[17/06, 6:27 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 720
रमलू : सिस्टर मुझे एक बोतल खून दे दो।
सिस्टर: ब्लड ग्रुप बताओ?
रमलू : कोई भी चलेगा।
सिस्टर: कैसे?
रमलू : गर्लफ्रेंड को लव लैटर लिखना है।
[17/06, 6:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 721
माँ बेटे से - बेटा सेब खालो बेटा बोलता है- ना माँ फिर बोलती है -बेटा, केला खालो बेटा बोलता है - नही माँ (गुस्से मे) - तु , अपने बाप पर गया है, चप्पल ही खायेगा
[17/06, 6:28 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 722
हड्डियों के विशेषज्ञ दो डॉक्टर सुबह- घूमने निकले।
आगे एक आदमी लंगड़ाता हुआ जा रहा था।
एक डॉक्टर बोला, "लगता है इसकी टखने की हड्डी टूटी हुई है।"
दूसरा डॉक्टर बोला, "नहीं यार, घुटने की हड्डी टूटी है।"
दोनों में बहस होने लगी। आखिर तय हुआ कि उसी व्यक्ति से पूछा जाए।
एक डॉक्टर ने पूछा, "भाईसाहब, आपकी घुटने की हड्डी टूटी है या टखने की?"
आदमी ने गौर से डॉक्टर को देखा और बोला, "मेरी न तो घुटने की हड्डी टूटी है और न ही टखने की, मेरी तो बस चप्पल टूट गयी है।
[17/06, 6:30 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 723
एक कंजूस माणस ---- के पियोगे भाई , ठंडा अक गरम
महमान ---- जी दोनु मंगवा ल्यो
कंजूस माणस ---- रामू न्यूं कर एक ठंडा अर एक गरम ,
ग्लास पानी का ले आ
[17/06, 6:31 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 724
रमलू --- छोरी फंसानी आवै सै ?
कमलू --- ना |
रमलू ---एक कागज का जहाज बना , जिब मास्टर जी आवें तो उस नै क्लास मैं उड़ा दिए अर मास्टर जी बूझें तो उस छोरी का नाम ले दिए| बस फँसगी छोरी
[17/06, 6:32 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 725
मास्टर जी --- कौनसी किताब थाम नै ज्यादा मदद करै सै ?
रमलू -- साच बोलूँ अक झूठ ?
मास्टर जी --साच बोल बेटा |
रमलू --- मेरे बाबू की चैक बुक |
--
[17/06, 6:33 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 726
रमलू फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूट बैठ ग्या बात करण का |
अम्बानी जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक किस करना मेहनत सै अक या मजा सै ?
रमलू बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?
अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |
रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै थाम भी मेरे पै ए करवांदे||
[18/06, 4:59 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 727
बादाम
रमलू बादाम खान लागरया था ।
धमलो बोली:: मनै भी taste करादयो ।
रमलू नै एक बादाम दे दिया
धमलो : : बस एक
रमलू :: हाँ, बाकी सबका भी इसा ए टेस्ट सै।
[18/06, 5:00 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 728
मास्टरजी -- नेपोलियन की मृत्यु किस लड़ाई में हुई?
रमलू परीक्षार्थी --. उसके जीवन की आखिरी लड़ाई में ।
[18/06, 5:04 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 729
साधु:
साधु:: बच्चा तुझे स्वर्ग मिलेगा । लाओ कुछ दक्षिणा दे जाओ।
रमलू:: ठीक सै दक्षिणा मैं थारे ताहिं मनै दिल्ली दे दी।
आज तैं दिल्ली थारी होली।
साधु:: दिल्ली क्या तुम्हारी है ? जो मुझे दे रहे हो??
रमलू:: तो यो स्वर्ग के थारे बाबू नै खरीद राख्या सै , जो थाम उड़े के प्लाट ऑड़े बाँटन लागरे सो???
[18/06, 6:21 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 730
मजदूर ने मालिक से कहा , " मालिक ,मुझे अभी दस रूपये दे दीजिये | शाम को मजदूरी मैं तैं काट लियो |"
इब्ब ऐ तो कोन्या दे सकदा , क्योंकी दस रूपे टूटे कोन्या |" मालिक नै कहया |
मजदूर बोल्या -- मनै टूटे रूपे नहीं साब्बत ही चाहियें
[18/06, 6:21 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 731
दो बेकार दोस्त
दो बेकार दोस्त थे कुछ काम नहीं मिल रहा था . चलते चलते एक तलब किनारे आये . एक बोर्ड पर नज़र पडी .”डूबने वाले इन्सान को बचाने वाले को 500 Rs इनाम 'एक दोस्त को तैरना आता था दुसरे को नहीं जिसको तैरना आता था उसने दुसरे से कहा " तुम तालाब में कूदो और बचाओ बचाओ चिलाओ मैं तुम्हें बचाऊँगा 500 मिलेंगे 250 तू लेना 250 rs मैं लूँगा ' वह कूद गया . पर उसके चिलाने पर भी उसके दोस्त ने उसे निकालने से ना कह दिया | वह बोला तेरे पानी में कूदने के बाद मैंने दूसरा बोर्ड देखा ------
लहाश (डैड बॉडी ) को बहार निकालो और 1000Rs पाओ .
[18/06, 6:22 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 732
मक्खन सिंह की बहू दूध बिलोवे थी | थोड़ी सी हान मैं जद मक्खन बिलोवानी मैं तैरण लाग्या तो वा अपनी सास नै बोली " माँ जी इब मक्खन तैरण लाग्या सै |
सास नै डांट मार कै कहया ," तनै बोलन का शउर नहीं सै के ? अपने सुसरे का नाम लेंते होयें तनै शर्म नहीं आंती ? बहू चुप रैहगी | अगले दिन उसे ढाल जब दूध बिलोवन पै मक्खन तैरण लाग्या तो बहू बोली , माँ जी , देखो नै बिलोवानी मैं पिता जी तैरें सें|
[18/06, 6:22 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 733
शिक्षक नै छात्रों तैं बूझ्या --किस चीज मैं विटामिन सी सभ तैं फालतू होवै सै ?\
" मिर्च मैं " एक छात्र नै बताया |
"ओ क्यूकर ?" शिक्षक नै बूझ्या |
" मिर्च खान्ते की साथ सारे लोग सी सी करण लाग्ज्याँ सें |" छात्र नै कहया |
[19/06, 5:39 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 734
रमलू नै लाटरी जीती,
पंडित ने कहा कुछ भगवान् को भी दो ...
रमलू नै सारे रूपये हवा में उडाये और बोल्या "राम जी तनै जितने चाहिए राख ले, जो नीचे गिरेंगे वो मेरे...
[19/06, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 735
दादा:- "पढाई किसी चाल रयी सै
रमलू :- दादा वा तै चालदी चालदी मैरे
तै घणी दूर जा ली
[19/06, 6:49 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 736
रमलू-देश का कूड़ा हो लिया ।
कमलू-सारी हाण चौभे मत ठोकया कर।
रमलू- उस दिन मानैगा जब तेरे वारंट आ लेंगे।
[19/06, 6:53 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 737
सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर--क्या पेशेंट बेड नंबर 23 को होश आ गया ?
जूनियर डॉक्टर (कोटा टॉप )--
क्या वो बेहोश था ! मेने तो उसका पोस्टमॉर्टम करवा दिया है।
[19/06, 7:03 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 738
रमलू के छोरे नै बूझ्या - बाबू टेलीफोन के तार इतने उंचे क्यों होते है ?
रामलू नै कहया - बेटा ! इसलिए कि उनमें आने वाली बात को कोई सुन न ले |
[20/06, 4:58 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: रमलू कमलू तैं-- जै कोये घणी दारू पीवै सै तो उसनै डाँटो मत।
कमलू-- और के करां?
रमलू-- उसकी--बस दारू पी ल्यो!
⚖️याद रहवै -- हमनै बीमारी तैं लड़ना सै --बीमार तैं नहीं⚖️
[20/06, 5:01 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 740
रमलू कमलू तैं: तुम एक हाथ तैं कार चला सको सो?
कमलू: क्यों नहीं !
रमलू: तो न्यों कर एक हाथ तैं अपनी नाक साफ़ करले । घणी वार की बहन लागरी सै।
[20/06, 5:01 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: धमलो रमलू की कान्हीं कुछ देर देखे पाछै बोली: थाम चाहे कुछ भी हो पर झूठे कति नहीं सो।
रमलू: तनै क्यूकर बेरा पाट्या?
धमलो : थाम ही तो शादी तैं पहलम कहया करदे अक थाम मेरे पति बनने लायक नहीं सो ।
[21/06, 5:16 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 742
मास्टरजी कक्षा में रमलू से पूछता है।
.
मास्टरजी - समुन्दर में नींबू का पेड़ हो
तो तुम नींबू कैसे तोड़ोगे?
.
रमलू - चिडि़या बणकै ।
.
मास्टरजी - तुझे चिडि़या तेरा बाप बनाएगा?
.
रमलू --समुन्दर में पेड़ के आपका बाबू लावैगा ?
[21/06, 5:17 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 743
रमलू :– कुत्ता आया सै धमलो जा एक रोटी लिया ।
धमलो :– रोटी तो कोण्या ---
रमलू :– तो लठ लिया खाली कोण्या जाण देवां। ।
[21/06, 5:18 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 744
मैडम क्लास का group photo बच्चों को दिखाकर
बोली- जब तुम बड़े हो जाओगे तो इस photo को
देखकर कहोगे.,
ये रहा कमलू जो अमेरिका चला गया.,
ये रहा ठमलू जो London चला गया., और ये रहा
रमलू जो यहीं का यही रह गया.. ये बात सुनकर
रमलू बोल्या - और या रही म्हारी मैडम जिनका देहांत
हो गया..
दे चप्पल---दे चप्पल--- दे चप्पल----
[21/06, 5:23 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 745
मास्टरजी – “मेरे पापा काम पर गए हैं” – इसका future tense बताओ ?
रमलू – वो कल भी जायेंगे ….. किसी के बाप में हिम्मत हो तो रोक के दिखाए ….!!!
[21/06, 5:27 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 746
रमलू नै बाबू ताहीं कहया, ”डॉक्टर नै कहया था अक दो हफ्ते मैं मनै पैरों पै खड़या कर देगा।”
बाबू बेटा रमलू के वो कर पाया ?”
”हां, बाबू उसका बिल भुगतान की खातर मनै अपनी कार जो बेचनी पड़ी |
[21/06, 6:46 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 747
एक फन्ने खां शहरी हरयाणा के एक गाम मैं पहोंच गया| उसकी गलत फहमी थी अक गामोली माणस सिंपल से हुया करैं अर उनका बेकूफ आसानी तैं बनाया जा सकै सै | उसनै रमलू पै उसकी झोटा बुग्गी मैं लिफ्ट मांगी अर बोल्या अरे भाई मुझे सिंघापुर जाना है | तेरी झोटा बुग्गी ले चलेगी मुझे वहां ??रमलू बोल्या --"आ ज्या बै ठ ज्या " या बात सुन कै एक बार तो हैरान रह गया फेर बूझ या कहाँ बैठूं ??
इतनी सु न कै रमलू बोल्या -" आ ज्या झोटे के दोनों सींगों के बीच मैं आ कै बैठ ज्या , सैड दे सी पहोंच ज्यागा सिंघापुर |
[21/06, 6:48 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 748
एक बूढ़े पहलवान नै भीड़ को संबोधित करते होयें कहया ,
" मेरे मैं इबी उतनी ए ताकत सै जितनी जवानी के दिनों
मैं थी |"
"वा क्यूकर ?" एक माणस नै बूझ ली |
" वो बड़ा सा पत्थर देखो सो ना | मैं उसनै जवानी मैं बी
ठाया करदा अर इबी ठाऊँ सूँ | वो ना तो जवानी मैं
उठया अर ना बुढ़ापे मैं |"
[23/06, 6:35 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 749
रमलू-- ये बीमा आले बड़े कमाल के होंसैं।
कमलू--क्युकर?
रमलू--दूसरे की बीवी धोरै बैठ कै उन ताहिं उनके पति के मरण पाछै होवण आले फायदे समझावैं सैं ।
[23/06, 6:43 am] Dr. Ranbir Singh Dahiya: 750
एक बार बस के कंडक्टर ने रमलू से पूछा- तुम हर रोज
दरवाजे के पास ही खड़े रहते हो तुम्हारा बाप
चौकीदार है क्या?
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रमलू के घाट था
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रमलू बोल्या --तुम हमेशा मुझसे पैसे मांगते रहते हो, थारा बाप भिखारी सै के ?
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