[05/08, 8:11 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 901
रमलू- डॉक्टर साहब , मेरे बेटे नै दातां तैं नाखून कुतरने की आदत पड़गी। किमैं करो।
डॉक्टर बोल्या-- घबराओ मतना। मैं थारे बेटे के दांतै काढ़ दयूं सूँ ।
[05/08, 8:11 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 902
रमलू के घराँ एक नवविवाहित दम्पति पधारे । पूरे कुन्बे नै उन दोनां की खूब आव भगत करी । 3 दिन पाछै वे चले गए।
रमलू नै धमलो तैं बूझ्या-- ये थारे कैड़ के रिश्तेदार थे के ?
के? धमलो सिर पाकड़ कै बोली -- मैं समझी अक ये थारे कानि के रिश्तेदार सैं।
[05/08, 8:12 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 903
फ़कीर नै गुहार लाई- " अलाह के नाम पर मनै दो रोटी देदे। अल्लहा तनै 50 रोटी देगा।
******
धमलो- तो उस अल्लहा धोरै तूँ कुण्या ले लेता। ऊंबी हमनै बासी रोटी खान की आदत कोण्या।
[05/08, 8:12 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 904
रमलू नै धमलो तैं कहया- हम दोनों प्यार मैं इसे घुलमिलगे जनूं तो दूध मैं पाणी।
धमलो बोली- धीरै बोल , कदे हम दोनों मिलावट के जुर्म मैं गिरफ्तार ना कर लिए जावैं।
[05/08, 8:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 905
कार से टकरा कर कबूतर बेहोश हो गया!
.
एक आदमी उसे उठा कर घर ले गया और पिंजरे
में डाल दिया!
.
.
कबूतर को होश आया और वो बोला:
साला जेल हो गई!!
वो कार वाला मर गया क्या?.
[05/08, 8:29 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 906
एक बूढ़ा माणस एक बारात मैं चाल्या गया । जब शाम के बख्त सारे बराती रोटी जिम्मण बैठे तो बूढ़ा एक ऊंची सी जगांह पै पत्तल लेकै बैठ गया । जब उस की पत्तल मैं लाडू धरे तो बूढ़े का एक लाडू गिरड़ कै दूर चल्या गया। बूढ़ा उस लाडू नै ठावण खात्तर जब उठण लाग्या तो रोटी जिमावण आला एक छोरा बोल्या-- दादा उस लाडू नै पड़या राहण दे और लाडू मिलज्यागा। बूढ़ा बोल्या-- रै बेटा ! मनै लाडूआं का कोये फिक्कर ना। मनै तो इस बात का दुख सै कि यू काल, परसों का बुच्या हुया छोटा सा लाडू मेरी सत्तर साल के बूढ़े की अक्कल क्यूँ मारणा चाहवै सै।
[05/08, 1:29 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: दांत का डॉक्टर- आपका दांत निकालना पड़ेगा क्योंकि ये सड़ चुका है।
रमलू- हां तो कितने पीसे लागैंगे ?
दांत का डॉक्टर- बस 500 रुपये लगेंगे.
रमलू- 50 रुपये ले ले अर माड़ा सा ढीला कर दे, काढ़ तो मैं आपै ए लयूंगा ।
[05/08, 1:51 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 908
धमलो- मेरे बाबू नै कहया सै अक
जै मैं एग्जाम में फेल होगी
तै मेरा ब्याह रिक्शाआले तैं करा देंगे।
रमलू- अरे वाह! मेरे बाबू नै कहया सै अक
जै मैं फेल हुआ तो वो मनै रिक्श दिला देगा ।
[06/08, 6:32 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 909
मायके से रमलू की बीवी धमलो ने फोन किया और पूछा-
क्या तुम मुझे याद करते हो?
.
.
.
रमलू बोला- पगली, याद करना इतना आसान होता तो
दसवीं में टॉप ना कर जाता...!!!
[06/08, 6:33 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 910
कमलू हवलदार - सर, हमने शराब से भरा ट्रक पकड़ लिया है?
रमलू इंस्पेक्टर - शाबाश, बहुत अच्छे...
कमलू हवलदार - आगे क्या ऑर्डर हैं सर?
रमलू इंस्पेक्टर - अब एक ट्रक सोडा और एक ट्रक
नमकीन का भी पकड़ लो...!!!
[07/08, 6:49 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 911
पुलिस की नौकरी की खातर इंटरव्यू लिए जावन लागरे थे।
रमलू बी जा पहोंच्या इंटरव्यू देन ।
अफसर नै रमलू ती बूझ्या - जै बिना लाठी कै गोली के चलायें भीड़
को तित्तर भित्तर करना पड़ जाये तो कैसे करोगे ?
रमलू सैड दे सी बोल्या- जनाब मैं झोली फैला कै चंदा मांगना शुरू कर दयूंगा।।
[07/08, 6:57 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 912
रमलू की घरआली -मैं मर जाऊंगी ।
रमलू -मैं भी मर जाऊँगा ।
घरआली -तूं क्यूं मरना चाहवै सै ।
रमलू- क्यूंकि मैं इतनी खुसी बर्दाश्त नहीं कर सकता ।
[07/08, 6:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 913
गाम मैं एक शहरी आ गया अर रास्ता बूझन लाग्या
रमलू बोल्या -- सुन तूं नयों कर पहलम सोले हाथ नै मुड़ जाईये अर फेर तूं ओले हाथ नै मुड़ जाईये ।
शहरी बाबू जी बोल्या- भाई साहब मैं तो आप से आप आप करके बात कर रहा हूँ और आप तूं तूं कर कर के बात कर रहे हैं ।
रमलू बोल्या- अरे ओ फूफा और के तनै बाबू कहूं ?
[08/08, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 914
रमलू: हम पति-पत्नी तमिल सीखना चाहते हैं!
कमलू: वो क्यों?
रमलू: हमने एक तमिल बच्चा गोद लिया है!हम सोचते हैं जब वो बोलने लगे तो उससे पहले पहले हम तमिल सीख लें!
[08/08, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 915
रमलू (नौकर से) – ज़रा देख तो बाहर सूरज निकला या नहीं ?
नौकर – बाहर तो अँधेरा है !
रमलू – अरे तो टॉर्च जलाकर देख ले कामचोर !
[08/08, 6:50 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 916
कुली
प्लेटफॉर्म पर ढेर सारा सामान लिए खड़े रमलू से
कुली ने पूछा - सर् कुली चाहिए...?
रमलू ने बड़ी विनम्रता के साथ जवाब दिया,
'नहीं भैया, मेरी पत्नी मेरे साथ हैं...'
[09/08, 8:20 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 917
रमलू अपनी आंख दान करण गया
काउन्टर क्लर्क : कुछ कहना चाहते हो ?
रमलू: जिसकै लाओ उसनै बता दियो ये 2-3 पैग के बाद खुलें सैं --- !
[09/08, 8:21 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 918
ख़बर दूर की !
एक बै रमलू खेत मैं रेडियो सुनै था,
रेडियो पै एक नौजवान बताण लाग रया था,
बंबई मैं बाढ़ आगी, गुजरात मैं हालण आग्या, दिल्ली मैं ..
रमलू नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या सै,
अर पाणी दूसरे के खेत मैं जाण लाग रहया सै।
रमलू छोंह मैं आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या,
“दूर-दूर की बताण लाग रया सै,
लवै नाका टूट्या पड़या सै
यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै था के ।”
[09/08, 8:26 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 919
हरा साग
एक ताई कै तीन-चार बाळक थे । ताई रोज उन ताहीं हरा साग बणा कै दे देती - कदे सिरसम का, कदे चणे का, कदे बथुए का ।
बाळक बोले - मां, रोज-रोज हरा साग मत बणाया कर, कदे दूसरा भी बणा लिया कर ।
ताई बोल्ली - खाओ चाहे मत खाओ, मैं तै रोज हरा साग ए बणाऊंगी ।
बाळक फेर बोले - इसतैं आच्छ्या तै हामनै गळामा घाल-कै खेत में चरा ल्याया कर !
[10/08, 6:40 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 919
रमलू की घराली धमलो नै डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल लेगे..
रमलू नै नर्स तैं कहया - बच्चा होने के बाद सीधे मत बताना,
नर्स- मतलब
रमलू - लड़का हो तो टमाटर बोलिए अर लड़की हो तै कहिये प्याज हुई सै...
इत्तेफाक तैं रमलू की घराली कै जुड़वा बालक हुए एक लड़का एक लड़की...
नर्स कन्फूयजन में बाहर आकर बोली-- बधाई हो सलाद हुया सै..
[10/08, 6:42 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 920
रमलू- बेवफा तनै दिल जला दिया, मेरा दिल जलाकै राख कर दिया.
धमलो- तेरी कुर्बानी बेकार नहीं जावैगी.
भेज दे राख, बर्तन मांजण के काम आज्यागी.
[10/08, 6:48 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 921
रमलू : लडकियाँ 300 की सेँडल खरीद के पूरे घर मे कहती फिरतीं हैँ।
.
शाँपिँग करके आ रही हूँ ।।
.
लडके 1000 की दारु पीकर आते हैं और
चुपचाप सो जाते हैं।।
.
इसे कहते है “संस्कार" बाबू- रमलू
[10/08, 4:46 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 922
लड़की वाले शादी के लिए देखने आ रहे थे...!
रमलू- बेटा लड़की वाले आवेंगे , उनके साहमी थोड़ी लंबी-लंबी फैंकीये...!
लड़की वालों के आते ही
बेटा- पापा जरा चाबी देना, वो ट्रेन धूप में खड़ी है, अंदर कर देता हूं...!
रमलू बेहोश...!
[10/08, 4:49 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 923
रमलू की छात टपक रही थी ठीक डाइनिंग टेबल के ऊपर।
प्लम्बर ने पूछा- आपको कब पता चला कि छत टपक रही है?
रमलू- जब कल रात को मेरा पैग 3 घंटे तक खत्म नहीं हुया।
[10/08, 4:53 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 924
पड़ोसन- आपकी नई बहू कैसी है...?
सास- बहुत मेहनत करती है, इतनी गर्मी में भी दिन-रात लगी रहती है,
कैंडी क्रश के 452 लेवल पर पहुंच गई है। व्हाट्सएप पर 25 ग्रुप चलाती है,
फेसबुक पर 5 हजार फ्रेंड और 10 हजार फॉलोवर हैं। 16 ग्रुप की एडमिन है
और 36 पेज चला रही है। सोच रही हूं सुबह दूध के साथ बादाम देना शरू कर दूं
और तरक्की करेगी।
पड़ोसन- बेहोश...
[12/08, 5:19 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 925
बीस रपईये मैं चार
रमलू नै स्टूडियो के फोटोग्राफर तैं बूझ्या -- बालकां के फोटो किस रेट पर खींचो सो ?
फोटोग्राफर नै बताया ---" बीस रपईये मैं चार"
रमलू बोल्या," ठीक सै ! मैं बाद मैं आऊंगा | इब्बे तो मेरे बस तीन ए बालक सें |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें