मंगलवार, 27 नवंबर 2012

murad

तेर्री मुराद थी कि मेरा दम तेरी बाँहों में निकले
कितना इंतजार किया ऑंखें बंद होने से पहले
कुछ लम्हे इंतजार में कुछ ये आहों में निकले
नहले पे दहले  जनाब मेरी निगाहों में निकले 



bharat mahan

अमेरिकी " हमारे कुत्ते फूटबाल खेलते हैं "
जापानी " हमारी मछलियाँ डांस करती हैं "
चीनी " हमारे हाथी सायकल चलाते हैं "
भारतीय " तुम सब बेकार हो "
सभी एक साथ " वो कैसे ? "
भारतीय " हमारे गधे जुगाड़ तैं  पूरा देश चलाते हैं "

सोमवार, 26 नवंबर 2012

do ghoont

दो घूँट  
मेजर - ''इतनी क्यों  पिया करै  ? तनै  बेरा सै  अक  जै  तेरा रिकाट ठीक रह्या होन्ता तो ईब ताहिं तूँ सुबेदार होग्या होन्ता । ''जवान - ''माफ करियो  सर जी , असल मैं बात या सै अक जिब मेरै भित्तर दो घूँट पहोंच ज्यावें सै तो मैं अपने आप नै कर्नल समझन लाग्जयां सूँ ।  

मंगलवार, 25 सितंबर 2012

machhardani

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bahar bhitar

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naseehat

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Dhobee

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TISKO

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रविवार, 23 सितंबर 2012

ANDA AUR SATE

अंडा अर सते 
एक ग्राहक नै अंडे बेचन आले सते तै बूझ लिया ," के तनै कदे सोच्या सै अक इस अंडे महां तैं बच्चे लिकडें क्यूकर सें ? सते बोल्या, " हाँ सोच्या तो सै | इस बात पर मनै अचरज भी होवै सै अक यो बच्चा अंडे कै भीतर बडै क्यूकर सै ?

SHESHE KA GHAR

रमलू नै अपने पडौसी पर रौब गाँठतें हुए कहया ," जिसका घर शीशे का हो सै ---------|"
वो खिडकियां के परदे ठीक कर कै कपडे बद ल्या करै |" पडौसी नै सैड दे सी बीच मैं ए टोक दिया रमलू

CHAUDHARY SAHAB

चौधरी साहब अपनी पत्नी और ग्यारह बालकों के साथ सर्कस देखण गये लाल किला मैदान के धोरै पहोंचे | एक हरयाणा का सिपाही टकर ग्या |चौराहे पै उस सिपाही नै रोक लिया | चौधरी साहब नै छोह मैं आ कै बूझ्या ," आखिर म नै करया के सै ?"
" कुछ ना कुछ पवाडा तो रचे राख्या सै जो या इतनी भीड़ तनै घेर री सै |" सिपाही नै अकड़ कै कहया |

Narak ka ticket

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TAXI DRIVER

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शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

yudhistar

रमलू नै अपने बाबू तैं बूझ्या -" बाबू ! यु युधिष्टर कौन था ?"
बाबू छोह मैं आ कै बोल्या -" रै निर्भाग इतना भी कोनी जान्दा ?"
जा भित्तर तैं अलमारी माँ तैं रामायण ठा कै ल्या , मैं इबबै बताद्यूं सूँ |"

JAI SHANKAR

पूजा करवा रहे पंडित जी नै गृहणी तैं कहया - "बोलिए जै शंकर "|
"शंकर " उस गृहणी के पति का नाम था | वा भला उसका नाम क्यूकर लेंती ?
बोली -" मुन्ना के पापा की जै |"
--

KAROBAR

कारोबार किसा चाल रया सै ? एक जणेने नै अपने दोस्त पै बूझ्या | " माडा कोनी कहया जा सकदा | पाछले हफ्ते ही एक लाख का आर्डर मिल्या था |
| साच !!! पर म नै यकिन कोनी आन्दा |
"यकिन आ ज्यागा | यो देख उस आर्डर का कैंसिलेशन लेटर" -- दोस्त नै कहया

imtihan

सते नै बेटे रमलू तैं बूझ्या -- के बात सा तावला क्यूकर  आग्या   ? तूं तो इम्तिहान देण गया था|
रमलू ---के करूँ ? पर्चे मैं लीख राख्या था -पीछे देखो | म नै पीछे मुड़ कै देख्या तो मास्टर जी नै परचा खोस लिया अर मैं बाहर काढ दिया

जी ट्रांजिस्टर

अपने बेटे की खातिर छोरी पसंद करण आई धमलो नै बूझ्या ---बेटी के तनै संगीत का शौक सै ? "जी हाँ मनै संगीत का बहो तै शौक सै " छोरी नै माच कै जवाब दिया | " अच्छा न्यूं बता तूं के बजाया करै ?"
छोरी सैड दे सी बोली ," जी ट्रांजिस्टर "

FOOL

मुरख
फते कितै जावन लाग रया था | राह मैं उस नै एक जगहां पै एक पत्थर देख्या जिस पर लीख राख्या था -- इस नै उलट दयो |
फते नै सोच्या अक शायद इस पत्थर के तलै कोए खास चीज हो | इस कर कै उस नै वो पत्थर उलट दिया | पत्थर कै नी चै एक कागज पै बड़े बड़े हरफां मैं लीख राख्या था - इब इस पत्थर नै पहले की ढाल धर दयो | इबै आ डै और बी मुरख आवैंगे |

पढ़ाई मैं कमजोर

पढ़ाई मैं कमजोर ----------------
अध्यापक ( छात्र के पिता जी से ) --- थारा छोरा कलास मैं सब तैं कमजोर सै | थाम कोए जुगाड़ क्यों नहीं करदे ?छात्र का पिता --घणा कसूता जुगाड़ कर राख्या सै | घर मैं दो दो गऊ सें | इस के दूध घी का पूरा जुगाड़ सै फेर बी बेरा नी इतना कमजोर क्यूं सै ?

SHU SHU

तीन मंजली ईमारत की तीसरी मंजिल तैं थोड़ा सा पानी नीचे कै जानते होए एक जनाब के सिर पै पड्या | " अरै पानी क्यूं फेंक रहे सो ?" जनाब नै चिल्ला कै रूका मारया |" माडा सोच समझ कै बोल | इस ढाल का झूठा इल्जाम मतना ला वै | मैं पानी कित फेंकूं सूँ | मैं तो अपने बालक नै शु शु करवान लाग रया सूँ |

मंगलवार, 28 अगस्त 2012

दो दो पत्नियों के राखन के मामले मैं मुकदमा चाल रहया था नफे पै | ( आज काल तो हर तीसरे घर मैं मुकदमा चाल स कै सै ) कई बरसां केस चाल्या | आखिर मैं जज नै फैंसला सुनाया ," आरोप सिद्ध ना होने कर कै नफे सिंह को बरी करया जा सै |" नफे बोल्या ," पर जज साहब म नै इतना और बता दयो अक इब मैं कौनसी धोरै जाऊं ?"
 विदाई के बखत बेटी माँ तै लिपट कै रोवन लागी तो  माँ  उसनै चुप करान्ते  होयें बोली ," बेटी , रोया नहीं करते ! खुशी खुशी जाओ ! आखिर मैं भी तो एक दिन अपने माता पिता नै छोड़ कै तुम्हारे पापा की साथ आई थी |"
बेटी सुबकती सुबकती बोली ," मम्मी तुम तो पापा के साथ आई थी ना | मैं तो एक अनजान छोरे की साथ जान लाग री सूँ ना |"
फल विक्रेता -- ( ग्राहक तैं बोल्या ) -- "साहब , ये सेब कश्मीर के सें ले ल्यो |" 
ग्राहक -- ना ना म नै बसी फल कोन्या चाहियें | वहां नहीं बिक़े तो यहाँ ठा ल्याया | या डै बेच कै हम नै ठगना चाह वै   सै  

-- 
 शहरी बेटा -- माँ म नै थोड़ा चूरन दे दो , खट्टी डकार आवैं सें |
शहरी माँ --- कोए बात ना बेटा , थोड़ी सी चिन्नी खा ले |
 एक शिक्षिका नै एक छात्र से पूछ्या ," तुमने गे पर निबंध क्यों नहीं लिख्या ?" 
छात्र ," मैडम , मनै  उस पर लिखना शुरू करया ए ठा अक वा भाज गी" 

SHADEE SHUDA

 एक शिक्षक अपनी कक्षा मैं मखियों के बारे मैं छात्रों को बतावै था अक एक अकेली माखी अपने जीवन काल मैं लाखों अंडे देवै सै |
या बात सुन कै एक छात्र नै दूसरे छात्र के कान मैं कहया ," एक एकली माखी लाखों अंडे देवै सै तो शादी शुदा माखी का तो औड ए कोन्या कोए बेरा ना कितने लाख अंडे देंती होगी |"

Gamoli

 एक गामौली पहली बरियाँ शहर मैं आया | सड़क के बीचों बीच उसनै चालतें देख कै ट्रैफिक पुलिस के जवान नै टोक दिया ," सड़क के बीच मैं क्यों चल रहे हो , किनारे किनारे चलो |"
" अरे वाह !! मनै बीच मैं चलन तैं रोकै सै अर आप चौराहे के बीचों बीच खड्या |"  गामौली नै गात डाट कै कहया | 

सोमवार, 27 अगस्त 2012

(2) Ranbir Singh Dahiya

(2) Ranbir Singh Dahiya

Greed

लालच बुरी बला --------------------------------------
बहुत पुरानी बात सै । रोहतक के एक धनी व्यापारी के रसोईघर में एक कबूतर नै घोंसला बनाया हुया था। एक दिन एक लालची कौआ उधर आ निकलया । वहां मछली को देखकर उसके मुंह में पानी भर आया। तब उसने सोचया , मुझे इस रसोईघर में घुसना चाहिए, पर कैसे?

तभी उसकी निगाह कबूतर पर जा पड़ी। उसने सोचया कि यदि मैं कबूतर से दोस्ती कर लूं तो शायद बात बन जावै ।

-- कबूतर
 जब दाना चुगने बाहर निकला तो कौआ उसके साथ लाग लिया । थोड़ी ही देर में कबूतर नै जब पीछे मुड़कै देखया तो अपने पीछे कौए को पाया।

उसने पूछा- तुम मेरे पीछे क्यों लगे हो?

कौए नै मीठे स्वर में कहया - तुम मुझे अच्छे लगते हो। इसलिए तुमसे दोस्ती करना चाहूं हूं।

कबूतर नै कहया - बात तो तुम ठीक कह रहे हो, मगर हमारा-तुम्हारा भोजन अलग-अलग है। मैं बीज खाता हूं अर तुम कीड़े खाओ सो |
कौए ने चापलूसी करते हुए कहया - कोई बात नहीं, हम इकट्ठे रह लेंगे।
शाम को दोनों पेट भरकर वापस आ गए।

व्यापारी ने कबूतर के साथ कौए को भी देख्या तो सोच्या अक शायद उसका मित्र होगा।

एक दिन व्यापारी ने रसोइए से कहया , आज कुछ मेहमान आरे सें । उनके लिए स्वादिष्ट मछलियां बनाना।
कौआ यह सब सुन रहा था।
रसोइए ने स्वादिष्ट मछलियां बनाईं।
तभी कबूतर कोए तैं बोल्या चाल अपन खाना खान बाहर चलते हैं |
मक्कार कौए ने कहया - आज मेरा पेट दर्द करै है, तुम अकेले ही चले जाओ।
कबूतर भोजन की तलाश में बाहर निकल गया।
उधर कौआ रसोइए के बाहर निकलने का इंतजार कर रहया था। जैसे ही रसोइया बाहर निकला, कौआ तुरंत थाली की ओर झप ttyटया और मछली का टुकड़ा मुंह में भरकर घोंसले में जा बैठया अर खावन लगया ।

रसोइए को जब रसोई में खटपट की आवाज सुनाई दी तो वो वापस रसोई की ओर लपकया । उसने देखा कौआ घोंसले में बैठा मछली का टुकड़ा मजे से खा रहा है।

रसोइए को बहुत गुस्सा आया और उसने कौए की गरदन पकड़ कर मरोड़ दी।

शाम को जब कबूतर दाना चुगकर आया तो उसने कौए का हश्र देखया ।
जब उसने घोंसले में मछली का अधखाया टुकड़ा पड़ा देखा तो उसकी समझ में आ गया कि उसने जरूर लालच किया होगा तभी उसकी यह हालत हुई है

BINA SOCHE SAMJHE

बिना सोचें समझें --------------------------------------------------
एक गांव में एक ब्राह्मण रहया करता। उसकी पत्नी कै कोए ओलाद नहीं थी। उसने मन बहलाने के लिए एक नेवला पाल लिया था। नेवले को ब्राह्मण के घर में घूमने-फिरने की पूरी आजादी tथी। ब्राह्मणी को नेवला बहोतै प्यारा था। 

कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणी के घर एक बेटे का जन्म हुआ। ब्राह्मण ने अपनी पत्नी से कहया अक इब महारै संतान हो गई है, इसलिए
 नेवले को घर तैं काढ दो। कहीं ऐसा न हो कि नेवला बच्चे का नुकसान कर दे। ब्राह्मणी ने ब्राह्मण की बात न मानी।

एक दिन ब्राह्मणी कुंए पर पानी भरने गई। बच्चा पालने में सो रहया था अर नेवला पालने के पास आराम कररया था।

इतने में किसी तरफ से घर में एक सांप आ गया। वह बच्चे की कांहीं काटने को बढ़या । नेवले नै यह सब देख लिया। नेवला सांप का शत्रु हो सै । नेवले ने सांप के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। घर में खून ही खून हो गया। नेवले ने बच्चे की जान बचा दी यह दिखाने के लिए वह घर के दरवाजे पै आ बैठया ।


ब्राह्मणी जब कुँए तैं पानी भरकै आई तब उसने खून से लथपथ नेवले को दरवाजे पर देखया । वह नेवले को देखकै घबरा गई और यह समझी कि उसने बच्चे को मार डाला है, इसलिए गुस्से में ब्राह्मणी ने नेवले पर पानी भरा घड़ा दे मारया । 

ब्राह्मणी रोती हुई घर के अंदर गई, देखा कि बच्चा पालने में सोया हुआ है। पास में सांप मरा हुआ पड़या है। यह देखकै वह अपनी भूल पर पछताने लगी, उसको अपनी भूल का बेरा पाट्या।

janamdin

भतेरी (अपने छोटे पुत्र से) - तूं अपने जन्मदिन पर किस-किसको बुलाना चाहवै सै ? 
बल्ले - दादा-दादी, मामा, चाचा-चाची को। आखिर मनै गिफ्ट अर रुपए तो इन्हीं लोगों से ही मिलेंगे ना ।

लठ की भाष्या

लठ की भाष्या
एक बै रमलू खेत मैं रेडियो सुनै था। रेडियो पै एक लुगाई बता वै थी अक , बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली मैं पारलियामेंट … रमलू नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत मैं जावन लाग रहया सै । रमलू छोह मैं आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , लवै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतावण  मैं के तेरा मुंह दुखै था ।

custmer care

पिया तेरी मने घणी याद आवै हो ।
रात नै नींद कति बी नहीं आवै हो ।
फोन पर बात करू जी ललचावै हो |
या कस्टमर केयर की छोरी डरावै हो |
सैड दे सी बै लैंस मने वा बता वै हो |

HANU--MAAN

रमलू नै कमलू ताहीं कहया ," अरे तनै बेरा सै के हनुमान जाट था ?"
कमलू बोल्या ," तनै क्यूकर बेरा पाट्या ?"
रमलू बोल्या ," घर आली तो राम की थी सीता अर आग हनुमान नै अपनी पूंछ में लवा ली | जाट बिना और कोए इस्सा काम कौन कर सकै सै ?

Shaharee baboo

एक शहरी बाबू जी एक गामौली तैं रास्ता बूझन लाग्या | गामौली बोल्या ," न्यूं कर तूं आगे सी जा कै सुधे हाथ नै हो लिए अर फेर बीस कदम चल कै तूं उलटे हाथ नै हो लिए |" बाबू जी बोल्या ," भाई साहब मैं तो आप से आप करके बात कर रहा हूँ और आप मुझे तूं तूं बोल रहे हो |" गामौली बोल्या ," फॉर के तनै बाबू बोलूँ ?"

सोमवार, 20 अगस्त 2012

tees ka ghata


PROFESSOR


PADHAYEE



ICE CREAM


chavanni


रविवार, 19 अगस्त 2012

दूध मैं पानी

दूध मैं पानी 
एक प्रेमी नै अपनी प्रेमिका तैं कहया," हम दोनों प्यार मैं इसे घुल मिलगे सें ज्यूकर दूध मैं पानी |"
प्रेमिका बोली ," सहज सहज बोलो वर्ना हम दोनों मिलावट के आरोप मैं गिरफ्तार कर लिए जावांगे |"

--

रोला अठन्नी का

रोला अठन्नी का 
एक छोरे नै दूसरे छोरे ताहीं कहया ," इबै इब मनै एक अठन्नी मिली सै |"
दूसरा छोरा बोल्या ,' वो तो मेरी थी |"
" झूठ मने तो दो चवन्नी मिली सें |"पहला बोल्या |
दूसरा बोल्या ," हो सकै सै अक मेरी अठन्नी पड़ कै टूट्गी हो अर दो टूक होगे हों |"

समझ अपनी अपनी -----

समझ अपनी अपनी -----------------------------------------------
एक बूढी महिला नै इंडियन एयर लाइन्स के दफ्तर मैं फोन करया अर बूझ्या ,
" दिल्ली तैं कलकत्ता जवान आला जहाज कितना टेम लेवै सै ?"
"एक मिनट |" कहकै एयर लाइन्स का कर्म चारी अपनी समय तालिका देखण लाग्या |
दूसरी तरफ तै आवाज आई ," धन्यवाद " अर महिला नै फोन धर दिया |

अपनी सोच -

अपनी सोच --------------------------------------------
दो ट्रक डलेवर एक संग्राहलय देखण चले गये | उड़े एक कंकाल पर लिख्या था," बी सी १५६० |
"शायद यो ट्रक तैं दब कै मरे औड माणस का कंकाल सै |" एक डलेवर बोल्या |
" हाँ ! अर यहाँ उस ट्रक का नंबर भी लीख राख्या सै "| दूसरे डलेवर नै सैड दे सी कहया |

कितना दम आंगली मैं

कितना दम आंगली मैं --------------------------------------
दफ्तर जावन की खातिर चौधरी साहब तिमंजली मंजिल तैं उत्तर कै जीने तैं नीचै आये | लाइट ना होवण करकै लिफ्ट काम नहीं करै थी | अपनी पत्नी ताहीं टा टा करण ताहीं उप्पर देख्या तो पाया अक उसकी पत्नी आंगली के इशारे तैं उप्पर बुला वै सै | चौधरी साहब हांफते हांफते तुरन उप्पर पोहंचे अर बूझ्या ," के बात होगी ? क्यूं बुलाया ? पत्नी मजा लेकै बोली ," कुछ बात ना थी , मैं तो देखूं थी अक इस एक आंगली मैं कितना दम सै |"

सलाहकार हरयाने के --

सलाहकार हरयाने के ------------------------------------------
एक युवती नै अपनी सहेली ताहिं कहया ," म्हारे हरयाणा मैं कितनी फिजूल खर्ची करी जावै सै ब्याह मैं | शादी के दिन लड़की का घर इतना सजावन की अर बैंड बाजे बजावन की के 
जरूरत सै |" 
दूसरी बोली ," जरूरत सै पहचान की खातिर, ताकि दूल्हा किसे दूसरे घर मैं ना जा घुसे|"
सपना फीमची का -----------------------------------------
एक फीमची --मैं सोचूँ सूँ अक प्रधानमंत्री पड़ सम्भालन की खातिर दिल्ली चाल्या जाऊं |"
दूसरा फीमची --- फेर उत जा कै करैगा के ?इब्बी तो मेरा इरादा प्रधानमंत्री पद छोडन का सै ए कोनी|" 

रविवार, 12 अगस्त 2012

RAMLOO AND GALIB


रमलू अर ग़ालिब ---------------------------------------------------
रमलू नै अपने बेटे ताहीं कहया ," बेटा किसी संस्कारी  घर  का बालक इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता | 
तूं भी मत करया कर |
" पर बाबू ! ये तो ग़ालिब के शब्द सें |" बेटे नै सफाई दी |
"ठीक सै ! आज तैं तूं उसकी साथ खेलना बंद करदे |"रमलू नै उल्गे कालजे तैं कहया |

BETE KEE TRAKKEE

बेटे की तरक्की ------------------------------------
ढोलू नै अपनी पत्नी भीमो ताहीं कहया ," म्हारा बेटा आजकल बहोत तरक्की करण लागरया सै 
|भीमो कूद कै पडी अर बोली --" वो क्यूकर ??"
" पुलिस उस ताहीं पकड़न की खातर जिस इनाम की घोसना करी थी उसकी रासी दस हजार तैं बढ़ा कै बीस हजार करदी |"ढोलू नै मांच कै जवाब दिया|

PHOTOGRAPHAR

फोटोग्राफर की इसी तीसी होरी सै ---------------------------
रमलू नै अपने दोस्त कमलू तैं बूझ्या अक ," यार के बात सै आजकाल भाभी अक्सर चुपचाप रहवै सै ?"
कमलू बोल्या ," असल मैं एक दिन जब हम दोनों फोटो खिचवा वन लागरे थे तो फोटोग्राफर नै तेरी भाभी ताहीं कह दिया अक जब आप चुप रहती हैं तो एकदम कैटरीना कैफ लागो सो |

JOOTE CHOR

जूते चोर --------------------------------------
मंदिर मैं पूजा करण गये एक आदमी की जूती किसे नै मंदिर महां तैं चोरी कर ली | वो माणस जाकै शमशान घाट मैं बैठ ग्या अर बोल्या ," मैं उसनै कित ढूंढता फिरूंगा ? आखिर एक दिन तो वो यहाँ आवैएगा |"

boojhe bina

मेरे तैं बूझे बिना -----------------------------------
बहु ने खुश होकर अपनी सास ताहीं बताया अक काल मनै एक लाटरी का टिकट खरीदया था | आज उस पर एक लाख रपईये का इनाम मिल्या सै |
सास गुस्से मैं भर कै बोली , " इनाम नै छोड़ पहलम न्यूं बता अक मेरे तैं बूझे बिना तनै एक  रपैईया   खर्च क्यूं करया ???

TWENTY RUPEES

बीस रपईये मैं चार
रमलू नै स्टूडियो के फोटोग्राफर तैं बूझ्या -- बालकां के फोटो किस रेट पर खींचो सो ?
फोटोग्राफर नै बताया ---" बीस रपईये मैं चार" 
रमलू बोल्या," ठीक सै ! मैं बाद मैं आऊंगा | इब्बे तो मेरे बस तीन ए बालक सें |

Pahalwan

पहलवान ---------------------------------------
एक बूढ़े पहलवान नै भीड़ को संबोधित करते हुए कहया ,'मेरे मैं इब्बी उतनी ए ताकत सै , जितनी जवानी के दिनों मैं थी '
"वो क्यूकर "एक माणस नै बूझ्या |
वो बड्डा सा पत्थर देख रहे सो ना , मैं उसनै जवानी मैं भी ठाया करता , इब्बी ठाऊँ सूँ | 
वो न तो तब उठता था और ना इब उठता मेरे पै "

Nalayak Beta

नालायक बेटा 
एक औरत नै अपने बेटे तैं कहया ,' तूं एकदम नालायक सै | अपने बाबू के चल चलन तैं कुछ तो सीख ले |'
'के मतलब सै माँ तेरा ?'बेटे नै हैरान होकै बूझ्या |
तनै बेरा कोनी के | तेरे बाबू के आछे चाल चलन के करकै ए तो जेल आल्यां नै उनकी आधी सजा माफ़ करदी |

FOTO DEKHOON SOON

रमलू अपनी घर आली तैं बोल्या -- री भगवान ! तूं जो अख़बार पढ़न लागरी सै वो उल्टा सै |
घराली सैड दे सी बोली ," तो के हुया ? मैं इसनै पढूं थोड़े ए सूँ , मैं तो फोटो देखूं सूँ |

bias

" चरागाह मैं घोडा और गाय घास चार रहे हैं -- इस वाक्य मैं के गलती सै ? मास्टरजी नै छात्रों तैं बूझ्या |
" इस मैं लेडीज फर्स्ट " के सिधान्त का पालन कोनी करया गया " एक छात्र नै जवाब दिया |

AMIR FAKIR

रमलू फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूत बैठग्या बात करण का |
अम्बानी जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक" किस करना" मेहनत सै अक या मजा सै ?
रमलू बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?
अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |
रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै या भी थाम मेरे पै ए करवांदे||

मंगलवार, 19 जून 2012

takat

एक बूढ़े पहलवान नै भीड़ को संबोधित करते होयें कहया ,
" मेरे मैं इबी उतनी ए ताकत सै जितनी जवानी के दिनों 
मैं थी |"
"वा क्यूकर ?" एक माणस नै बूझ ली |
" वो बड़ा सा पत्थर देखो सो ना | मैं उसनै  जवानी मैं बी
 ठाया  करदा अर  इबी  ठाऊँ  सूँ   | वो ना तो  जवानी मैं  
उठया अर ना बुढ़ापे मैं |"

कौनसी फ़िल्म

एक  युवती नै सिनेमा हाल  मैं फोन करकै 
बूझ्या -- " कौनसी   फ़िल्म लागरी  सै ?
" तेरी मांग भर दयूं |" सिनेमा के  कर्मचारी 
नै बताया |
युवती नै छोह मैं आकै कहया ," बदतमीज |"
" वा तो अगले हफ्ते लागे  गी |" उधर तैं 
आवाज  आई 

chamach

एक  आदमी नै अपनी पत्नी तैं कहया ,
" चालै नै एक कमीज खरीद लिया वाँ |" 
"क्यूं ?" पत्नी नै बूझ  लिया |
" असल मैं आजकल कमीज की साथ 
 तीन चम्मच  मुफ्त मैं दे वैं  सें | 
आज काल घर मैं चमच्यां की जरूरत सै ना| "

SAMANTA

एक  किशोरी  नै अपनी सहेली ताहीं कहया ,
" मेरी माँ अर विद्या बाल्यान मैं एक समानता सै |"
"कौनसी ?" सहेली नै बूझ्या |
" दोनूं एकै ए कंपनी के साबुन तैं नहा वें सें |"

रेफरी

फुटबाल का मैच देख रहे एक मंत्री नै रेफरी कैद इशारा करतें होयें 
खेल अधिकारी तैं कहया ," यूं कौन बदमाश सै ? खेल के मैदान मैं 
सीटी मारदा मैदान मैं आ टपकै सै |इसनै हटाओ ताकि खेल ठीक 
ढंग तैं खेल्या जा सकै |

सोमवार, 18 जून 2012

DAS ROOPAYE

मजदूर ने मालिक से कहा , " मालिक ,मुझे अभी दस रूपये दे दीजिये | शाम को मजदूरी मैं तैं काट  लियो |"
इब्ब ऐ तो कोन्या दे सकदा , क्योंकी दस रूपे टूटे कोन्या |" मालिक नै   कहया |
मजदूर बोल्या -- मनै टूटे रूपे नहीं साब्बत ही चाहियें  

बूझे आळा पंडित

बूझे आळा पंडित

गाम कै बाहर भीड़ लाग रही थी, रमलू आया खेत म्हां तैं, लाम्बा लठ ले रहया अर बोल्या - अरै के हो रहया सै ?

एक जणा बोल्या - ताऊ, यो बाहमण आगे की बतावै सै । रमलू  फेर बोल्या - हाटियो भाई मन्नै भी देखण दयो  के रोळा सै ।

रमलू बाहमण तैं बोल्या - हां भाई, तू आगे की बतावै सै ?

बाहमण - हां जी ।

रमलू  नै लठ ऊपर नै ठाया अर बोल्या - "आंच्छ्या तै, बाहमण, तू न्यूं बता यो लठ तेरे सिर में लागैगा अक गोड्यां पै ?"

बाहमण नै सोच्या, जै सिर में कहया तै यो तेरे गोड्यां नै तोड़ैगा अर अगर गोड्यां पै कहया तै यो सिर नै फोड़ैगा !

बाहमण हाथ जोड़-कै खड़या हो-ग्या अर बोल्या - "चौधरी साहब, मैं कुछ ना जानता आगे-पाच्छे की, मन्नै माफ कर दे ।"

दीवा

दीवा
एक गामौली  के बाळक ना होवैं थे । एक दिन एक भाठ आ-ग्या अर गामौली   की घराली  नै आपणा रोणा रो दिया । बाहमण बोल्या - बेटी, रोवै मतना, मैं परसों बद्रीनाथ जाऊँ सूँ, ऊड़ै तेरे नाम का दीवा जळा  दयूंगा  - अर भगवान सब भली करैंगे, चिन्ता ना करियो ।
वो बाहमण दस साल पाच्छै उस गामौली  कै घरां आया, तै देख्या अक ऊड़ै आठ-नौ बाळक हांडैं थे । उसनै पड़ौसी तैं बूझी अक ये बाळक किसके सैं ? पड़ौसी बोल्या अक महाराज ये उस्सै के सैं जिसका तू दस साल पहल्यां बद्रीनाथ में दीवा बाळ-कै आया था ।
बाहमण बोल्या - रै, यो गामौली  कित सै ?
पड़ौसी बोल्या - महाराज, वो तै कल बद्रीनाथ चल्या गया - तेरे दीवे नै बुझावण !!!

रौळा

रौळा

एक बै सरतो  घर कै भीतर आपणी छोरी गैल रौळा करै थी ।

सरतो बोल्ली - छोरी, तू काम ढंग तैं कर लिया कर, ना तै मैं तन्नै बाब्याँ गैल ब्याह दयूँगी ।

घर कै बाहर एक बाबा सारी बात सुणै था । बाबा बोल्या - माई मैं डट्टूं अक जाऊं ?

रविवार, 17 जून 2012

makkhan singh

मक्खन  सिंह  की बहू दूध बिलोवे थी | थोड़ी सी हान मैं जद मक्खन  बिलोवानी मैं तैरण लाग्या तो वा अपनी सास नै बोली " माँ जी इब मक्खन तैरण लाग्या सै |
सास नै डांट मार कै कहया ," तनै बोलन का शउर   नहीं सै के ? अपने सुसरे का नाम लेंते होयें तनै शर्म नहीं आंती ? बहू चुप रैहगी | अगले दिन उसे ढाल जब दूध बिलोवन पै मक्खन तैरण लाग्या तो बहू बोली , माँ जी , देखो नै बिलोवानी मैं पिता जी तैरें सें|  

विटामिन सी

 शिक्षक  नै  छात्रों तैं बूझ्या --किस चीज मैं विटामिन सी सभ तैं फालतू  होवै सै ?\
" मिर्च मैं " एक छात्र नै बताया |
"ओ  क्यूकर ?" शिक्षक नै बूझ्या |
" मिर्च खान्ते की साथ  सारे लोग सी सी करण  लाग्ज्याँ सें |" छात्र नै कहया |

KANJOOS


एक कंजूस माणस ---- के पियोगे भाई , ठंडा अक गरम 
महमान  ---- जी दोनु मंगवा ल्यो 
कंजूस माणस ---- रामू न्यूं कर एक ठंडा अर एक गरम ,
 ग्लास पानी का ले आ 

PICHHANYA

सत्तू राह मैं जांदी होई छोरी तैं बूझन लाग्या --तूं मनै जानै सै ?
कमली -- ना , कौन सै तूं ?
सत्तू -- मैं ओये सूँ जो तनै दो दिन पहलम बी नहीं पिछान्या था |

KITNA CHAHVAI SAI

एक औरत --- तूं मनै कितना चाहवै सै ?
रमलू --- शाहजहाँ तैं भी फालतू औरत --- फेर तूं मेरे मरें पाछै ताजमहल बन्वावैगा ?
रमलू ---हाँ मनै प्लाट तो ले राख्या सै बस तेरे मरण की बाट देखूं सूँ |

pandav

मास्टर जी ---धिरतराष्ट्र कै १०० बालक थे अर पांडव कै पाँच , इसा क्यूं था ?
रमलू --- मास्टर जी साँझ नै ज्योत बाल कै कृशन जी महाराज धोरै बूझुंगा फेर बताऊँगा 

KHABAR

रमलू ---अच्छी खबर बी सै अर भुंडी बी |
थमलू---इसी के खबर सै ?
अच्छी तो या अक मेरी घराली का अक्सी डैन्ट होग्या अर बुरी बात या अक व बचगी |

TECHNOLOGY

नर्स --- मुबारक हो थारे घर छोरा हुया सै |
रमलू---के टकनोलोजी आगी लुगाई मेरी हस्पताल मैं अर छोरा घर मैं |||

KISS

रमलू फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूट बैथ्ग्य बात करण का |
अम्बानी जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक किस करना मेहनत सै अक या मजा सै ?
रमलू बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?
अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |
रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै थाम भी मेरे पै ए करवांदे||

Daroo

कमली --थाम देसी पी कै आवो सो तो मनै पारो कह कै बोलै सै |
अर जब अंगरेजी पी कै आवो सो तो मनै डार्लिंग कह कै बोलो सो 
फेर आज थामनै मेरे ताहीं भूतनी अर चुड़ैल क्यूं कहया ?
रमलू --आज स्प्राईट पी कै आया सूँ | सीधी बात नो बकवास ||

chhoree


रमलू --- छोरी फंसानी आवै सै ?
कमलू  --- ना |
रमलू ---एक कागज का जहाज  बना , जिब मास्टर जी  आवें तो उस नै  क्लास मैं उड़ा
 दिए अर मास्टर जी बूझें तो उस छोरी का नाम ले दिए| बस फँसगी छोरी 
 

bijali


मास्टर जी --- बालको बताओ बीजली कित तैं आवै सै ?
रमलू --- मामा के घर तैं मास्टरजी |
मास्टर जी --- क्यूकर ?
रमलू ----जब भी बीजली जावै है, मेरा बाबू कहवै है , सालयाँ नै फेर काट दी     

Kaunsee kitab


मास्टर जी --- कौनसी किताब थाम नै  ज्यादा मदद करै सै ?
रमलू -- साच बोलूँ अक झूठ ?
मास्टर जी --साच बोल बेटा |
रमलू --- मेरे बाबू की चैक बुक |
-- 

सोमवार, 30 अप्रैल 2012

andhi

आंधी चल रही ये नहीं थमीं यारो 
रात की गर्द मेरे चेहरे पे जमीं यारो 
कुछ ठूंठ खड़े हैं कहीं कहीं मेरे जैसे 
कुछ उखड़े पड़े हैं कहीं तुम्हारे जैसे 
हम सब बेचें हैं इसके थपेड़े खाकर 
तुम बैठ गये अपने महलों में जाकर 
यह आंधी आज किसे साल रही देखो 
झोंपड़ी इधर उधर उछाल रही देखो

janwar

GIN LENE DE

एक बार रमलू की घर आली चांदो रमलू तीं बोली -- अपने ब्याह नै घने ए साल होगे | आज तो थाम मने एक बात साच्ची साच बताओ 
|रमलू बोल्या -- कौनसी बात ? चांदो बोली -- थाम मने नयों बता दयो अक ब्याह तैं पहलम थारा कितनी छोरीयाँ तैं याराना था ?
या बात सुन कै रमलू एक दम चुप होग्या अर घनी ए वार ताहीं कोन्या बोल्या | 
रमलू नै चुप देख कै चांदो बोली -- तेरी बोलती बंद क्यां तैं होगी ? रमलू बोल्या -- चुप होज्या पहल्यां गिन लेन दे |

samjhoon soon

एक गुजराती बाबू के २ बालक थे |रमलू अर कमलू |
रमलू -- पापा , कमलू आपको गधे की बराबर बी कोनी समझता 
कमलू- नहीं पापा , यूं झूठ बोलै सै | मैं तो समझूं सूँ |

bharosa

मखौलिया बनिया -भगवान जै तूं मने १०० रपईये दे दे तो ५० मैं मंदिर मैं चढ़ा द्यूंगा |
थोड़ी सी वार मैं जब वो थोड़ी सी दूर गया तो ५० रपईये पागे|
मखौलिया बनिया बोल्या--वह रै राम जी ,इतना बी भरोषा कोनी करया अपने रपईये पहल्में काट लिए तनै

रविवार, 22 अप्रैल 2012

रमलू नै अपना गधा बेचना था . रमलू नै अपने सारे दोस्तों को एस ऍम एस करया ---थामनै कदे किसे गधे की जरूरत हो तो मनै याद कर लियो |
रमलू की घरआली कै एक छोरा पैदा हुया |
पैदा होंते की साथ वो नर्स नै बोल्या -- मो बा इल लेरी सै के??
नर्स बोली -- क्यूं के करेगा मो बा इल का ?? 
छोरे नै अंगड़ाई सी ली अर बोल्या --मेरी दोस्त को एक एस ऍम एस करना था |
रमलू नै अपने दोस्त ताहीं कहया -- देख वा छोरी मनै देख कै हँसन लागरी सै |

ठ्मलू नै जवाब दिया --जब मनै तूं पहली बरियाँ देख्या था तो तीन दिन ताहीं अपनी हांसी कोनी रोक पाया था |
एक गाम की नटखट छोरी डाकघर मैं मनी आर्डर करवान गयी |

पोस्ट मास्टर --मैडम यो नोट तो पाट्या औड सै | इसनै बादल दे |

नटखट छोरी बोली -- मैं अपनी मम्मी नै पीसे भेज री सूँ | फट या औड नोट भेजूं कै नया थामनै के फरक पड़े सै ?
बोस -- तुम्हें ड्राइवर की जॉब दे रहा हूँ | स्टार्टिंग सैलरी २००० रूपैये | ठीक सै ना 

हरयाणवी डॉ इवर -- यु आर ग्रेट सर ! गाड्डी स्टार्ट करने की सैलरी तै ठीक सै ---बट?? गाड्डी चलावन की सैलरी कितनी सै???