बुधवार, 23 अगस्त 2023

660 से 700

 [05/06, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 660

अद्भुत परीक्षण 

एक भरपूर काला आदमी जुकाम की शिकायत लेकर रमलू डाक्टर के पास गया. रमलू ने उसे सरसरी निगाह से देखकर कहा कि वो अपने कपडे उतार दे और दोनों हाथों को जमीन पर टिका दे! 


आदमी हैरान परेशान पर उसने यह किया! 


ठीक है-रमलू डॉक्टर बोला.. ' अब जानवरों की तरह चलिए, और कमरे के दायें कोने में जाए.. 


आदमी ने यही किया.. 


ठीक' - रमलू डॉक्टर साब बोले- अब बाएँ कोने में जाएँ.. 


बंदा उधर चला गया! 


अब इस कोने में, अब उस कोने में, अब सामने, अब बीच में.. 


आदमी घबरा के उठ खड़ा हुआ ...' डाक्टर साब, कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गयी मुझे? 


अरे नहीं- रमलू डॉक्टर साब बोले.. मामूली जुकाम है, ये दो गोली लो सुबह तक ठीक हो जाओगे.. 


पर डॉ साब आपने ये मेरा एक घंटे तक इस तरह परीक्षण... 


कुछ नहीं यार'- रमलू डॉक्टर साब बोले.. बात यह है कि मैंने एक काले रंग का सोफा ख़रीदा है,मैं देखना चाहता था इस कमरे में वो किस जगह ठीक दिखेगा!

[06/06, 6:49 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 661

नहले पै दहला


एक बार रमलू अर कमलू , किसी बियर बार में बियर पीने गये। जब वह पीने लगे तो रमलू बोला, "लगता है बाहर बारिश हो रही है। तुम ऐसा करो घर जाकर जल्दी से छतरी ले आओ।"


कमलू  गुर्राया: मुझे पता है मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बियर पी जाओगे।


रमलू  ने उसे यकीन दिलाया कि वो उसकी बियर नहीं पियेगा। उसके हिस्से की बियर ज्यों की त्यों रखी रहेगी।


कमलू यह सुनकर मान गया और छतरी लेने चला गया।


जब रात गहराने लगी पर कमलू  छतरी लेकर नहीं लौटा तो रमलू  ने सोचा शायद कमलू  घर पर ही रुक गया है और अब नहीं आएगा। यही सोच कर उसने कमलू  का बियर वाला गिलास उठाया ही था कि बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई, "अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।"

[06/06, 6:51 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 662

रमलू लड़की देखन गया। दोनूं बात करण नै न्यारे बिठा दिए।

रमलू: डरता सा बोल्या, बेबे थाम कितने भाई बाहन सो।

लड़की:तीन थे ईब च्यार होगे।

[06/06, 6:51 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 663

मास्टरजी:एक महान वैज्ञानिक का नाम बताओ

कमलू: आलिया भट्ट

मास्टरजी: योहे सीख्या सै?

रमलू :यो तोतला सै सर।आर्य भट्ट बोलै सै।

[06/06, 6:52 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 664

रमलू: अपनी पत्नी से ..तूँ बहोत भोली सै,तनै कोये भी बेकूफ़ बना दे सै।

धमलो:शुरुआत तो म्हारे घरकयां ए नै करदी थी।

[06/06, 6:53 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 665

रमलू और कमलू एक 🌳आम के* 

     *पेड़ के नीचे बैठ कर काफ़ी* 

     *देर से बातें कर रहे थे...*


     तभी अचानक 🌳पेड़ से एक

     आम नीचे गिरा!


    रमलू: *अभी तो पेड़ो*

     *पर आम कच्चे होते है!*

     *तो यह 🍋आम कैसे नीचे गिरा?*


      इससे पहले कि कमलू

    कुछ बोलता, 🍋आम

     खुद हाथ जोड़कर बोल पड़ा...

    

     *'पक गया हूं भाई जी मैं* 

      *इतनी देर से तुम..*

      *दोनो की बातें सुन सुन कर!'

[06/06, 6:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 666

भिखारिन -

“बच्चा भूखा है, कुछ दे दे सेठ!” गोद में बच्चे

को उठाए एक जवान औरत हाथ फैला कर भीख

माँग रही थी।

“इस का बाप कौन है? अगर पाल नहीं सकते

तो पैदा क्यों करते हो?” सेठ झुंझला कर बोला।

औरत चुप रही। सेठ ने उसे सिर से पाँव तक

देखा। उसके वस्त्र मैले तथा फटे हुए थे, लेकिन

बदन सुंदर व आकर्षक था।

वह बोला, “मेरे गोदाम में काम करोगी? खाने

को भी मिलेगा और पैसे भी।”

भिखारिन सेठ को देखती रही, मगर बोली कुछ

नहीं।

“बोल, बहुत से पैसे मिलेंगे।”

“सेठ तेरा नाम क्या है?”

“नाम !! मेरे नाम से तुझे क्या लेना-देना?”

“जब दूसरे बच्चे के लिए भीख माँगूंगी तो लोग

उसके बाप का नाम पूछेंगे तो क्या बताऊँगी ?”

अब सेठ चुप था..

Abdul H khan की वाल से

[07/06, 2:26 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 667

कमलू- जलेबी फीमेल क्यों है? 

रमलू- क्योंकि वो टूट जाएगी, लेकिन कभी सीधी नहीं होगी।

 

[09/06, 5:02 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 668

रेल के टॉयलेट मैं लिख्या था : दुनिया चान्द पै पहोंच ली और तूँ यहां बैठा है? 

रमलू नै सोच कै नीचै लिख  दिया : चांद पै पाणी कोण्या ज्यां करकै वापस आया था, बस ईब उल्टा जां सूँ ---

[09/06, 5:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 669

मेहमान- तो बेटा आगै के करण का इरादा सै?

रमलू - थारे जान्ते ऐ इन बचे होए  बिस्कुटां का , ठंडे अर भुजिया का बक्कल तारणा सै।।

[09/06, 5:05 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 670

रमलू नै  अपनी प्रेमिका तैं  पूछया  - डियर ! मैं तुम्हारे पिताजी से शादी की बात किस बख्त  करूं ?

प्रेमिका ने कहा - जब कभी मेरे पिताजी के पैर में जूते न हों |

[09/06, 5:05 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 671

ठमलू  ( रमलू तैं  )- रमलू , किसी चीज का लांबा-सा नाम बता ।   


रमलू - रबड |

ठमलू  - यो  तो बहुत छोटा सै  |

रमलू - फेर  इसनै  खींचकै  जितना चाहे लांबा कर सकै  सै।

[09/06, 6:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 672

दो महिलाएं कुछ समय बाद मिलीं तो एक ने पूछा - बहन आपने राजू बेटे का उंगली चूसना कैसे छुडाया ?

दूसरी महिला- कुछ खास नहीं उसकी नेकर ढीली सिल दी हैं , वह उसे ही पकडे रहता हैं |

[09/06, 6:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 673

डॉक्टर - आपके तीन दांत कैसे टूट गए ?


मरीज - पत्नी ने कड़क रोटी बनाई थी.


डॉक्टर - तो खाने से इनकार कर देते !


मरीज – जी, वही तो किया था … !!!

[09/06, 6:59 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 674

एक महिला नै  नाटक में झगडालू पत्नी का सफल अभिनव किया | लोगों नै  उसे बहुत पसंद करया  | नाटक के बाद एक पत्रकार नै उसतैं  पूछया - पहली बार में आपके सफलतम अभिनय का रहस्य क्या हैं ? 

महिला बोली - इसमें कोई खास बात नहीं | मंच पर अपने कलाकार साथी के साथ बोलते समय मैंने मन में यही सोच लिया था वास्तव में अपने पति रमलू तैं  बात कर रही सूँ  |

[09/06, 7 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 675

प्रेमिका नै  रमलू  तहिं  कहया  -अपनी शादी के लिए ! तुम मां से मिलकर देखों |

रमलू  बोलया  - नहीं डियर ! अब तुम्हारे सिवाय कोई दूसरी मेरे मन में कोन्या  बस सकती |

[09/06, 7:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 676

फकीर- आपके पड़ोसी ने पेट भर कर खाना खिलाया है, आप भी कुछ खिलाओ।

रमलू - ये लो हाजमोला

[09/06, 7:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 677

एक खूबसूरत लडकी बस स्टैंड पर खडी थी | एक नौजवान बोला- चांद तो रात में निकलता हैं , आज दिन में कैसे निकल आया ?


लडकी बोली - अरे उल्लू तो रात को बोलता था , आज दिन में कैसे बोल रहा हैं |

[09/06, 7:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 678

छोटा गुजराती बोल्या -- रात नै मैं एक चोर नै चाकू दिखा कै लूट लिया | 

रमलू --- न्यूं क्यूकर ? तेरे धोरै तो गन हुया करै ?

छोटा गुजराती बोल्या--- व तो मनै  ल्ह्कोली थी अक कदे बन्दूक नै भी ना लूट ले |

[09/06, 7:06 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 679

रमलू ठमलू  नै हिंदी का होम वर्क कोनी करया |हिंदी के अध्यापक नै उनको पेड़ पर उल्टा लटकाने की सजा दे दी .| थोड़ी देर लटकने के बाद रमलू नीचै पड़ग्या | 

हिंदी अध्यापक -- थक लिया के ? 

रमलू -- थक्या कोनी | पूरा पाक लिया |

[09/06, 7:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 680

रमलू ---- जै तेरै किमै होग्या तो मैं पागल हो जाऊँगा 

रमलू की घराली -- दूसरा ब्याह तो नहीं करोगे |

रमलू --- पागल का के बेरा कुछ बी कर सकै सै

[10/06, 5:39 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 681

या  के बात हुई


रमलू  पढ़ाई मैं  रद्दी  था ।   आठवीं जमात मैं  चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू  दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।

[10/06, 5:39 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 682

पिता: फिर से फेल हो गया? पड़ोस की लड़की को देख हमेशा क्लास में फर्स्ट आती है। 

रमलू बेटा: उसको देखकर ही तो मैं फेल हो गया हूं।

[10/06, 5:40 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 683

रमलू  अपने मित्र से दुखड़ा बांट रहा था, मेरे चार बेटे हैं, पहले वाले ने एमबीए किया है, दूसरे ने एमबीबीएस किया है, तीसरे ने एम टेक किया है, लेकिन चौथा चोर बन गया है... मित्र ने तुरंत कहा, चोर को घर से निकाल दो, वरना घर की इज़्ज़त नीलाम कर देगा... रमलू  ने जवाब दिया, "उसे कैसे निकाल दूं, यार... वही तो कमाऊ है, बाकी तीनों बेरोज़गार हैं.....

[10/06, 6:55 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 684

रमलू : पिता के रूप में मुझे गर्व है कि मेरा पुत्र मेडिकल कॉलेज में है। ठमलू  :अरे वाह! वहां क्या पढ़ाई कर रहा है वह? 

रमलू  : वह पढ़ नहीं रहा है, वहां उसे पढ़ा जा रहा है ...

[10/06, 7:19 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 685

बात समझ कोन्या आई 


एक बर रमलू कमलू थमलू  ठमलू अर धमलू  अपने यार फते के ब्याह मैं बरात मैं चाले गए । सुसराड़ मैं खातिर दारी मैं कमू वेटर शिकंजी के गिलास भर भर कै बरातियां ताहीं प्यावण  लाग रया था । कमू  नै उन पांचूआं ताहीं एक एक गिलास भर भर कै शिकंजी का दे दिया । रमलू  नै शिकंजी पी कै गिलास सीधा धर दिया अर ,कमलू नै अपना गिलास मूंधा धर दिया अर थमलू नै टेढ़ा गेड़ दिया । कमू वेटर उन ताहीं बोल्या --थम तीनूँआं नै गिलास न्यारे  न्यारे  ढाल क्यूं धरे सै ? रमलू -- मेरा सीधा गिलास धरण का मतलब यूं सै अक इसमें ओर शिकंजी घाल दयो । कमलू -- मेरा मूंधा धारण का मतलब यो था अक मनै ओर  शिकंजी कोण्या  चाहिए । थमलू  बोल्या -- मेरा टेढ़ा गिलास धरण का मतलब यो था अक बचरी हो तै घाल दे नहीं तो रहण दे । आई किमै समझ मैं ?

[10/06, 7:20 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 686

किस्सा जल सै यो तो निरा पाणी सै 


रमलू जमा अनपढ़ । एक दिन शहर मैं चाल्या गया । उ डै एक आदमी जल सेवा करण  लाग रया  था । वो मानस रमलू तैं बोल्या --ले भाई जल पी ले । रमलू  नै बेर नहीं था अक जल के बला हो सै । रामलू नै सोच्ची अक पी कै तो देख ल्यूं  अक यो जल के बल सै । रामलू नै उस मानस धोरै एक गिलास जल ले लिया अर दो तीन घूँट भर कै  बोल्या --जा मेरे यार यो किस्सा जल सै यो तो निरा पाणी सै ।

[11/06, 6:24 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 687

रमलू  को एक स्विमिंग पुल पर नौकरी मिल गई थी। 

रमलू : मैडम इस पुल में स्विमिंग करना मना है।

 महिलाः तुमने तब क्यों नहीं कहा जब मैं कपड़े उतार रही थी? 

रमलू : मैडम कपड़े उतारना मना नहीं है।

[11/06, 6:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 688

रमलू  शिकार पर

 रमलू अपने घर के दरवाजे पर बंदूक लेकर खड़ा था।

 रमलू  की पत्‍नी ने उसे देखकर पुछा। 

रमलू  की बीवी: यहां क्‍यूं खड़े हो। 

रमलू : देख नहीं रही है शेर के शिकार पर जा रहा हूं।

 रमलू  की बीवी: तो जाओं ना खड़े क्‍यूं हो। 

रमलू : कैसे जाउं बाहर, देखती नहीं बाहर कुत्‍ता खड़ा है।

[11/06, 6:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 689

रमलू  अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठा था। 

प्रेमिका : तुम मुझे अपनी हीरे की अंगूठी दे दो।

 रमलू : क्‍यों? 

प्रेमिका: मैं अंगूठी को देख के तुम्हें याद किया करुंगी। 

रमलू : तुम ये सोचकर याद कर लेना कि कमीने से अंगूठी मांगी थी और उसने दी नहीं।

[11/06, 6:29 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 690

रमलू  कॉलेज में एक लड़की से बोला, आई लव यू।

 लड़की ने कुछ नहीं बोला और चुपचाप खड़ी थी। 

रमलू : अब तुम मुझे बोलो। 

लड़की: गुस्‍से में, मैं अभी जाकर सर को बोलती हूं। 

रमलू : पगली सर को मत बोल उनकी शादी हो गयी है।

[11/06, 6:33 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 691

रमलू नै एक बै एक  पॉलट्री  फार्म खोल लिया ।  फेर रमलू  अपनी मुर्गियों के द्वारा कम अंडे दिए जाण करकै   परेशान था।  एक दिन उसनै  सारी  मुर्गियों ताहीं हुक्म दिया अक  काल  तैं  मुर्गियां ज्यादा अंडे देवैँगी । 


 रमलू :अगर तुम लोगों ने कल से 2-2 अंडे नहीं दिए तो कल से तुम्हारा दाना पानी बंद

मुर्गियाँ कसूती  डरगी  …. सारियाँ नै  2-2 अंडे दिए पर एक नै बस  एकै  अंडा दिया। 

 रमलू: तनै  1 अंडा क्यूं दिया सै  ? तनै मेरा डर नहीं ?

 .

.जवाब मिल्या  : मालिक ! यो  थारा  डर करकै ए तो दिया सै  … नातै  मैं तो  मुर्गा  सूँ ।

[11/06, 6:34 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 692

विश्वास उठ लिया 

एक दिन, एक चोर रमलू के घराँ चोरी करण आग्या . तिजोरी पै लिख्या था ‘तोड़ने की जरूरत नहीं सै … 564 बटन दबा दयो , आपै खुल जावैगी ….

ज्योंहे चोर नै 564 बटन दबाया, थोड़ी सी वार मैं पुलिस आगी ….

चोर बुडबुड़ाया : माँ कसम, आज इंसानियत पर तैं विश्वास उठ लिया

[11/06, 6:37 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 693

नहले पै दहला 


रमलू  सिपाही की ड्यूटी बोर्डर पी लाग री थी । एक दिन फोन कर कै रमलू  अपने अधिकारी जुगनू थानेदार ताहीं न्यूँ बोल्या--साहब जी मनै एक ट्रक दारू का पकड़ लिया सै । जुगनू थानेदार बोल्या--शाब्बाश रमलू इब तूँ न्यूँ कर अक एक ट्रक  भुजिया का और पकड़ ले ।

[11/06, 2:39 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: रमलू बहुत ही रोमांटिक मूड में अपनी पत्नी के धोरै गया अर बोल्या- तेरे मैं राम दिखै सै, धमलो मैं के करूं…

धमलो- करना के सै,  रोज माथा टेक कै 500 का नोट चढ़ा दिया कर।

[12/06, 4:59 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 695

रमलू केले लेण गया

रमलू- भाई! केला लेणा होतै कितने का? 

केले आला- 10 रूपये का

रमलू- 4 रूपये मैं देदे।

केले आला- 4 रूपये मैं तो छिलका दे दयूंगा।

रमलू- सैड़ दे सी 6 रूपये काढ़ कै बस केला देदे छिलका तूँ राख ले।

[12/06, 5:05 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 696

सुरेश : आप रमलू जी बोल रहे हैं?


रमलू : जी हाँ


सुरेश : सर, गवर्नमेंट एयर इंडिया के शेयर बेच रही है, क्या आप 

खरीदने के इच्छुक हैं?


रमलू  : हम तो छोटे आदमी हैं, हमारी औकात कहाँ


सुरेश  : *इसीलिये पहले आपसे पूछा है बाद में हल्ला मत करना, कि मोदी ने अम्बानी और अडानी को दे दिया।*

[13/06, 5:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 697

रमलू को फांसी की सजा सुनाई

गयी 

.. जज ने पूछा- कोई आखिरी

ख्वाहिश?.

रमलू- जी सै ।

जज - क्या ❓❓

रमलू – मेरी जागां थाम लटक जाओ ।

दिखावे सैं दिखावे ।

[13/06, 5:09 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 698

बड़ी खोजबीन के बाद अब कहीं जाकर


"एडमिन" का हिन्दी नाम मिला- 

"झुण्ड नियंत्रक "


"सेल्फी" का भी नया हिंदी नाम मिल गया है ।

"खुदखेंचू" 


"डीपी" का नया हिंदी शब्द मिल गया...

"दिखावटी फोटू"


"Whats app" का हिन्दी शब्द

"जन धन निशुल्क गपशप योजना

[14/06, 5:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 699

कमलू दोस्त रमलू से- आओ तुम्हें चांद पर ले जाऊं।

रमलू- अरे नहीं यार.....

कमलू- लेकिन क्यों?

रमलू- क्योंकि वहां वॉट्सऐप नहीं चलता है।

*****//

[14/06, 5:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 700

टीचर- बताओ...सबसे चतुर प्राणी कौन सा है ?

रमलू- हिरण..

टीचर- कैसे ?

रमलू- सतयुग में प्रभु राम को फंसाया था और कलयुग में सलमान को...

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