[09/07, 7:12 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 810
Ramloo
एक बर की बात अक रमलू रोहतक अपने चाचा धोरै जारया था। चाचा की भैंस खूगी। रमलू टोहन्ता टोहन्ता एक पार्क मैं बड़ग्या। उड़ै एक छोरा अपनी प्रेमिका की आंख्यां मैं देख कै बोल्या -- ज्यान मनै तेरी आंख्यां मैं पूरी दुनिया दीखै सै। रमलू उसतै बोल्या- भाई देख कै तावला सा बता चाचा आली भैंस कितसी सै?
[09/07, 7:13 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 811
एक बार रमलू ने सार्वजनिक स्थान पर भैंस बाधने के लिये खूंटा गाड़ राख्या था। दुसरे गाँव आल्याँ नै खूंटा उखाड़ने का अनुरोध करया पर रमलू नै बात नहीं मानी। अन्त में पन्चायत बुलायी गयी।
पन्चो नै रमलू तैं कहा -तनै खूंटा गलत जगह गाड़ राख्या सै ।
रमलू - मानता हूँ भाई।
पन्च- खूंटा यहाँ नहीं गाड़ना चाहिए था।
रमलू - मान्या भाइ।
पन्च- खूंटे से टकरा कर बच्चों को चोट लाग सकै है।
रमलू - मानता हूं।
पन्च- भैंस सार्वजनिक स्थान पर गोबर करती है, गन्दगि फैलै सै ।
रमलू - मानता हूं।
पन्च- भैंस बालकां कै सिन्ग पुन्छ भी मार दे सै ।
रमलू - मानता हूं,
मनै थारी सारी बात मानी। इब पन्च लोगों मेरी एक ही बात मान ल्यो ।
पन्च- बताओ अपनी बात!!!
रमलू - खूं टा आड़े ऐ गडैगा ।।
[10/07, 6:25 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 812
एक बार रमलू फौजी घर छुटटी आया ।
उसने घर आकर एक गाय खरीद ली।
रमलू फौजी जब भी गाय को खोलता तो हर बार रमलू के हाथ से छूटकर भाग जाती ।
एक दिन रमलू ने गाय को बहुत मारा ।रमलू की पत्नी बोली इतना मत मारो नही तो यह दूध नही देगी ।
रमलू बोल्या – साला मुझे दूध नही चाहिऐ… Discipline चाहिऐ – Discipline.!!
[10/07, 6:25 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 813
कमलू का सवाल - बेबस लाचार होना किसे कहते है?
रमलू का जवाब - आस्था चैनल चालरया हो अर रिमोट खुज्या ॥।
[10/07, 6:26 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 814
टीचर : “कौनसा पंछी सबसे तेज़ उड़ता है?
रमलू : “सर, हाथी।
टीचर : “नालायक, तेरा बाप क्या करता है?
रमलू : “दाउद के गैंग में ‘शूटर सै ।
टीचर : “शाबाश।
लिखो बच्चो ‘हाथी’।
[10/07, 6:35 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 815
रमलू सिनेमा देखने गया । इंटरवल के बाद अँधेरे में अपनी सीट की ओर लौटते हुए किनारे की सीट पर बैठे दर्शक से कहा " भाई साहब क्या बाहर जाते वक्त मैंने आपका पैर कुचल दिया था?
दर्शक ~"( गुस्से में ): हाँ कुचला था ,अब क्या माफ़ी के लिए पूछ रहा है ?
रमलू ~ नहीं भाई इसका मतलब मेरी सीट इसे लाइन में है ।
[10/07, 6:35 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 816
नर्स- बधाई हो: आपके जुड़वा बेटे हुए हैं.
रमलू : ये तो होना ही था.
नर्स- क्यों?
रमलू : जब देखो केबीसी पार्ट-2 देखती रहती थी,
मिल गया न उम्मीद से दोगुना।
[10/07, 6:36 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 817
रमलू : मेरी बीवी मुझे छोड़ के चली गई.
कमलू : तू उसका ख्याल नही रखता होगा.
रमलू : अरे यार, सगी बहन की तरह रखता था.
[11/07, 4:48 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 818
रमलू अपने दोस्त कमलू से -
आज तब तक पीयेंगे जब तक
वो सामने वाले तीन पेड़ छह नहीं दिखने लगें।
बगल से जा रहा ठमलू बोला-
बस करो कमीनो….
सामने एक ही पेड़ है….
अब क्या जंगल बनाओगे…!!!
[11/07, 4:49 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 819
रमलू - अंकल डिटॉल साबुन है क्या?
दुकानदार (नाक से ऊंगली निकालते हुए) -
हां बेटा, है ना!
रमलू - तो फिर हाथ धोके एक क्रीमरोल दे दो…!!!
[11/07, 4:49 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 820
चार लोग ट्रेन के पीछे भाग रहे थे...
दो चढ़ गए,
तो ट्रेन में लोगों ने कहा - 'वेल डन'
रमलू - क्या खाक 'वेल डन'
जाना तो उन्हें था, हम तो छोड़ने आये थे!!
[12/07, 7:50 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 821
डॉक्टर- अब क्या हाल है?
रमलू मरीज- पहले से ज़्यादा खराब है.
डॉक्टर- दवाई खाली थी क्या?
रमलू- नहीं दवाई की शीशी तो भरी हुई थी.
डॉक्टर- मेरा मतलब दवाई लेली थी?
रमलू- आप ने दी तो मैंने लेली.
डॉक्टर- बेवकूफ दवाई पीली थी?
रमलू- नहीं दवाई तो लाल थी.
डॉक्टर- गधे दवाई को पी लिया था?
रमलू- नहीं जी पीलिया तो मुझे था.
डॉक्टर- बेहोश.
[12/07, 8:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 822
मास्टर : 15 फलों के नाम बताओ..??
रमलू : अमरुद..!
मास्टर : शाबाश..!
रमलू : आम..!
मास्टर : साबाश
रमलू : सेब..!
मास्टर : बहुत बढ़िया 3 होगे
बाकी 12 और बताओ
.
रमलू :
एक दर्ज़न केले ..!!
[12/07, 8:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 823
बापू अपने कुंवारे बेटे रमलू से - बेटा बाहर देख गली मे ढोल किसके बज रहे हैं?
रमलू - जिसके मां-बाप समझदार हैं, उनके बज रहे हैं।
फिर क्या, रमलू को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ती हुई चप्पल मिली।
[12/07, 8:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 824
अध्यापक - किसी ऐसी जगह का नाम बताओ,
जहां पर बहुत सारे लोग हों,
फिर भी तुम अकेला महसूस करो?
.
.
.
रमलू छात्र - परीक्षा कक्ष!
अध्यापक बेहोश!
[13/07, 6:42 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 825
बॉय फ्रैंड नै गर्ल फ्रैंड ताहीं कहया -- मैं तेरे तैं जब ब्याह करूंगा जब तूं कोए हिम्मती काम करकै दिखावैगी | गर्ल फ्रैंड -- तेरे तैं ब्याह करण तैं हिम्मती काम और के हो सकै सै ?
[13/07, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 826
छोटा गुजराती बोल्या -- रात नै मैं एक चोर नै चाकू दिखा कै लूट लिया | रमलू --- न्यूं क्यूकर ? तेरे धोरै तो गन हुया करै ?
छोटा गुजराती बोल्या--- वा तो मनै ल्ह्कोली थी अक कदे बन्दूक नै भी ना लूट ले।
[13/07, 6:44 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: रमलू ठमलू नै हिंदी का होम वर्क कोनी करया । हिंदी के अध्यापक नै उनको पेड़ पर उल्टा लटकाने की सजा दे दी । थोड़ी देर लटकने के बाद रमलू नीचै पड़ग्या । हिंदी अध्यापक -- थक लिया के ?
रमलू -- थक्या कोनी । पूरा पाक लिया ।
[13/07, 6:54 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 828
कमलू : यू सदाचार के होसै ?
रमलू : जिसा आम का अचार होसै , उसा ऐ सादा आचार होसै !
[14/07, 5:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 829
टीचर रमलू से- पांच में से पांच घटाने पर कितने
बचेंगे ??
.
रमलू – नहीं बेरा मैडम.
.
टीचर- अगर तेरे पास 5 भटुरे है, और मैं 5 भटुरे
तुझसे ले लूँ तो तेरे पास क्या बचेगा ??
.
रमलू- …..छोले।
[14/07, 5:18 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 830
बैंक केशियर-- रूपये निकालकर क्या करोगे? कहाँ खर्च करोगे , सब कुछ तो बन्द है?
रमलू-- काल फेर आऊंगा जमा करावण की खातिर । घरां बैठे बैठे घणा बोर होज्यां सूँ।
[14/07, 6:18 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 831
रमलू ने सिगरेट का पैकेट खरीदा
चेतावनी लिखी थी - धुम्रपान से दस्त हो सकते है|
वापिस दूकान पर गया "ये कौन सा पेकेट दे
दिया भाई!!??
वो कैंसर वाला ही दे"
[14/07, 12:53 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 832
न्यूयार्क में 2 भिखारी एक ॐ का चिन्ह और दूसरा जीसस का क्रॉस लेकर बैठे थे ।।।
सब लोग ॐ वाले भिखारी को गुस्से से देखकर क्रॉस पकड़े हुए भिखारी को डॉलर की नोट देकर आगे निकल जाते
थे।
कुछ घंटों बाद वहां से एक फादर निकले और उन्होंने ॐ वाले भिखारी से कहा -
भाई...ये क्रिस्चियन देश है,
यहाँ कोई तुम हिन्दू को भीख नहीं देगा...
लोग तो तुम्हे जलाने के लिए क्रॉस वाले भिखारी को और ज्यादा डालर देते जा रहे हैं...
ॐ वाले भिखारी ने क्रॉस वाले भिखारी को देखा और हँसते हुए हरयाणवी में बोला.....
....
...
....
रै कमलू....?
बोल भाई रमलू....!
ईब ये आपां ने सिखावैंगे धंधा कूकर करया करैं सै ???!!😜😜😂😂
[15/07, 6:34 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 833
बैंक मैनेजर- ये कैसे हस्ताक्षर हैं?
रमलू - यह हस्ताक्षर मेरी दादी के सैं.
बैंक मैनेजर- ऐसा अजीब हस्ताक्षर? नाम क्या है उनका?
रमलू- जलेबी बाई.
[15/07, 6:35 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 834
टीटी ने रमलू को प्लेटफॉर्म पर पकड़ लिया,
टीटी- टिकट दिखा,
रमलू- अरे मैं ट्रेन में आया ए कोण्या,
टीटी- क्या सबूत है?
रमलू- अबे सबूत यही है कि मेरे पास टिकट नहीं है.
[15/07, 6:35 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 835
रमलू का बाबू- कित सै बेटा ?
रमलू- हॉस्टल में पढ़ण लागरया सूँ , एग्जाम घणे नजदीक सैं, इस करकै घणा पढ़ना पड़ेगा !!!
थाम कित सो ?
रमलू का बाबू- ठेके पै..तेरे पाछै लाइन में लास्ट में खड़या सूँ, एक हाफ मेरा भी ले लिए..
[15/07, 6:39 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 836
टीचर ने साइंस लैब में अपनी जेब से एक सिक्का निकाला और एसिड में डाला,
फिर छात्र से पूछा - बताओ कि ये सिक्का घुल जाएगा या नहीं?
रमलू - सर नहीं घुलेगा...
टीचर - शाबाश... लेकिन तुम्हें कैसे पता?
रमलू - सर अगर एसिड में डालने से अगर सिक्का घुलता तो
आप सिक्का हमसे मांगते, ना कि अपनी जेब से निकालते...!!!
[15/07, 6:41 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 837
रमलू : जी मैं रोजाना क्रिकेट और फुटबाल खेलता हूँ!
फेर वजन तो कम कोणी हुया
डॉक्टर: कितनी देर खेलते हो?
रमलू : जब ताहिं मोबाइल की बैटरी खत्म नहीं हो लेंती !!
[15/07, 6:41 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 838
ग्राहक: थारी भैंस की एक आंख तो खराब सै, फेर भी तू इसके 35 हज़ार रुपये मांगन लागरया ?
रमलू : तन्नै भैंस दूध खात्तर चाहिए अक नैन-मटक्का करण खात्तर..?????
[16/07, 6:46 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: सरकारी हॉस्पिटल में रमलू खाँसता हुआ अंदर आया. सारा स्टाफ एकदम सतर्क हो गया. सभी ने उस व्यक्ति को पकड़ा और 1 ने मुँह पर कसकर मास्क बाँध दिया. डॉक्टर उसका टेस्ट करने लग गए वो व्यक्ति छटपटा कर उनकी पकड़ से निकलने की कोशिश करता रहा -- परन्तु उसकी कोशिश नाकाम रही, उसने कुछ बताना चाहा परन्तु किसी ने बोलने भी नही दिया.
उसकी टेस्ट रिपोर्ट आई तो स्टॉफ ने राहत की साँस ली और उसने कहा की उसे कोरोना नहीं है. डॉक्टर ने उससे पूछा कि तुम खाँसते हुए अंदर क्यों आये..?
रमलू बड़ी मासूमियत से कहा कि मेरे छोटे भाई की बीवी यहाँ नर्स है. मैं उससे मिलने आया था -- मैं जब भी छोटे भाई के घर जाता हूं तो खाँस देता हूँ ताकि बहू समझ जाये की जेठजी आये हैं और वह सिर पर पल्लू रख ले.. !😂😂😂😂😂
[16/07, 6:57 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 840
गणित
रमलू नै गणित के अध्यापक तैं कहया - सर ! अंग्रेजी के अध्यापक तो अंग्रेजी में बात करैं सैं | आप भी गणित मैं बात क्यों नहीं...
[16/07, 6:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 841
तैरना
अफसर: आप नौसेना में भर्ती होने आये है,और आपको तैरना नहीं आता?
****
रमलू-- तो क्या हुआ सर! जो वायुसेना में जाते है,उनहे उड़ना थोड़ी आता है--
अफ़सर का अंतिम संस्कार कल है।
[16/07, 7:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 842
गाम में बेइज्जती
एक बै सत्ते नै कोई गलत काम कर दिया । पंचायत उसका मुह काला कर कै गधे पै बिठा कै गाम मैं घुमावण लाग-गी ।
राह मैं सत्ते का घर आया । उसकी बहू उसनै भीत के ऊपर तैं देखण लाग रही थी ।
सत्ते ठाडू सी बोल्या - "भागवान न्यूं के देखै सै ? जा-कै चाय चढ़ा ले चूल्हे पै - दो-तीन गळी रह रही सैं, मैं चक्कर मार-कै ईब आया !!"
[16/07, 7:17 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 843
रमलू की भैंस उसकी मां कै "हाथळ" थी । एक बै मां नै एक
जरूरी काम खातिर आपणै घरां जाणा पड़-ग्या । वा बदलू तैं
बोल्ली अक जब धार काढ़ण का टाइम हो तै आपणी बहू नै
मेरा सूट पहरा कै ले जाइये ।
सांझ के टाइम बदलू की बहू उसकी मां का सूट पहर कै भैंस कै
नीचै बैठ गई अर बदलू खोर में चून (आटा) मिलावण लाग-ग्या ।
जब बदलू की बहू नै भैंस के थणां कै हाथ लाया, तै भैंस पाच्छे नै
मुड़ कै देखण लाग्गी । बदलू बोल्या - "के देखै सै बावळी - (धार)
काढ़ लेण दे, या मेरी ए मां सै" !!
[16/07, 7:17 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 844
पैंतालीस साल का रमलू गाळ मैं कै जावै था, एक ऊत सा बाळक बोल्या - ताऊ, राम-राम ।
रमलू नै "ताऊ" कुहाणा कुछ आच्छा-सा ना लाग्या, उसनै कोई जवाब ना दिया अर आगे-नै लिकड़ लिया ।
आगलै दिन वो छोरा फिर बोल्या - ताऊ राम-राम । रमलू तैं ना रहया गया अर उस छोरे तैं बोल्या - छोरे, तू मन्नै "काका" नहीं कह दे ?
छोरा बोल्या - "काका" कह दूंगा तै के हो ज्यागा ?
रमलू बोल्या - जै तू मन्नै "काका" कह देगा तै मैं तेरी मां की बगल में चूल्हे धोरै बैठ कै गर्मा-गर्म रोटी खा लूंगा ।
छोरा बोल्या "ले तै, फिर तन्नै मैं "मामा" कह दूं सूं - चूल्हे धोरै बैठ कै, तवे पर-तैं आप्पै तार-कै कत्ती तात्ती-तात्ती रोटी खा लिये"!!
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