगर ने हमारे नूर-ऐ-चश्म को बड़ी बे-रहमी से पीटा है | आइन्दा के लिए ख़बरदार कर दीजियेगा ।

अगले दिन नवाबजादे ने चौधरी साहब के बेटे को पीट दिया तो गुस्साए चौधरी साहब नवाब को बोले—” देख  रै गाडे, अपने सांड नै  डाट लिए नहीं तै  लठ्ठां  लठ्ठां  देदड दयांगे !”

DILLI KA RASTA


एक बार रमलू  अर दो तीन नए नए जवान रोहतक  मैं  कै  कार लिए जावैं  थे सोनीपत स्टैंड धोरे जाके बिचल  गे  ! एक पुलिसिया दिख्या तो एक नाड काढ कै  बोल्या ---दिल्ली जाना  सै  ! पुलिसिया बोल्या--- तो जा भाई मैं  कुन्सा तन्ने रोकूँ  सूँ  !

रमलू ने ऍफ़ एम् पर कॉल करी……

.
रमलू : मनै  एक बटुआ पाया सै, जिस्मैं घने  ए  रपिये अर्र दो क्रेडिट कार्ड  सैं , अर् इसपै  पता लिख राख्या सै ” रामफल “ का
होस्ट: तो आप रामफल को उसका पर्स वापिस करना चाहते हैं…..बहुत  अच्छी बात है रमलू  जी…

रमलू : हा हा हा हा हा बावला हो रया सै के… मैं तो उसनै एक सैड सोंग डेडीकेट करना चाहूँ सूं !

सोमवार, 7 अप्रैल 2014

fareb

पल पल तुम्हारा  साथ रहे निभाते हम 
इक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हम 
समुन्द्र के बीच पहुँच फरेब किया तुमने 
तुम कहते तो किनारे पे डूबकी खाते हम



toote rishte

कुछ खबर नहीं वो शक्श क्या चाहता रहा  
कि तालुक़ तोड़ कर भी मुझको आजमाता रहा 
टूटे हुए तालुक में भी कितनी मजबूती है 
मैं जितना भूलती रही वो उतना ही याद आता रहा  





MAT POOCHH

मत पूछ मेरी सबर की इन्तिहाँ कहाँ तक है 
तूँ सितम कर खूब तेरी ताकत जहाँ तक है 
मुझे तॊ मेरी वफ़ा की उम्मीद पूरी है दोस्त 
बस ये देखना है कि तूँ बेवफा कहाँ तक है 

dil ka dard



दिल के दर्द को शब्दों में ढाला नहीं गया 
गम के आंसूं को आँखों से निकाला नहीं गया 
उस बेवफा ने मुझे दर्द इसलिए दिया बहन 
क्योंकि उससे मेरा प्यार सम्भाला नहीं गया 


प्रेमी और प्रमिका

प्रेमी और प्रमिका

प्रेमी  : जब हमारी शादी हो जायेगी मैं तुम्हारी सारी चिन्तायें और कष्ट बांट ल्यूंगा । प्रेमिका  : मुझे तुमसे यही उम्मीद है,
 लेकिन मेरी जिंदगी में कोई चिन्ता या कष्ट नहीं है।प्रेमी -- क्यों ?प्रेमिका   : वो तो इसलिये क्योंकि अब तक हमारी शादी
 नहीं हुई है।

PREM PTR

प्रेम पत्र!

जीतो की एक सहेली ज्यादा पड़ी लिखी ना थी उसकी शादी एक अच्छे पढ़े-लिखे साहब से हो गई। जो शहर में काम करता था। शादी के लगभग तीन-चार माह बाद उसके पति का पत्र आया। पत्र काफी साहित्यिक था, अंत: उसने जवाब भी उसी तरह देना चाहा।

उसने जीतो से पूछा कि सम्भोधन कैसे करूँ और अंत में क्या लिखूं।

जीतो ने उसे बताया कि शुरू में लिखना, 'मेरे प्राण पति और अंत में आप के चरणों की दासी।'

यह पूछकर वो चली गई। उसने पत्र लिखा। तीसरे दिन उसके पति का नाराजगी भरा पत्र आया। वो जीतो के पास रोती हुई आई तो जीतो ने उससे पूछा, "ऐसा क्या लिख दिया कि तुम्हारे पति नाराज हो गए। मैंने तो ऐसी कोई बात नहीं लिखाई।"

इस पर जीतो की सहेली ने अपने पति का पत्र जीतो की तरफ बढ़ा दिया। पत्र पढ़कर उसका हंसी के मारे बुरा हाल हो गया। उसकी सहेली ने अपने पत्र में लिखा था, 'मेरे चरण पति और अंत में लिखा था आपके प्राणों की प्यासी।'

डाक्टर का इलाज

डाक्टर का इलाज

एक आदमी मनोचिकित्सक के पास गया । बोला -''डॉक्टर साहब मैं बहुत परेशान हूं। जब भी मैं बिस्तर पर लेटता हूं, 
मुझे लगता है कि बिस्तर के नीचे कोई है। जब मैं बिस्तर के नीचे देखने जाता हूं तो लगता है कि बिस्तर के ऊपर कोई है।
 नीचे, ऊपर, नीचे, ऊपर यही करता रहता हूं। सो नहीं पाता । कृपा कर मेरा इलाज कीजिये नहीं तो मैं पागल हो जाऊंगा।'' 
डॉक्टर ने कहा - ''तुम्हारा इलाज लगभग दो साल तक चलेगा। तुम्हें सप्ताह में तीन बार आना पड़ेगा। अगर तुमने मेरा 
इलाज मेरे बताये अनुसार लिया तो तुम बिलकुल ठीक हो जाओगे।'' मरीज - ''पर डॉक्टर साहब, आपकी फीस कितनी 
होगी ?''डॉक्टर - ''सौ रूपये प्रति मुलाकात''गरीब आदमी था। फिर आने को कहकर चला गया। लगभग छ: महीने बाद
 वही आदमी डॉक्टर को सड़क पर घूमते हुये मिला । ''क्यों भाई, तुम फिर अपना इलाज कराने क्यों नहीं आये ?'' 
मनोचिकित्सक ने पूछा। ''सौ रूपये प्रति मुलाकात में इलाज करवाऊं ? मेरे पड़ोसी रमलू  ने मेरा इलाज सिर्फ बीस रूपये में
 कर दिया'' आदमी ने जवाब दिया। ''अच्छा! वो कैसे ?''''दरअसल वह एक बढ़ई है। उसने मेरे पलंग के चारों पाए
 सिर्फ पांच रूपये प्रति पाए के हिसाब से काट दिये।''

ताला कोणी खुलता

ताला  कोणी खुलता

रमलू  नै  एक दिन कुछ ज्यादा ही पी ली। लडखड़ाते कदमों से किसी तरह घर के दरवाजे तक पहुंचा और जेब से
 चाभी निकालकर ताला खोलने की कोशिश करने लगा।
नशा ज्यादा होने की वजह से वह चाभी को ताले में डाल ही नहीं पा रहा था। चाभी कभी इधर हो जाती कभी उधर । 
उसे परेशान होते देख पास ही खड़े एक व्यक्ति ने उसकी मदद करनी चाही ।
पास आकर बोला - लाओ चाभी, ताला मैं खोल देता हूं।
रमलू बोल्या  - नहीं, नहीं, ताला तो मैं खोल लूंगा। तुम तो बस जरा दरवाजे को पकड़ के रखो।

आज पी लेण दयो

आज पी  लेण  दयो 

रमलू  शराबी एक बार में गया । वहां जाकर उसने बार में मौजूद सभी लोगों, जिनमें बार मालिक भी शामिल था, 
के लिए अपनी तरफ से एक-एक पैग व्हिस्की का ऑर्डर दिया।
- आज सभी लोग मेरी तरफ से पियो । रमलू  ने झूमते हुए घोषणा की।
आधे घण्टे बाद रमलू  ने फिर से सभी लोगों के लिए एक-एक पैग व्हिस्की का ऑर्डर दिया। बार मालिक को भी 
एक पैग और मिला। फिर तो हर आधे घण्टे बाद यही क्रम चलने लगा। पांचवें पैग के बाद बार मालिक को चिंता
 होने लगी। उसने रमलू को एक तरफ बुलाकर कहा - भाईसाहब, आपका अभी तक का बिल तीन हजार चार सौ 
रुपये हो गया है ।- बिल ? कैसा बिल ? मेरे पास तो फूटी कौड़ी भी नहीं है। रमलू  ने जेबें उल्टी करके दिखाते हुए कहा।
अब तो बार मालिक का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उसने लात घूंसों से रमलू  की जमकर पिटाई की और 
आखिर में बार के कर्मचारियों से कहकर बाहर गंदे नाले में फिंकवा दिया ।
अगले दिन शाम को बार अभी खुला ही था कि रमलू  अंदर आया और बोला - एक पैग व्हिस्की मेरे लिए और एक-एक
 यहां मौजूद सभी लोगों के लिए मेरी तरफ से ...... ।
फिर बार मालिक की तरफ उंगली करके बोला - सिर्फ तुमको छोड़कर .... । तुम चार पैग के बाद बहक जाते हो

balance low

रमलू -- शाम – सबेरे तेरी घणी याद आवै है। सारी रात मन्नै जगावै है।
करने को तो करूं तन्नै कॉल।
… पर कस्टमर केयर की छोरी हर बार बैलंस लो बतावै है।

NAKA

. एक बै रमलू  खेत  म्ह रेडियो सुनै  था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी, बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली म्ह… रमलू  नै देख्या पाछे नै नाका  टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत म्ह जाण लाग रहया सै ।  रमलू  छोंह म्ह आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , लवै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै था । 

रविवार, 6 अप्रैल 2014

सबसे भयानक कौन?

एक बार जंगल में कुछ लोग हवन कर रहे थे। देवताओं को खुश करने के लिए ज़ोर-ज़ोर से मंत्र पढ़े जा रहे थे, लेकिन अचानक ही वहाँ एक राक्षस प्रकट हो गया। लपलपाती, आग उगलती जिव्हा और खून से सने उसके लंबे नुकीले दाँत उसे बहुत ही भयानक बना रहे थे।

चारों तरफ भगदड़ मच गई।

जिसे जैसी जगह दिखी भाग निकला। कुछ ही पलों में सब खाली हो गया।

इस सब में एक महिला  वहीँ बैठी रही ।

राक्षस गरजते हुए उसके पास पहुंचा और पूछा, "तुम जानती  नहीं मैं कौन हूँ?"

उस महिला  ने कहा, "हाँ मैं जानती  हूँ। तुम कुम्भीपाक नर्क के राक्षस हो।"

राक्षस ने गरजते हुए, आग उगली और फिर पूछा, "तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता?"

उस महिला  ने जवाब दिया, "नहीं, बिलकुल भी नहीं।"

यह सुनकर गुस्से में पागल राक्षस बोला, "अब कोई भी तुम्हारी रक्षा नहीं कर पायेगा मूर्ख! ये बता तुझे मेरा भय क्यों नहीं है?"

उस महिला  ने उसी शान्ति से जवाब दिया, "क्योंकि मैं पिछले पच्चीस वर्षों से शादीशुदा हूँ और मेरा  पति  तुमसे भी भयानक है!" 

समय का सदुपयोग

समय का सदुपयोग 
एक स्टेनोग्राफर दफ्तर में हर सोमवार को देर से आया करता  था । एक सोमवार को देर से पहुँचने पर उसकी मैनेजर ने उसे अंदर बुलाया तो वह घबरा गया 

लेकिन जब मैनेजर ने मुस्कुरा कर पूछा कि अगले रविवार की रात तुम्हारा क्या प्रोग्राम है तो वह खिल उठा और बोला , "वैसे तो मैं अपने दोस्तों के साथ फ़िल्म देखने जाने वाला था , लेकिन आप कहें तो अब की बार यह प्रोग्राम रद्द कर दूँ।

महिला मैनेजर: बहुत अच्छा! सभी प्रोग्राम रद्द करके जल्दी सो जाना ताकि सुबह जल्दी उठ कर ठीक समय पर दफ्तर आ सको।

वसूली का तरीका

वसूली का तरीका 
रमलू  नै  होटल के मालिक तैं  कह्या , "जनाब! इस समय आपका बिल चुकाने के लिए मेरे धोरै पीसे कोन्या  ।"
होटल का मालिक बोला, "आप चिंता मत कीजिए, हम आपका नाम दीवार पर लिख देंगे। आप जब अगली बार आएं तो दे दीजिएगा।"

रमलू :न्यूँ   तो सबनै  बेरा पाट ज्यागा

होटल का मालिक: कैसे पता लग जाएगा श्रीमान जी, नाम के ऊपर आपका कोट जो टंगा होगा।

Adalat kee tauheen

अदालत की तौहीन 

अदालत में मुक़दमा चल रहा था कि शराबी पति रमलू ने अपनी पत्नी का हाथ तोड़ दिया।

जज के सामने जब पति को पेश किया गया तो उसने सुबकते-सुबकते सारी घटना सुना दी। जज ने पति से भविष्य से अच्छा व्यवहार करने के वायदे पर उसे छोड़ दिया।

लेकिन दूसरे दिन ही उसे पत्नी का दूसरा हाथ तोड़ने पर जज के सामने लाया गया।

इस बार रमलू ने सफाई देते हुए बताया, "हजूर छूटने पर अपने को सम्भालने के लिए मैंने थोड़ी सी शराब पी पर जब इससे भी कोई फर्क नहीं आया तो थोड़ी-थोड़ी करके मैं दो बोतलें पी गया। दो बोतल शराब पीने के बाद जब मैं घर पहुंचा तो मेरी पत्नी मुझ पर चिल्लाने लगी कि शराबी ,आ गया नाली में लेटकर।

हजूर मैंने अपनी हालत पर गौर किया और सोचा शायद यह ठीक कहती है। इसलिए मैं खामोश रहा। इसके बाद वह बोली, "हरामखोर, कुछ काम धन्धा भी करा कर।" हजूर मैं इस पर भी मैं कुछ नहीं बोला पर फिर तो इसने हद ही कर दी और बोली, "अगर जज में थोड़ी सी भी अकल होती तो तू अब तक जेल में होता।" बस हजूर, अदालत की तौहीन मुझसे बर्दाश्त ना हुई!

शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

लाजवाब बागेर्निंग

लाजवाब बागेर्निंग 
एक बर रमलू  चेन्नई गया अर उड़ै  अपने तमिल दोस्त के घरां  जाकै  ठहरया । आगले दिन वो  बाजार में खरीददारी के लिए एकला ए  ही चाल पड़या ।  उसके मित्र ने कहा कि,"जब तुम खरीददारी करोगे तो जो भी सामान खरीदोगे उसकी कीमत जितनी दुकानदार कहेगा तुम उसे कहना कि इसका आधा दूंगा।" रमलू बाजार में पहुँच गया उसने एक स्टीरियो की  कीमत पूछी तो दुकानवाले ने कहा, "2000 रूपए।" रमलू  नै कहया ,"मैं 1000 रूपए दयूंगा ।" दुकान वाले ने कहा, "साहब 1800 रूपए में दे सकता हूँ"। इस पै  रमलू  ने कहया  "900 रूपए।" दुकानदार ने कहा, "साहब बस अब लास्ट रेट 1500 रूपए लगेगा।" रमलू  नै  कहया ,"750 रूपए।" इस पर दुकानदार ने चिढ़ कर कहा, "मैं आपको ये स्टीरियो मुफ्त में ही दे देता हूँ।" रमलू  नै कहया , "मैं इसनै  जिबै  मुफ्त में ल्यूंगा जिब  तुम इसके साथ और एक स्टीरियो दयोगे ।"

pati ramloo

चाय पीने के बाद पति रमलू 
- जब थाम  देसी पीकै  आऔ  हो तो मनै पारो कहो  हो... ....... .........
. जब थाम अंग्रेजी पीकै  आऒ  हो, तो मनै डार्लिंग कहो  हो.... ...... ...
... जब थाम बीयर पीकै  आऒ  हो, तो मनै  गुले-गुलजार कहो  हो अर आज थामनै  के होग्या  अक .....मनै  थाम  चुड़ैल अर और बेर ना के के कहवन लागरे सो ..? ..... ......
.. रमलू - आज मनै  कई  दिनां पाछै तेरे  हाथ की चाय पीई  सै  अर मैं होश में सूँ ।

girl friend

गर्ल फ्रेंड  बनैगी ?????
 रमलू - मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?? 
...... ........... लड़की- मेरे पॅरेंट्‍स की परमिशन नहीं है
....। ......... .......... ......... रमलू - हां, इडियट!
 ...... ........ज्यूकर मेरे बाप ने तो मेरे ताहिं  'अखिल भारतीय 
लड़की पटाओ' अभियान का चेयरमेन बना राख्या सै ....! हा....हा....हा.....। 


Ramloo aur narsh

रमलू  कै नर्स ने मारया थप्पड़ 
 रमलू  (डॉक्टर तैं )- थामनै  नर्स बहुत बढ़िया  राख राखी सै  उसके हाथ लानते की साथ मैं  ठीक होग्या । डॉक्टर- मैं जानता हूं..। थप्पड की आवाज बाहर तक आई थी।

सोमवार, 27 जनवरी 2014

मोटापा

मोटापा 
मोटू रमलू डॉक्टर से- ‘वज़न कम करने का कोई उपाय बताओ ।
डॉक्टर- ‘365 दिन तक रोज़ सुबह 8 किमी. दौड़ लगाओगे तो ही वज़न कम हो पाएगा।
365 दिन बाद मोटू रमलू  डॉक्टर को फोन पर- ‘बड़ी मुसीबत में फंस गया सूँ  डॉक्टर साहब।
डॉक्टर- ‘क्यों, वज़न कम नहीं हुआ क्या?
रमलू - ‘वज़न तो कम होग्या , फेर रोज़ 8 किमी. दौड़ते-दौड़ते मैं अपने घर तैं 
 3000 किमी. दूर पहुंच लिया । ईब घरां  क्यूकर  आऊं?’

paper

रमलू  ठमलू  पेपर देने के बाद लडन लागरे  थे।
सर: तुम लोग क्यूं लड़ रहे हो।
रमलू :यो कमलू पागल पेपर खाली छोड़ कै आग्या ।
सर: तो क्या हुआ।
रमलू : क्यूंकि मैं भी तो पेपर खाली छोड़ कै  आया सूँ \
ईब मास्टरजी नै न्यूँ  लागेगा  अक जणो तो हम दोनूंआं
 नै नक़ल मारी सै । 

Ramloo ka Inerview

रमलू  का इंटरव्‍यू
 रमलू  नौकरी की  खातर  इंटरव्यू देने पहुंच्या ।
 मैनेजर: आपकी क्वालिफिकेशन क्या है? 
रमलू : मैं Ph.D सूँ ।
 मैनेजर: Ph.D सूँ ... मतलब? 
रमलू : Passed High school with Difficulty...

sharabee



शराबी और भीड़ 
एक शराबी तीसरी मंजिल से नीचे गिर गिरग्या ,। 
चारों तरफ भीड़ इकट्ठी होगी ।
उठकै चाल पड़या तो  लोगों ने शराबी तैं 
 बूझ्या - के  हुया ? 
शराबी- बेरा ना  मैं भी इब्बे  आया सूँ ।

ढक्‍कन नहीं मिला तो शराब पी

ढक्‍कन नहीं मिला तो शराब पी
 एक शराबी सड़क के किनारे बहुत ज्यादा पीने के कारण लगभग बेसुध सा पड़ा हुआ था। रमलू  नै उसके धोरै जाकै  बूझ्या , "`आखिर इतनी ज्यादा पीवन  की के जरूरत थी ?
शराबी: मजबूरी थी पीवन  के अलावा और कोई चारा ही नहीं था।
 रमलू : आखिर इसी के  मजबूरी होगी  थी ?`
 शराबी: बोतल का ढक्कन गुम होग्या था।

शनिवार, 25 जनवरी 2014

ghar ale ka phone

कमली  नै सहेली रमली तैं बूझ्या  "ए बेबे , आज तेरे मोबाइल पर
 'आई लव यू' के बहुत मैसेज आरे  सैं , के बात सै  किते और ..?"  
रमली नै ठंडी सांस भरकै जवाब दिया, "ए बेबे , कमली तनै तो सारा बेरा  सै । 
 ... दरअसल, मैं आज गलती तैं  अपने घर आले का मोबाइल 
ठा  ल्याई ..."

candal light

कमलू - जै बिजली नहीं होती तो के  होता? 
रमलू - रात मैं  कैंडल लाइट मैं  टीवी देखना पड़ता।

ब्रेड खावन तैं हुई पत्‍नी की मौत

ब्रेड खावन तैं हुई पत्‍नी की मौत
 कमलू - तेरी  पहली पत्नी क्यूकर  मरी? 
रमलू - जहरीली ब्रेड खावन तैं ।
 कमलू - अर दूसरी? 
रमलू - कोए  भारी चीज सिर पर पडन तैं , 
वा  जहरीली ब्रेड खावै ए  ना  थी।

jin ka bacha

मेले में घोषणा हुई: "एक बच्चा मिल्या सै , 'जिन' का सै , आकै  ले ज्यावै "।
 रमलू भीड़ महँ कै  चिल्लाता हुआ आया, "मनै  भी दिखाओ, जिन का बच्चा किसा  होसै  !"

baal

आफिस टाइम में गया  बाल कटवाने 
बॉस: कहाँ गए थे?
 रमलू : बाल कटवावन । 
बॉस: ऑफिस के समय?
 रमलू : बाल बढ़े भी तो ऑफिस में ए  थे। बॉस: घर में भी तो बढ़ते हैं।
 रमलू : तो पूरे थोड़े ही कटवाए सै ।

मंगलवार, 21 जनवरी 2014

गुलाब जामुन में जामुन नहीं

गुलाब जामुन में जामुन नहीं 
कमलू रमलू तेन बोल्या --तेरे छोरे के ब्याह मैं बाकी 
 सब तो ठीक था फेर मटर पनीर की सब्जी मैं पनीर
 तो कोनी था ।  रमलू :कमलू  के गुलाब  जामुन मैं कदे 
 तनै जामुन दिखाई दिया सै ?