बुधवार, 23 अगस्त 2023

951 से 968

 [19/08, 7:11 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 950

कमलू (रमलू तैं)- तूँ यो  चाकू क्यों उबालै सै ?

रमलू - सुसाइड करण की खात्तर ।

कमलू- तो फिर उबालण की के जरूरत सै?

रमलू - मरे पाछै कदे इन्फेक्शन ना होज्या खामखा दुखी करैगी ।

[19/08, 7:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 951

रमलू- डॉक्टर साहब के आप मेरी बीमारी का पता लगा सको हो ?

डॉक्टर- हाँ! तुम्हारी आँखें बहुत कमजोर हैं।

रमलू - इतना फटाक दे सी क्युकर बेरा पाड़ लिया ?

डॉक्टर- तुमने बाहर बोर्ड पर नहीं पढ़ा कि मैं जानवरों का डॉक्टर हूँ ।

[20/08, 5:09 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 952

रमलू के पां पै नाग लड़गी। रमलू-पैर आगै करकै, ले काटले जितना काटना सै। नाग नै 5-6 डंक और मारे अर बोली तूँ माणस सै अक भूत?

रमलू- सूँ तो माणस , फेर मेरा यो पां नकली सै।

[20/08, 5:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 953

कमलू- इस साल छुटियाँ का के प्लान सै?

रमलू- कुछ खास नहीं , पाछले साल यूरोप नहीं गये थे, इस साल अमेरिका कोणी जावां ।

[20/08, 5:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 954

रमलू 

"डॉक्टर- मुबारक हो, आप के घर लड़का 

पैदा हुआ है- 

रमलू --अरे, यह तो कमाल की टेक्नॉलॉजी है। 

बीवी मेरी हॉस्पिटल में है और बच्चा घर में पैदा 

हुआ है।

[20/08, 5:14 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 955

धमलो के पास एक अनजान नम्बर से फ़ोन आया। 

माणस- हैलो

धमलो- कोण सो थाम?

माणस- मेरी बात सुणो।

धमलो- मनै कुछ नहीं सुनना सानना। मैं शादी शुदा सूँ अर मेरे धोरै बहोत बढ़िया पति सै।

माणस- वो पति म्हारे पास है। मैं थाणे तैं बोलूं सूँ।अपने पति नै लेजाओ, छोरी छेड़ता पकड़या गया था।

[21/08, 5:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 956

टीचर- बताओ...सबसे चतुर प्राणी कौन सा है ?

रमलू- हिरण..

टीचर- कैसे ?

रमलू - सतयुग में प्रभु राम को फंसाया था और कलयुग में सलमान को...

[21/08, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 957

टीचर : रमलू तुम परिंदों के बारे में सब जानते हो?

रमलू : जी हां...

टीचर : जरा बताओ कौन-सा परिंदा उड़ नहीं सकता?

रमलू : टीचर, वो मरा हुआ परिंदा...!!

[21/08, 6:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 958

रमलू  नै  माँ तैं  कहया …….

तेरे लिए मेरी के  क़ीमत सै ।

माँ बोली …….

बेटा तू लाखो मै नहीं करोड़ो मैं सै ।

रमलू  बोला माँ तैं …..

करोड़ मां  तैं  200 रु दे दे नेट पैकेज  डलवाणा  सै …..

माँ ---दे थप्पड़…….दे थप्पड़ …..दे थप्पड़।

[21/08, 6:24 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 959

किडनैपर- रमलू से ,तुम्हारी पत्नी अब हमारे कब्जे में है।


रमलू ..बात करवाना जरा उस से 


रमलू  (धमलो से)- तू टीवी का रिमोट कहां रख के गई है?


😝😝😜😜😍😍

[21/08, 6:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 960

बाबू- रमलू थारा रिजल्ट आग्या के?

रमलू-बाबू एक बेड न्यूज़ ,एक गुड न्यूज..!

बाबू- गुड न्यूज के सै?

रमलू-मैं पास होग्या।

बाबू- वाह! अर बेड न्यूज़ के सै?

रमलू- गुड न्यूज गल्त सै।

[21/08, 6:29 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 961

रमलू- यार मैं घर आलयां तैं बड़ा परेशान सूँ।

कमलू-क्यों?

रमलू-रै उणनै घड़ी में टेम ए कोनी देखना आता।

कमलू-मतलब?

रमलू-रोज तड़कै मनै जबरदस्ती ठा दे सैं और कहवैं सैं --

उठ जा देख कितना टेम होग्या!!

[22/08, 6:17 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 962

टीचर : 1869 में क्या हुआ ?


कमलू :- गांधीजी का जन्म!


टीचर :- बिलकुल सही. बैठो निचे ..


टीचर :- रमलू तू बोल.. 1872 में क्या हुआ…?


रमलू - गांधीजी 3 साल के हो गए… मैं भी बैठू क्या?

[22/08, 6:21 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 963

धमलो :- सुनिए जी, 

उठ जाइए.. 

मैं रोटी बना रही हूं..


रमलू :- .. . तो,     मैं कौन सा..

.

.

 'तवे' पै लेटरया सूँ . ...

[22/08, 6:23 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 964

रमलू मास्टर जी एक होटल में ख़ाली कटोरी में रोटी डुबो-डुबो कर खा रहे थे।


वेटर ने पूछा:

मास्टरजी ख़ाली कटोरी में कैसे खा रहे हैं?


रमलू मास्टर जी:

भइया, हम गणित के अध्यापक हैं।

दाल हमने ‘मान ली’ सै ।

[23/08, 6:12 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 965

ठेकेदार से 'बात' हो जाने पर, रमलू ने साहब को बता कर फाइल रखी, साहब 

ने लिखा "Approved"

...दो दिन बाद, ठेकेदार वादे से मुकर गया....

रमलू ने साहब को बताया, साहब बोले-अब क्या करें?

रमलू के दिमाग का कमाल देखिये---रमलू ने कहा-सर, Approved के पहले Not शब्द लिख दीजिए...

"Not Approved"

अब ठेकेदार परेशान

..फिर रमलू से मिलकर 'बात' बनाई...

रमलू ने फिर साहब के सामने फाइल लेकर पहुंचा....

साहब झल्लाये.....अब क्या करें? फिर रमलू के दिमाग का कमाल देखिये.....रमलू ने कहा, सर, Not में केवल e: लगा दें ,अर्थात.....

'Note: Approved'

आप ही बताइए कौन देश चला रहा है ?

अफसर  करें  न अफसरी,

वर्कर करें  न वर्क ।

दास मलूक कह  गये,

सब कुछ  करें  क्लर्क ।

[23/08, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 966

एक बार रमलू को और उसके साथ काम करने वाली एक महिला को डाकू पकड़ लेते हैं;


डाकू (महिला से)- तेरा नाम क्या है?


महिला - मीना!


डाकू- मेरी बहन का नाम भी मीना था, इसीलिए जा मैं तुझे जिंदा छोड़ता हूँ!


डाकू (रमलूसे)- तेरा नाम क्या है?


रमलू - मेरा नाम रमलू है, लेकिन लोग प्यार से मुझे मीना कहते हैं!

[23/08, 6:15 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 967

फ़ौज की ट्रेनिंग के दौरान मेजर ने रमलू से पूछा;


मेजर: यह हाथ में क्या है?


कमलू: सर ये बंदूक है!


मेजर: ये बंदूक नहीं, हमारी इज्जत और शान है, तुम्हारी मां है!


उसके बाद ऑफिसर दूसरे सैनिक रमलू के पास गया उससे भी वही सवाल पूछा;


मेजर: यह हाथ में क्या है?


रमलू: सर ये कमलू की मां है, और हमारी आंटी है

[23/08, 6:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 968

एक बार रमलू को जोर-जोर से रोता हुआ देख कमलू ने उस से पूछा;


कमलू: तुम क्यों रो रहे हो?


रमलू: मेरे पडोसी रामू का हाथी मर गया है!


कमलू: तो तुम क्यों रो रहे हो, क्या तुम उस हाथी से बहुत प्यार करते थे?


रमलू: नहीं!


कमलू: तो फिर तुम क्यों रो रहे हो?


रमलू: मुझे उसकी कब्र खोदने का काम मिला है!

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