[14/06, 5:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 701
बाबू - रमलू 5 के पाछै के आवै सै ?
रमलू - 6 अर 7 बाबू
बाबू- शाबाश ! बेटा मेरा तै बहुत
इंटेलीजेंट सै। अच्छा तो 6, 7 के बाद
रमलू - 8, 9, 10
बाबू-अर उनके पाछै ?
रमलू - और उसके पाछै
ग़ुलाम, बेगम और बादशाह...!!!
[15/06, 5:34 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 702
कमलू -- रमलू सुण्या सै 100 करोड़ की गैस सब्सिडी ख़तम करावण की खातर 250 करोड़ खर्च कर दिए ।
रमलू -- कमलू तेरै चूरने क्यूँ होरे सैं । 250 करोड़ मैं सही फेर करा तो दी ।
[15/06, 7:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 703
अपनी सोच --------------------------------------------
दो ट्रक डलेवर एक संग्राहलय देखण चले गये | उड़े एक कंकाल पर लिख्या था," बी सी १५६० |
"शायद यो ट्रक तैं दब कै मारे औड माणस का कंकाल सै |" एक डलेवर बोल्या |
" हाँ ! अर यहाँ उस ट्रक का नंबर भीलीख राख्या सै "| दूसरे डलेवर नै सैड दे सी कहया |
[15/06, 7:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 704
समझ अपनी अपनी
एक बूढी महिला नै इंडियन एयर लाइन्स के दफ्तर मैं फोन करया अर बूझ्या ,
" दिल्ली तैं कलकत्ता जवान आला जहाज कितना टेम लेवै सै ?"
"एक मिनट |" कहकै एयर लाइन्स का कर्म चारी अपनी समय तालिका देखण लाग्या |
दूसरी तरफ तै आवाज आई ," धन्यवाद " अर महिला नै फोन धर दिया |
[15/06, 7:18 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 705
लठ की भाष्या
एक बै रमलू खेत मैं रेडियो सुनै था। रेडियो पै एक लुगाई बता वै थी अक , बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली मैं पारलियामेंट … रमलू नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत मैं जावन लाग रहया सै । रमलू छोह मैं आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , लवै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतावां मैं के तेरा मुंह दुखै था ।
[16/06, 5:34 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 706
कमलू नै बूझ्या - रै रमलू चाय में अदरक गेरया भी करै अक न्यौ ए लिख राख्या सै?
रमलू - कमलू विश्वास कर
सारे चाय बेचण आले झूठ नहीं बोलते!
[16/06, 5:36 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 707
घणा कम ये तोलैं , घणी झूठ ये बोले
मजहब पै ये डोलैं , देश के किवाड़ खोलैं
बदेशी पूंजी नै बुलावैं , राष्ट्र भगत कुहावैं
के के गुल खिलावैं , घने मानस मरवावैं
[16/06, 5:37 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 708
रमलू- माँ तेरा ब्याह किस गेल्याँ होया था ....
माँ -- मरज्याणे तेरे बाबू गेल्याँ , और किस गेल्याँ होना था ....
रमलू - यो बी किमैं ब्याह हुया ..??
--घर के घर मैं करवा लिया , और के गुहांड के लोग मरगे थे ..!!!
[16/06, 5:38 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 709
टीचर – रमलू यमुना नदी कहॉं बहती है ?
रमलू – जमीन पै जी।
टीचर – नक्शे में बताओं कहॉं बहती है ?
रमलू – नक्शे मैं क्युकर बहै सकै सै गुरु जी ? नक्शा गल नहीं जावैगा?
[16/06, 5:40 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 710
चुटकुला तो इसको कहते हैं 😂😂😂
एक लड़की अपने बूढी दादी के साथ ''बरामदे'' में बैठी थी
तभी वहां उसका ''बॉयफ्रेंड'' आ गया !
लड़की अपने बॉयफ्रेंड से -- क्या आप ''रामपाल यादव'' की बुक dad is at home लाये हो ?
बॉयफ्रेंड -- नहीं मैं तो ''कीमती आनंद'' की where should i wait for u किताब लेने आया हूँ !
लड़की -- नहीं मेरे पास तो ''प्रेम बाजपेयी'' की under the mango tree है !
बॉयफ्रेंड -- ठीक है तुम आते समय ''आनंद बक्शी'' की call u in five mnt लेती आना !
लड़की -- ok मैं ''जॉन इब्राहिम'' की I wont let u down जरूर लेती आउंगी !
लड़का लड़की की दादी के ''चरण स्पर्श'' करके चला जाता है !
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दादी बोली -- बेटी ये लड़का इतनी ''ढ़ेर सारी'' किताबे पढ़ कैसे लेता है ?
लड़की -- दादीजी ये हमारी क्लास का सबसे समझदार और intelligent लड़का है !
दादी -- तो बेटी इसको कहना एक बार ''मुंशी प्रेमचन्द'' की old people are not stupid भी पढ़ ले ! ...😜😂😂😂😂😂😂😜😜😜
[16/06, 7:02 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 711
मास्टर जी --- कौनसी किताब थाम नै ज्यादा मदद करै सै ?
रमलू -- साच बोलूँ अक झूठ ?
मास्टर जी --साच बोल बेटा |
रमलू --- मेरे बाबू की चैक बुक |
[16/06, 7:10 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 712
फोटोग्राफर की इसी तीसी होरी सै ---------------------------
रमलू नै अपने दोस्त कमलू तैं बूझ्या अक ," यार के बात सै आजकाल भाभी अक्सर चुपचाप रहवै सै ?"
कमलू बोल्या ," असल मैं एक दिन जब हम दोनों फोटो खिचवा वन लागरे थे तो फोटोग्राफर नै तेरी भाभी ताहीं कह दिया अक जब आप चुप रहती हैं तो एकदम कैटरीना कैफ लागो सो |
[16/06, 7:11 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 713
रमलू अर ग़ालिब ---------------------------------------------------
रमलू नै अपने बेटे ताहीं कहया ," बेटा किसी संस्कारी घर का बालक इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता |
तूं भी मत करया कर |
" पर बाबू ! ये तो ग़ालिब के शब्द सें |" बेटे नै सफाई दी |
"ठीक सै ! आज तैं तूं उसकी साथ खेलना बंद करदे |"रमलू नै उल्गे कालजे तैं कहया |
[16/06, 2:19 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: कमलू--और सुना यार घराली तैं तकरार खत्म हुई अक नहीं?
रमलू--अबे घुटनों पर चलकर आयी मेरे पास, घुटनों पर।
कमलू--के बात करै सै?असल मैं?
रमलू--और नहीं तो के?
कमलू--फेर के बोली?
रमलू--बोली, बेड के नीचे से बाहर आज्या! पक्की बात सै, ईब नहीं मारूंगी।
[16/06, 2:22 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: कमलू--कुछ काम करो।
रमलू--मैं गर्मियां मैं कोये काम नहीं करया करदा।
कमलू--अर जाड्यां मैं के काम करया करै?
रमलू--गर्मी आवण का इंतजार।
[16/06, 2:30 pm] Dr. Ranbir Singh Dahiya: रमलू--भाई, सभ्यता अर शिष्टाचार के तो बख्तै कोण्या रहे।
कमलू--क्यों के होग्या?
रमलू--काल , वो ठमलू आया था, मनै कहया अक चा मंगवाऊं तो झट हां भर दी उसनै। तूँ ऐ बता -मेरा फर्ज बूझण का था तो उसका भी नाटण का नहीं था के?
[17/06, 6:11 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 717
रमलू : आज मेरी बकरी ने अंडा दिया है.
कमलू : पागल हो गये हो क्या बकरी कभी अंडा देती है?
रमलू : भाई हम वीआईपी लोग हैं, हमारी मुर्गी का नाम बकरी है।
[17/06, 6:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 718
अध्यापक- जवानी और बुढ़ापे में क्या फर्क होता है ? . . . .
रमलू - जवानी में मोबाइल में हसीनों के नंबर होते हैं, और बुढ़ापे में हकीमों के |
[17/06, 6:25 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 719
दिल्ली में...
बेटा: पापा आज बहुत गर्मी है..!
पापा: ओहो मेरे बेटे को गर्मी लग रही है।
बेटा हम आज ही ए.सी. लगवाएँगे..!
.
.
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इधर हरियाणा में...
बेटा: बाबु मैंने घणी गर्मी लाग्गै है.!
बाबु: आच्छया,, चाल तनैे गंजा करवा कै ल्याउंगा.!
[17/06, 6:27 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 719
दस साल का रमलू बहुत ध्यान से एक किताब पढ़ रहा था, जिसका टाइटल था, 'बच्चों का पालन-पोषण कैसे करें'?
मां: तुम इस किताब को क्यों पढ़ रहे हो?
रमलू : मैं ये देखना चाहता हूं कि मेरा पालन-पोषण ठीक से हो रहा है या नहीं ?
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