बुधवार, 23 अगस्त 2023

751 से 779

 [23/06, 6:50 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 751

पूजा करवा रहे पंडित जी नै गृहणी तैं कहया - "बोलिए जै शंकर "|

"शंकर " उस गृहणी के पति का नाम था | वा भला उसका नाम क्यूकर लेंती ?

बोली -" मुन्ना के पापा की जै |"

--

[23/06, 6:50 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 752

रमलू अपनी पत्नी और ग्यारह बालकों के साथ सर्कस देखण गये लाल किला मैदान के धोरै पहोंचे | एक हरयाणा का सिपाही टकर ग्या |चौराहे पै उस सिपाही नै रोक लिया | रमलू  नै छोह मैं आ कै बूझ्या ," आखिर म नै करया के सै ?"

" कुछ ना कुछ पवाडा तो रचे राख्या सै जो या इतनी भीड़ तनै घेर री सै |" सिपाही नै अकड़ कै कहया |

[23/06, 6:51 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 753

अंडा अर सते 

एक ग्राहक नै अंडे बेचन आले सते तै बूझ लिया ," के तनै कदे सोच्या सै अक इस अंडे महां तैं बच्चे लिकडें क्यूकर सें ? सते बोल्या, " हाँ सोच्या तो सै | इस बात पर मनै अचरज भी होवै सै अक यो बच्चा अंडे कै भीतर बडै क्यूकर सै ?

[23/06, 6:51 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 754

दो घूँट  

मेजर - ''इतनी क्यों  पिया करै  ? तनै  बेरा सै  अक  जै  तेरा रिकाट ठीक रह्या होन्ता तो ईब ताहिं तूँ सुबेदार होग्या होन्ता । ''जवान - ''माफ करियो  सर जी , असल मैं बात या सै अक जिब मेरै भित्तर दो घूँट पहोंच ज्यावें सै तो मैं अपने आप नै कर्नल समझन लाग्जयां सूँ ।

[23/06, 7:02 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 755

धमलो रमलू  तैं कहन  लाग्गी.... अक तू 

हुक्का मत पिया कर।


रमलू  बोल्या रै बावली तन्नै  के पता की इसमे 

तीन देवता निवास करैं सैं...


नीचे जल देवता ..

बीच में पवन देवता ..

और 

ऊपर अग्नि देवता..


अब रमलू  हुक्का पीवै है...  अर धमलो  हाथ जोड़ के बैठी रहै सै

[25/06, 5:02 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 756

धमलो ने गैस धीमी करकै कुकर चढ़ाया अर रमलू तैं  कहया -  सीटियां गिणता रहिए अर तीन बाज ज्यां तो गैस बंद कर दिये। 

रमलू- 145 सीटी बाजली फेर इबै तो एकै बाज्या सै।

[25/06, 5:05 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 757

एक बै एक जनैत जीमण लाग री थी। सबकी

पातल (प्लेट) में लाडडू धरे थे। एक ताऊ रह

गया।

कई बार हो गी।

ताऊ ने लाडु ना मिला।

हार के ने ताऊ छात की ओर मुँह करके बोल्या

– राम करे के छात पड़ ज्या। अर सारे दब के मर

ज्या।

एक जना बोल्या -हां ताऊ,जे या छात

पड़ेगी तो तू क्यूकर बचेगा?


ताऊ बोल्या – इब बी तो बच रया सु

[26/06, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 758

kulha

एक बै  दो बड़ी सी उम्र की लुगाई गाम के बस अड्डे प बस की बाट मे बैठी थी |

घनिये वार हो ली अर बस ना आई |

एक बोली - आंहे कितनी वार होली बेठे बेठे मेरा त कुल्हा सोग्या।

दूसरी बोली- हां खर्राटे तै मनै बी सुने थे।

[29/06, 6:36 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 759

हरियाणवी स्टाइल

एक बार  रमलू भाई अपनी एक नई रिश्तेदारी में चल्या गया, साथ में उसका दोस्त भी था। नई रिश्तेदारी थी, खातिरदारी में फटाफट गरमा.गरम हलवा हाजिर किया गया। दोनों सफर में थकगे  थे, भूख भी करड़ी  लाग रही थी। हलवा आते ही दोनूंआं नै चम्मच भरी और मुंह में गरमा.गरम हलवा धर लिया। ईब इतना गरम हलवा ना निगल्या जा अर ना बाहर थू क्या जा।

बुरा हाल हो.ग्या, आंख्यां में आंसू आ.गे।

दोस्त ने हिम्मत करी और बोल्या, ‘चौधरी के होया’

रमलू  बोल्या- भाई, जब घर तैं चाल्या था तै थारी चौधरण बीमार.सी थी बस उस की याद आ गी।

 दोस्त की आंख्यां में भी और भी पाणी देख कै रमलू  बोल्या-  तेरै के होया । दोस्त  बोल्या चौधरी  मन्नै तै लाग्गै सै चौधरण मर ली।

[29/06, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 760

रफा दफा

दरोगाजी ने अपने बेटे से पूछा – “इतने कम नंबर क्यूँ आये ? आज से तेरा खेलना, टीवी देखना सब बंद !”


बेटा बोल्या – “पापा, ये लो 250 रुपये और बात नै रफा दफा करो

[29/06, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 761

कोर्ट से बाहर

एक जज नै कहया : इतना मामूली सा झगड़ा तो थाम कोर्ट के बाहर भी निपटा सकते थे ।


आरोपियों में तै एक सैड दे सी बोल्या : हम कोर्ट के बाहर ही निपटावन लागरे थे अक पुलिस हमनै झगड़ा करने के इलजाम में यहां पकड़ ल्याई ।--

[29/06, 6:44 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 762

नंबर 4

एक दिन प्रेमिका ने मौका पाकर अपनी प्रेमी का मोबाइल चैक किया कि उसने किस नाम से उसका मोबाइल नंबर सेव किया है.


इसके लिए उसने अपने मोबाइल से प्रेमी के मोबाइल पर मिस काल किया तो उसमे लिखकर आया -


कालिंग बेकूफ नंबर 4

[29/06, 6:44 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 763

माँ आली

कविता रमलू नै बोली - कोए इसी बात कर रमलू अक मेरा दिल जोर-जोर तैं धड़कन लागज्या !


रमलू - पाछै मुड़ कै देख तेरी माँ आवन लागरी सै!!!!

[29/06, 6:45 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 764

बहन

मलिका शूटिंग के लिए एक 

स्टेसन पर आती है 

एक भिखारी आ जाता है

भिखारी --बहनजी एक रूपया देदो 

मलिका ने उसे 1000 रूपये दी दिए 

सैकटरी--- 1000 क्यूं दे दिए ?

मलिका -- पहली बार किसी ने बहन कहा

[29/06, 7:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 765

बाबु के साहमी

रमलू अपने बाबू के सामने सिगरेट पी रहा था |

लोग बोले --रमलू तुम अपने बाप के सामने सिगरेट क्यों पी रहे हों ?

रमलू बोला- ये मेरा बाबू ही तो है कोई पट्रोल पम्प तो सै कोनी

[29/06, 7:05 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 766

छलक जाती

डॉक्टर डॉक्टर आपको मेरी मदद करनी पड़ेगी | मैं अपने हाथों को हिलने से नहीं रोक पाता|

डॉक्टर -- क्या बहुत ज्यादा पीते हो ?

मरीज ---असल में नहीं | बहुत सारी तो छलक जाती है |

[29/06, 7:08 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 767

ऑक्सफोर्ड

अध्यापक --- ऑक्सफोर्ड (OX FORD) का क्या मतलब है ?

विद्यार्थी --- ऑक्स (OX) का मतलब बैल और (FORD) का मतलब गाड्डी

[29/06, 7:09 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 768

डर

डॉक्टर -- आप डरिए मत मैं हूँ ना !

मरीज -- वही तो मेरा सबसे बड़ा डर है डॉक्टर

[29/06, 7:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 769

पहला सै

मरीज --डॉक्टर मेरा यूं पहला औपेरसन सै माड़ा ध्यान तै करियो 

डॉक्टर -- डरे मतना यूं मेरा भी पहला ए औप्रेसन सै

[29/06, 8:00 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 770

रमलू के जन्म दिन पै धमलो नै बूझ्या-- थामनै के गिफ्ट चाहिए?

रमलू नै मन मन में सोची अक कार मांग लयूं ।

उसनै सहज सी कहया-- मनै इसी चीज खरीद कै दयो जिस पर मेरे सवार होंते ए वा 2 सैकेंड मैं 0 तैं 80 पै पहोंच जावै ।

धमलो नै सांझ कै ए वजन कांटा ल्याकै गिफ्ट मैं दे दिया।

रमलू माथे मैं हाथ मारकै बोल्या-- दो चंदे बाध होली धमलो।

[30/06, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 771

kunvare so ke

एक दिन रमलू को एक अनजान फोन नंबर से फोन आया --फोन पै एक छोरी बोली हैलो थाम कुंवारे सो के ?  

रमलू बोल्या --हाँ कुंवारा सूँ फेर थाम कौन बोलो सो ? 

जवाब आया -- मैं था री घराली प्रेमो बोलूं सूँ ,आ घर नै फेर बताऊँगी | 

थोड़ी सी वार मैं फेर फोन आया अर एक छोरी बोली --थाम शादी शुदा सो ? 

रमलू बोल्या --हाँ फेर थाम कौन बोलो सो ? 

लड़की -- मैं थारी गर्ल फ्रैंड ! धोखेबाज !!! 

रमलू--सॉरी डार्लिंग मनै सोच्या मेरी घराली प्रेमो है | 

लड़की-- प्रेमो ए सूँ| घरा आ एक बॅ फेर बताऊँगी |

[30/06, 6:19 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 772

लाइसेन्स

नेता जी: रमलू का ड्राइविंग लाइसंस बना दयो

अफसर : यह तो अँधा है बिल्कुल

नेताजी : फेर इसनै तो गाड्डी चलानी चलानी है , बचने का काम तो

आगले का है

[30/06, 7:19 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 773

कमलू--अरेंज मैरिज मैं तलाक कम क्यों होंवैं सैं?

रमलू-- क्योंकि जो अपनी मर्जी तैं शादी ताहिं नहीं कर सके वे तलाक के खाक करैंगे?

[01/07, 6:29 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 774

एक बार रमलू की अर उसकी  घर आली प्रेमो की आपस मैं लड़ाई होगी | रमलू नै मरण  खातर बाजार मैं तैं जहर ल्या के खा लिया पर रमलू मरया कोण्या| रमलू की घर आली छोह मैं आ के बोली --- मनै कितनी बर कह राख्या है अक जो बी चीज खरीदै आच्छी ढाल देख्कै खरीद्या कर , इब रपीए बी लग्गे अर जिस काम खातर ल्याया था वो काम बी कोण्या हुया |

[02/07, 6:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 775

रै कमलू एक बात तो सै भाई--

कमलू-रै रमलू के?

रमलू-स्कूल तैं लेकै हॉस्पिटल ताहिं सबनै प्राइवेट पसन्द सै, बस जमाई सरकारी चाहिए सै।

[02/07, 6:13 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 776

C ग्रेड

रमलू नै ब्लड टेस्ट करवाया। रिपोर्ट मैं आया A+

रमलू नै या सोच कै बड़ा अचंभा हुए अक कामयाबी 

तो रग रग मैं दौड़ मार रही सै तो स्कूल मैं C ग्रेड

 क्यों मिलता रहा?

[03/07, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 777

रमलू  -पहलम  मैं अपनी बीवी नै  बीए करवाऊँगा 

फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा 

कमलू  बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै  उसका  ब्याह भी करवा दिए ।

[04/07, 6:20 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 778

एक ट्रेन बहुत देर बाद चली।

मुस्लिम बोला: या अली बला टली। 

हिंदु बोला: जय बजरंग बली। 

रमलू बोला: अरे अली और बली, ट्रेन अपनी नहीं, साथ वाली चली।

[04/07, 6:21 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 779

सत्संग चल रहा था


पंडित जी बता रहे थे

जो नर है वो अगले जन्म में भी

नर ही बनेगा और जो नारी है

वो अगले जन्म में भी नारी ही

बनेगी ! धमलो उठकर जाने लगी तो पंडित जी ने पूछा क्या हुआ?

धमलो बोली - जब अगले जन्म में भी रोटियां ही बनानी है तो सत्संग सुनने का क्या फायदा?

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